CM Bhagwant Mann का ऐलान, Punjab की 1 करोड़ महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार एक करोड़ महिलाओं को ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के दायरे में लाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये दिए जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यहां ‘रखड़ी पुनिया’ के अवसर पर योजना के तहत 5.30 लाख महिलाओं के खातों में तीन महीने की ‘सम्मान राशि’ के रूप में 181.50 करोड़ रुपये जमा किए।
इसके साथ ही योजना के लाभार्थियों की कुल संख्या बढ़कर 70.92 लाख हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक करोड़ महिलाओं को इस योजना से जोड़ने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। मान ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘बाबा बकाला साहिब से रखड़ी पुनिया के अवसर पर सभी पंजाबियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
रखड़ी पर अपनी बहनों से किया वादा पूरा करते हुए ‘सत्कार योजना’ के तहत 5.30 लाख महिलाओं के खातों में ‘शगुन’ के रूप में 181.50 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। अब तक कुल 70.92 लाख माताओं और बहनों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।’’ मान ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘आज के कई ‘मसंद’ (धार्मिक उपदेशक) इस अवसर पर धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करने के लिए रैलियां कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये लोग धर्म का इस्तेमाल कर पंजाब की जनता को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन लोग इनके बहकावे में नहीं आएंगे।’’ मान ने कहा, ‘‘आज के ये ‘मसंद’ हमले में लगी अपनी चोटें दिखाकर लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए किसी भी हद तक गिर रहे हैं।’’ मान ने शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री अगर अकाली नेताओं का हालचाल जानने के लिए फोन भी कर दें तो वे भाजपा के साथ गठबंधन के सपने देखने लगते हैं।’’ मान ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता की भूख मिटाने के लिए अकाली दल अब उस भाजपा से गठबंधन की गुहार लगा रहा है, ‘‘जो किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत की जिम्मेदार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अकाली दल और भाजपा का गठबंधन किसी विचारधारा पर आधारित नहीं होगा। इसका एकमात्र मकसद राज्य की सत्ता हासिल करना होगा लेकिन लोग इन दलों के बहकावे में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें करारा जवाब देंगे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भाजपा किसी भी राज्य में जीत सकती है लेकिन उसे महान गुरुओं, संतों, पैगंबरों और शहीदों की इस धरती पर जीतने का सपना भी नहीं देखना चाहिए।
राज्य के लोग भाजपा के दोहरे चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे उसे निश्चित रूप से सबक सिखाएंगे।’’ पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। मान ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब को पंजाब विश्वविद्यालय, भाखड़ा बांध, नदी के पानी और उसके हर जायज अधिकार से वंचित करना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘इन लोगों ने पंजाब के हिस्से का जायज अनुदान रोक रखा है ताकि राज्य के विकास को बाधित किया जा सके लेकिन भाजपा को राज्य में एक भी सीट नहीं मिलेगी और लोग उसे करारा जवाब देंगे।’’ मान ने कांग्रेस की पंजाब इकाई में जारी अंदरूनी कलह पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘वे अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए सत्ता को लेकर आपस में लड़ रहे हैं जबकि राज्य सरकार लोगों की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है।
Nepal Floods: महाराष्ट्र के 299 नागरिक सुरक्षित, 60 लोगों से संपर्क की कोशिश जारी
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद वहां फंसे महाराष्ट्र के 404 लोगों में से 105 भारत लौट चुके हैं, जबकि शेष 299 लोग सुरक्षित हैं लेकिन वे अब भी नेपाल के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए हैं। इसके अलावा 60 पर्यटकों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि त्रासदी के समय नेपाल में मौजूद महाराष्ट्र के 105 लोग भारत लौट चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ये सभी नागपुर के रहने वाले हैं और अपने तय कार्यक्रम के अनुसार घर लौटेंगे।’’ उन्होंने कहा कि मुंबई के ‘रिचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा आयोजित नेपाल यात्रा पर गए राज्य के 60 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तक महाराष्ट्र के 404 लोगों के नेपाल में फंसे होने की पुष्टि हुई है।
इनमें से 105 लोग देश लौट चुके हैं, जबकि हमारे नियंत्रण कक्ष ने शेष 299 लोगों से संपर्क स्थापित कर लिया है। ये सभी सुरक्षित हैं लेकिन नेपाल के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए हैं।’’ बुधवार को तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण तिब्बत में फंसे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालु मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार सुबह काठमांडू के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार ठाणे, पुणे, रायगढ़, अलीबाग और डोंबिवली के श्रद्धालुओं का यह समूह सुबह लगभग छह बजे सागा, तिब्बत से नायलम जांच चौकी के रास्ते रवाना हुआ और नेपाल की राजधानी की ओर बढ़ रहा है। सीएमओ के बयान में बताया गया कि उनकी काठमांडू से वापसी की उड़ान 29 अगस्त यानी शनिवार को दोपहर दो बजे निर्धारित है।
शिवसेना नेता डॉ. दीपक सावंत ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पर्वतारोही डॉ. मिलिंद चितले और उनकी पत्नी डॉ. जान्हवी के नेतृत्व में मुंबई से गए समूह से अब तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तक उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इस समूह में मेरी पत्नी की दंत चिकित्सक मित्र डॉ. मीनाक्षी रमानी और उनके दो रिश्तेदार भी शामिल हैं।’’ सावंत ने कहा कि तय यात्रा कार्यक्रम के अनुसार इस समूह को उस समय नेपाल-चीन सीमा पर स्थित जांच चौकी पार करनी थी, जब अचानक बाढ़ आई।
तब से समूह के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया है।
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