Responsive Scrollable Menu

राजीव गांधी फाउंडेशन को RTI के दायरे में लाने की मांग खारिज; दिल्ली HC का बड़ा फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने राजीव गांधी फाउंडेशन को सार्वजनिक प्राधिकरण घोषित करने वाली याचिका खारिज कर दी। याचिका में सरकारी फंडिंग और सार्वजनिक कार्यों का हवाला देकर संस्था से जानकारी मांगी गई थी।

Continue reading on the app

Nag Panchami Special: नागों की पूजा से मिलता है अभय वरदान, जानिए शुभ मुहूर्त और पूरी पूजा विधि

श्रावण मास की पंचमी के दिन नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नाग की पूजा कर उन्हें दूध पिलाया जाता है। दीवार पर नाग बनाकर भी पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में नागों को देवताओं के तुल्य माना गया है। भगवान विष्णु शेष शैय्या पर विराजमान रहते हैं तो शिवजी के तो आभूषण ही नाग हैं। यही कारण है कि शिवजी के इस मास के द्वितीय पक्ष की पंचमी को सर्पों की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस दिन आज भी गांवों में घरों को गोबर में गेरू मिलाकर लीपा जाता था। नागपंचमी के दिन एक रस्सी में सात गांठें लगाकर और उस रस्सी को सांप मानकर लकड़ी के एक पट्टे पर रखा जाता है।

नाग पंचमी पूजन विधि


हल्दी−रोली, चावल और फूल आदि चढ़ाकर नाग देवता की पूजा करने के बाद कच्चा दूध, घी और चीनी मिलाकर इस रस्सी को सर्प देवता को अर्पित किया जाना चाहिए। इस दौरान पूजन के समय सर्प देवता की स्तुति इस श्लोक से करनी चाहिए− 'अनन्तम्, वासुकि, शेषम्, पद्मनाभम्, चकम्बलम् कर्कोतकम् तक्षकम्। पूजन के बाद नाग देवता की आरती जरूर उतारें।

इसे भी पढ़ें: Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर कैसे पाएं दोष से मुक्ति, जानें Nag Panchami 2026 की पूजा विधि

नाग पंचमी व्रत कथा


एक साहूकार था। उसके सात लड़के और उनकी सात बहुएं थीं। छह बहुओं का तो मायका था, लेकिन सबसे छोटी बहू का मायका नहीं था। सावन मास लगते ही छह बहुएं तो अपने भाइयों के साथ मायके चली गईं, परंतु सातवीं के भाई नहीं था, तो कौन लेने आता? वो घर में उदास बैठी मन ही मन विचार करती थी कि मेरा मायका नहीं है। नागदेवता मुझे भी मायका देना।

इतना कहते ही नागदेवता ने दया की और ब्राह्मण का रूप धारण कर आए और सातवीं बहू को मायके के लिए लेकर चल दिए। थोड़ी दूर रास्ता तय करने पर उन्होंने अपना असली रूप धारण कर लिया, बहन मन में विचार करने लगी कि भाई मुझे लेकर कहां जाएगा। नागदेवता उसे नाग लोक में अपने घर ले आए और अपनी पत्नी से बोले कि यह मेरी बहन है, इसको अच्छी तरह से रखना, कोई दुख नहीं होने देना। एक दिन नागिन की जब प्रसूति हुई, तब वह दीया लेकर अपनी भाभी के बच्चों को देखने गई, लेकिन डर के कारण उसके हाथ से दीया गिर गया और नागिन के बच्चों की पूंछ जल गई। जिससे नागिन बहुत क्रोधित हुई और अपने पति से कहा कि आप अपनी बहिन को ससुराल भेज दो।

तब नाग देवता ने अपनी बहन को बहुत सारा धन देकर ससुराल भेज दिया। जब अगला सावन आया तो छोटी बहू दीवार पर नाग देवता बनाकर विधिवत पूजन कर मंगल कामना करने लगी। अपनी माता से पूंछ जलने का कारण जान नाग बालक जब छोटी बहू से बदला चुकाने आए, तो छोटी बहू को अपनी ही पूजा में मगन देखकर वे बहुत प्रसन्न हुए और उनका क्रोध समाप्त हो गया। नाग बालकों ने छोटी बहू के हाथ से प्रसाद रूप में दूध और चावल भी खाए। नागों ने उसे सर्पों से निर्भय होने का भी वरदान दिया तथा उपहार में बहुत सी मणियों की माला दी। और यह वरदान भी दिया कि श्रावण मास शुक्ल पक्ष की पंचमी को जो हमें भाई रूप में पूजेगा, उसकी हम सदा रक्षा करेंगे।

शुभा दुबे

Continue reading on the app

  Sports

CPL: 6 छक्के और सिर्फ 1 चौका… सुनील नरेन का विस्फोटक अर्धशतक, गेंदबाजी में भी चमके

Sunil Narine: कैरेबियन प्रीमियर लीग 2026 में एक बार फिर स्टार ऑलराउंडर सुनील नरेन का जादू देखने को मिला. उन्होंने बारबाडोस ट्राइडेंट्स के खिलाफ एक तूफानी अर्धशतक जड़ा. वहीं, विकेट भी चटकाए. Sat, 29 Aug 2026 09:25:04 +0530

  Videos
See all

Breaking News : नेपाल में त्रासदी के 70 घंटे बाद भी खौफ बाकी! | Nepal Flash Flood | China #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-29T03:39:13+00:00

Desh Ki Pathshala: China की हरकत से फिर आने वाली है Nepal में तबाही? | Flood Update | Sushant Sinha #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-29T03:38:16+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers