स्नैपड्रैगन 4 जेन-5 प्रोसेसर वाला भारत में पहला फोन लॉन्च:पोको M8x में 3 दिन चलने वाली 7900mAh बैटरी, कीमत ₹18,999 से शुरू
शाओमी की सब-ब्रांड पोको ने आज 21 अगस्त को भारत में पोको M8x 5G स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। यह देश में क्वालकॉम के लेटेस्ट स्नैपड्रैगन 4 जेन 5 प्रोसेसर वाला पहला फोन है। मिड-बजट सेगमेंट के इस डिवाइस में कंपनी ने 7900mAh की बैटरी दी है, जो फुल चार्ज पर सामान्य इस्तेमाल में 3 दिन का बैकअप दे सकती है। इसके अलावा, इसमें 6.9-इंच की स्क्रीन है। पोको M8x को दो वैरिएंट में उतारा गया है। इसकी कीमत 20,999 रुपए से शुरू होती है। लॉन्च ऑफर में फोन पर 2,000 रुपए का कैशबैक मिलेगा। फोन की सेल 27 अगस्त से शुरू होगी। डिजाइन: वेट टच फीचर के साथ प्रीमियम लेदर फिनिश पोको M8x 5G स्मार्टफोन: स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले: स्मार्टफोन में 6.9-इंच की HD+ LCD डिस्प्ले है, जिसका रेजोल्यूशन 1600 x 720 पिक्सल है। बेहतर स्मूथनेस के लिए यह 120Hz रिफ्रेश रेट और 240Hz टच सैंपलिंग रेट सपोर्ट करती है। स्क्रीन की पीक ब्राइटनेस 825 निट्स है, जिससे आउटडोर में भी स्क्रीन को आसानी से देखा जा सकता है। डिस्प्ले की सुरक्षा के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 7i का प्रोटेक्शन दिया गया है। परफॉर्मेंस: पोको M8x में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 4 जेन 5 प्रोसेसर दिया गया है, जो 4 नैनोमीटर फैब्रिकेशन पर बना है। इसकी क्लॉक स्पीड 2.4 गीगाहर्ट्ज तक जाती है। गेमिंग के दौरान फोन ठंडा रखने के लिए 12439mm² की अल्ट्रा-लार्ज ग्रेफाइट कूलिंग शीट दी गई है। फोन एंड्रॉयड 16 पर बेस्ड शाओमी के हाइपरओएस 3 पर चलता है, जिसमें 4 साल के OS अपग्रेड और 6 साल के सुरक्षा अपडेट मिलेंगे। इसमें 6GB तक की फिजिकल रैम है, जिसे वर्चुअल रैम तकनीक से 12GB तक बढ़ाया जा सकता है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप है। इसमें 50 मेगापिक्सल का मेन कैमरा है, जो ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (OIS) से लैस है, ताकि बिना हिले साफ तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड की जा सकें। इसके साथ एक सेकेंडरी AI लेंस और LED फ्लैश दी गई है। यह कैमरा 2x इन-सेंसर जूम को सपोर्ट करता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 8 मेगापिक्सल का कैमरा मिलता है। पावर बैकअप और कनेक्टिविटी: फोन की सबसे बड़ी USP इसकी 7,900mAh की विशाल बैटरी है। यह बैटरी 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके अलावा इसमें 22.5W की रिवर्स चार्जिंग तकनीक भी दी गई है, जिससे दूसरे स्मार्टफोन या एक्सेसरीज को चार्ज किया जा सकता है। कनेक्टिविटी के लिए फोन में 5G, वाई-फाई, ब्लूटूथ और वायर्ड हेडफोन के लिए 3.5mm ऑडियो जैक जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
Share Market Today: शेयर बाजार में फिर गिरावट, सेंसेक्स 50 अंक टूटा; निफ्टी 24,250 के नीचे, जानें वजह
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार की तेजी के बाद शुक्रवार, 21 अगस्त को फिर कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 50 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी 24,250 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया। अमेरिकी शेयर बाजार में पिछली रात की गिरावट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव बनाया। इसके अलावा आईटी शेयरों में बिकवाली से भी बाजार की चाल प्रभावित हुई।
सुबह 9:33 बजे सेंसेक्स 77,486.07 अंक पर कारोबार कर रहा था। इसमें 51.65 अंक यानी 0.06 फीसदी की गिरावट थी। इसी समय निफ्टी 50 24,219.20 अंक पर था और इसमें 12.65 अंक यानी 0.05 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई।
सात दिन की गिरावट के बाद गुरुवार को मिली थी राहत
घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार, 20 अगस्त को राहत देखने को मिली थी। निफ्टी में करीब 0.6 फीसदी की तेजी आई थी और सेंसेक्स-निफ्टी ने लगातार सात कारोबारी सत्रों से चली आ रही गिरावट का सिलसिला तोड़ा था।
निचले स्तरों पर निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा मिला था। इससे माना जा रहा था कि लगातार गिरावट के बाद बाजार कुछ संभल सकता है। हालांकि शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में एक बार फिर दबाव दिखाई दिया।
वॉल स्ट्रीट की कमजोरी का घरेलू बाजार पर असर
शुक्रवार की शुरुआत में भारतीय बाजार पर वैश्विक संकेतों का असर साफ नजर आया। अमेरिकी शेयर बाजार में पिछली रात कमजोरी रही, जिसका असर एशियाई बाजारों के साथ भारतीय इक्विटी बाजार पर भी पड़ा।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। तेल की कीमतों में लगातार तेजी से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। यही वजह है कि कच्चे तेल की चाल पर घरेलू शेयर बाजार के निवेशकों की नजर बनी हुई है।
IT शेयरों में भी दबाव
शुक्रवार को आईटी शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। आईटी कंपनियों में कमजोरी ने प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ाया। ऐसे में वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेत, महंगा कच्चा तेल और चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुख, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू स्तर पर आने वाले आर्थिक संकेतों पर बनी हुई है।
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