उमराह करने मक्का पहुंचीं राखी सावंत, काबा शरीफ के सामने अल्लाह से Gen-Z के लिए मांगी की दुआ
Rakhi Sawant Visited Makkah For Umrah: ड्रामा क्वीन राखी सावंत (Rakhi Sawant) आए दिन अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं. हालांकि, इस बार वजह उनका कोई बयान नहीं है बल्कि धार्मिक यात्रा है. दरअसल, इन दिनों राखी मक्का में उमराह करने के लिए गई हुई हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह बुर्का पहनी नजर आईं. जिसमें वह मक्का के सामने अल्लाह से नेपाल में आई बाढ़ के पीड़ितों की सलामती के लिए दुआ मांगती हुई दिखीं. इतना नहीं वह एक दूसरे वीडियो में देश के युवाओं की अच्छी पढ़ाई, रोजगार और बेहतरी फ्यूचर के लिए दुआ मांगती हैं. राखी के इस अंदाज को देखकर सोशल मीडिया पर मिले-जुले रिएक्शन मिले हैं.
नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए राखी ने रोते हुए मांगी दुआ
मक्का से सामने आए वीडियो में राखी सावंत नेपाल के बाढ़ के पीड़ितों के लिए रो-रोकर दुआ मांगती हुई नजर आईं. उन्होंने बाढ़ में फंसे बच्चों, बुजुर्गों और जानवरों की हिफाजत के लिए दुआ की. राखी ने कहा, 'मैं दुआ करती हूं अल्लाह नेपाल में जो बाढ़ आई है, जो तूफान आया है वो रुक जाए. वहां के बच्चे, बूढ़े जानवर सब बच जाएं. अल्लाह नेपाल में जो कहर आया है, वो थम जाए. मेरे खुदा इन सब की तरफ से मैं माफी मांगती हूं. नेपाल की बाढ़ में जो हमारे इंडियन्स फंस गए हैं, नेपाल के लोग फंस गए हैं, वो सब सही सलामत हों. नेपाल में बारिश, बाढ़ थम जाए. मेरे खुदा सबकी तरफ से माफी मांगती हूं.' दुआ मांगते हुए राखी बहुत ज्यादा इमोशनल नजर आईं. कई लोगों ने राखी के इस अंदाज को पसंद किया कि उन्होंने जानवरों के लिए भी दुआ मांगी.
What the f*** is this?
— Gaurav (@k_gauravs) August 28, 2026
Non-Muslims are strictly prohibited from entering Mecca and the Kaaba. How exactly did Rakhi Sawant manage to visit? ???????? pic.twitter.com/0A06aBy9r4
Gen-Z के मांगी यह दुआ
इसके अलावा सोशल मीडिया पर राखी का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वह देश के Gen-Z के लिए दुआ मांगती नजर आईं. उन्होंने देश के एजुकेशन सिस्टम और युवाओं के फ्यूचर को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. राखी ने कहा, 'मेरे खुदा मेरे देश को बचा लो. गलत लोगों से मेरे देश को बचा लो. मेरे देश के एजुकेशन को बचा लो. देश के Gen-Z को बचा लो. उन्हें ढेर सारी नौकरियां दो. मेरे Gen-Z को अच्छी पढ़ाई-लिखाई दो.'
'खुद की जिंदगी जियो और मां-बाप की सेवा करो.'
इसके बाद उन्होंने देश के मंत्रियों के ईमानदारी से काम करने और जेन-जी को बरकत और एजुकेशन मिलने की दुआ की. उन्होंने दुआ मांगी कि युवाओं को लाइफ में ऐसे मौके मिले, जिससे वह आगे बढ़ सकें.उन्होंने अपनी दुआ में कहा, 'मैं दुआ करती हूं कि देश के जो मंत्री हैं, वो ईमानदारी से चलें. Gen-Z को ढेर सारी बरकत, एजुकेशन मिले. उनकी कोई बेइज्जती न करे. जितने भी Gen-Z हैं, वो अपने मां-बाप को कभी न सताएं. वो i-Phone के लिए मां-बाप को न सताएं. अपनी खुद की कमाई करो. खुद की जिंदगी जियो और मां-बाप की सेवा करो.'
आठ बार कर चुकी हैं राखी उमराह
बता दें कि राखी सावंत ने साल 2022 में बिजनेसमैन आदिल खान दुर्रानी से दूसरी शादी की थी. उन्होंने शादी के बाद कथित तौर पर इस्लाम कुबूल कर लिया था और अपना नाम फातिमा रख लिया था. राखी की ये शादी कुछ महीनों में खत्म हो गई थी. लेकिन वह आदिल से शादी करने के बाद कई बार उमराह के लिए मक्का जा चुकी हैं. राखी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह पांचों वक्त की नमाज पढ़ती हैं, तहज्जुद की नमाज अदा करती हैं और कुरान भी पढ़ती हैं.
बाढ़ से त्रस्त नेपाल ने भारत को छोड़ सभी देश की मदद ठुकराई, जानें क्या है वजह
नेपाल में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. तीन दिन में दो बार आई आपदा से देश पूरी तरह से हिल गया है. अब तक आपदा में करीब 500 से अधिक लोगों की मौत की खबर है. वहीं एक हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए गए हैं. बाढ़ के बाद लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. नेपाल सरकार ने चीन और अमेरिका समेत कई देशों से सहायता लेने से साफ मना कर दिया है. नेपाल सरकार के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में लगी हैं. आपको बता दें कि चीन और अमेरिका समेत कई देशों ने नेपाल को हेलीकॉप्टर और प्रशिक्षित खोज-बचाव टीमों की पेशकश की. मगर नेपाल ने सहायता को स्वीकार नहीं किया. इसकी सबसे बड़ी वजह 2015 में आए भूकंप का अनुभव है.
2015 के कड़वे अनुभव की आई याद
नेपाल के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 2015 में भूकंप के बाद विश्व भर से आए अंतरराष्ट्रीय दस्तों, सैन्य विमानों और राहत संगठनों के कारण काठमांडू एयरपोर्ट और प्रशासनिक तंत्र पर काफी दबाव बढ़ गया था. इससे हालात और बिगड़ गए. टीमों के बीच तालमेल की कमी और प्रतिस्पर्धा के कारण संकट कम होने की बजाय अधिक हो गया. इस बार नेपाल कई स्वतंत्र विदेशी टीमों को संभालने के बजाय अपनी ही सुरक्षा एजेंसियों की कमान के तहत काम करना चाहता है.
EAM Dr S Jaishankar tweets, "Received a group of 21 pilgrims from Tamil Nadu who were rescued from the floods in Nepal.
— ANI (@ANI) August 28, 2026
Was moved to hear their experience first hand. Thank the Nepali Army and Government for this rescue effort. Appreciate Embassy of India, Kathmandu’s… pic.twitter.com/9VlMxZJCtT
टोही टीम भेजी गई
नेपाल सरकार ने कहा कि वो राहत सामग्री, मेडिकल सप्लाई और वित्तीय योगदान को स्वीकार कर रहा है. भारतीय विदेश मंत्रालय की मानें तो नेपाल ने भारत से रेस्क्यू के लिए सहायता मांगी है. ऐसे में भारत एक टनल रेस्क्यू टीम भेजने की कोशिश कर रहा है. इसके लिए पहले एक टोही टीम भेजी गई है. इस तरह से जमीनी हालात और इक्विपमेंट की आवश्यकता का अंदाजा लगाया जा सकेगा. इसके साथ ही एक मेडिकल टीम भेजने की तैयारी है.
भारत ने भेजी ये मदद
नेपाल में एक बेली ब्रिज पहले से ही है और डिप्लॉयमेंट को लेकर तैयार है. भारत सरकार ने 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत वायु सेना के C-130J और C-17 ग्लोबमास्टर विमानों के माध्यम से 47.5 टन राहत सामग्री को भेजा है. इसमें अस्थायी टेंट, कंबल, दवाएं, सोलर लैंप और फूड पैकेट शामिल हैं. भारत ने टूटे पुलों के स्थान पर वैली और प्रीफैब्रिकेटेड पुल देने की पेशकश की. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, 'नेपाल की ओर से जिस मदद का अनुरोध किया गया, भारत उसी के तहत कदम उठा रहा है.'
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