Nepal Flash Flood News: नेपाल में हर तरफ मलबा...और तबाही के निशान, अपनों को ढूंढने की जद्दोजहद, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट
Nepal Flash Flood News: पाल-चीन सीमा से लगे बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात अभी भी बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं. भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है. इस बीच प्रभावित क्षेत्र में करीब 10 मीटर तक पानी वाली एक नई झील बनने की सूचना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. अगले 72 घंटे को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. ऐसे में मलबे में लोग अपनों ढूंढने में जुटे हुए हैं. न्यूज नेशन संवाददाता सैयद आमिर वहीं मौजदू हैं जहां नेपाल में तबाही मची है. ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए वह बता रहे हैं मौजूदा वक्त में वहां क्या हालात हैं.
सैयद आमिर के मुताबिक एक बार फिर वार्निंग दी गई है क्योंकि 10 मीटर तक की जो झील है वो एक बार फिर से बन चुकी है. उन्होंने बताया- मैं बिल्कुल बेस कैंप पे मौजूद हूं. यहां से एक-एक तस्वीर एक्सक्लूसिव आपको दिखा रहा हूं. किस तरह से यह ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है. अब तक बड़ी संख्या में लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है और जो रेस्क्यू ऑपरेशन है 1500 लोग जो हैं वो फंसे हुए हैं.
अभी भी लापता हैं और इसके अलावा अगर आप देखेंगे मौत का आंकड़ा करीब 422 तक पहुंच चुका है. तो स्थिति अभी खराब है क्योंकि आप देखिए पहाड़ी इलाकों में मौसम जो है वो लगातार खराब है और इसलिए जो आधिकारिक आंकड़ा है वो 392 लोगों की मौत का है. 1500 लोग अभी भी लापता हैं. इसके अलावा 290 करीब भारतीय नागरिक हैं.
84 भारतीयों को सुरक्षित रेस्क्यू अब तक किया जा चुका है। लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन टफ इसलिए हो रहा है क्योंकि कल रात जिस तरह की बारिश हुई है उसकी वजह से आप देखेंगे पहाड़ी इलाकों में कई जगहों पे जल जमाव जैसी स्थिति हो चुकी है. तो इसलिए बहुत
सोच समझ के रेस्क्यू किया जा रहा है. किसी भी तरह की कोई हानि ना हो. वहीं पर अगर आप देखेंगे बड़ी संख्या में लोग जो हैं वहां पर इंतजार कर रहे हैं अपनी बारी का.
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Ground Report: नेपाल में अभी नहीं थमेगा तबाही का दौर! अगले 72 घंटे बाद फिर सैलाब आने की संभावना
Ground Report: नेपाल के इलाकों में हाल ही में आई अचानक बाढ़ और भारी मलबे के बहाव ने व्यापक तबाही मचाई है. भोटे कोशी और त्रिशूली नदी घाटियों में आए इस भीषण उफान ने रसुवा और नुवाकोट जैसे संवदेनशील जिलों में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. नदियों के जलस्तर में अचानक हुई अप्रत्याशित वृद्धि के कारण रिहायशी बस्तियां, व्यावसायिक केंद्र, पुल और मुख्य सड़कें सेकंडों में मलबे में तब्दील हो गईं. रसुवा को जोड़ने वाली मुख्य 40 किलोमीटर पक्की सड़क सहित कई प्रमुख मार्ग पूरी तरह नष्ट होकर 10 से 15 फीट गहरे दलदल में दब चुके हैं. भूतल संपर्क कटने के कारण कई बस्तियों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है. वहीं अगले 72 घंटे नेपाल के लिए भारी रहने वाले है. क्योंकि भोटे कोशी बांध टुटने के कारण नेपाल में फिर सैलाव आने की संभावना है.
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