Vodafone Idea को AGR पुनर्मूल्यांकन से मिली वित्तीय मजबूती, बिड़ला का बयान
वोडाफोन आइडिया के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) के पुनर्मूल्यांकन से कंपनी की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत हुई है और भविष्य में किए जाने वाले भुगतान को लेकर स्पष्टता बढ़ी है। बिड़ला ने कंपनी की 31वीं सालाना आम बैठक में कहा कि चालू वित्त वर्ष वोडाफोन आइडिया के लिए काम को अमल में लाने और उसे पूरा करने का साल होगा। कंपनी पहले ही 9,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय के ऑर्डर दे चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘...मेरा मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 आपकी कंपनी के लिए काम को अमल में लाने और उसे पूरा करने का वर्ष होगा। इसकी नींव रखी जा चुकी है। पुरानी चुनौतियों से निपटने, वित्तीय मजबूती बहाल करने, नेटवर्क बुनियादी ढांचे में निवेश करने और कारोबार में फिर से गति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।’’ वोडाफोन और आइडिया के विलय के बाद संयुक्त कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही में पहली बार शुद्ध रूप से नए ग्राहक जोड़े हैं।
इसे भी पढ़ें: Nepal Floods में 288 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में लंबे अंतराल के बाद वोडाफोन आइडिया के ग्राहकों की संख्या तिमाही आधार पर बढ़ी। हालांकि, सालाना आधार पर जून तिमाही में कंपनी के ग्राहकों की संख्या करीब दो प्रतिशत घटकर 19.31 करोड़ रह गई, जो एक साल पहले 19.77 करोड़ थी। बिड़ला ने कहा कि देनदारी में कमी और भविष्य में किए जाने वाले भुगतान के वर्तमान मूल्य को मान्यता देना 34,552 करोड़ रुपये के एकमुश्त कर-पश्चात लाभ (शुद्ध लाभ) के प्रमुख कारणों में शामिल था।
इसे भी पढ़ें: Travel Plan Breakdown: दिल्ली से ₹5000 के बजट में घूमें ये 3 शहर, जानें ट्रांसपोर्ट और होटल का पूरा खर्च
उन्होंने कहा, ‘‘इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि एक स्पष्ट दीर्घकालिक पुनर्भुगतान कार्यक्रम तय होने से अनिश्चितता का एक बड़ा कारण खत्म हो गया।’’ केंद्र सरकार ने सांविधिक बकाये के पुनर्मूल्यांकन के बाद कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया की समायोजित सकल राजस्व देनदारी करीब 27 प्रतिशत घटाकर 64,046 करोड़ रुपये कर दी है। दूरसंचार विभाग ने 31 दिसंबर, 2025 तक एजीआर बकाये को 87,695 करोड़ रुपये पर स्थिर किया था। हालांकि, यह राशि दूरसंचार विभाग के पुनर्मूल्यांकन और उसके द्वारा गठित की जाने वाली समिति की अंतिम मंजूरी पर निर्भर थी।
पुनर्मूल्यांकन के बाद वोडाफोन आइडिया को मार्च 2032 से मार्च 2035 के बीच चार वर्षों में हर साल न्यूनतम 100 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। शेष एजीआर बकाये का भुगतान मार्च 2036 से मार्च 2041 के बीच छह वर्षों में समान वार्षिक किस्तों में करना होगा। यह राशि हर साल 10,608 करोड़ रुपये होगी।
इसे भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2026: त्यौहार पर समय बचाने के लिए अपनाएं ये 7 Quick Snack Recipes, अब किचन में नहीं बीतेगा पूरा दिन
बिड़ला ने कहा कि आदित्य बिड़ला समूह ने मई, 2026 में वारंट के जरिये कंपनी में 4,730 करोड़ रुपये डालने की प्रतिबद्धता जताई थी, जिसमें से 1,183 करोड़ रुपये जून 2026 में प्राप्त हुए। उन्होंने कहा, ‘‘अगस्त 2026 तक कंपनी ने करीब 6,400 करोड़ रुपये का वित्तपोषण जुटाया है। इसमें कोष आधारित और गैर-कोष आधारित सुविधाएं तथा जारी किए गए वारंट से मिली अग्रिम राशि शामिल है...।
Canada में 4 लाख छात्रों के लिए Remittance आसान करेगा भारत: Nirmala Sitharaman
भारत और कनाडा सीमापार धन भेजने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे कनाडा के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे चार लाख से अधिक भारतीय छात्रों को फायदा होने की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टोरंटो में कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांसुआ-फिलिप शांपेन के साथ पहले आर्थिक एवं वित्तीय संवाद के बाद संवाददाताओं से कहा कि दोनों देश इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि डिजिटल प्रौद्योगिकी किस तरह एक-दूसरे के लिए उपयोगी हो सकती है।
उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भुगतान करने में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के भारत के अनुभव का उल्लेख किया। सीतारमण ने कहा, ‘‘हम बातचीत कर रहे हैं। हमारी टीमें आगे भी बातचीत करेंगी और ऐसी सभी व्यवस्थाओं को अपनाएंगी, जो आसान भुगतान और सीमापार धन प्रेषण में मदद करें।’’ इस मौके पर कनाडा के वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय सेवा क्षेत्र दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिहाज से सबसे अधिक संभावनाओं वाले क्षेत्रों में से एक है।
इसे भी पढ़ें: US-Canada Trade War: Trump ने वाहनों पर लगाया 50% Import Duty, ऑटो सेक्टर में मचा हड़कंप
उन्होंने कहा, ‘‘हम करीबी सहयोग करना चाहते हैं। हम भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाना चाहते हैं, खासकर छात्रों के लिए।’’ शांपेन ने कहा कि कनाडा में करीब चार लाख भारतीय छात्र हैं और प्रति छात्र करीब 45,000 कनाडाई डॉलर का धन भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के वित्त मंत्री इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि धनप्रेषण में आसानी से कनाडा में पढ़ रहे बच्चों के भारत में रह रहे माता-पिता को भी सहूलियत होगी। सीतारमण कनाडा और अमेरिका की अपनी आठ दिवसीय यात्रा के पहले चरण में मंगलवार को टोरंटो पहुंचीं। यात्रा के दौरान वह द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए विभिन्न बैठकों में हिस्सा लेंगी। अमेरिका में सीतारमण उत्तरी कैरोलिना के एशविल में होने वाली जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी और कई द्विपक्षीय तथा कारोबारी बैठकों में भी शामिल होंगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi





/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)

