Amit Shah ने Pharma क्षेत्र को रणनीतिक संपत्ति बताकर शोध और आत्मनिर्भरता पर दिया विशेष जोर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘पुनर्निर्माण’ संबंधी महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर भारत को आगे बढ़ा रही है। शाह ने देश के दवा उद्योग को ‘‘राष्ट्रीय रणनीतिक संपत्ति’’ बताते हुए कहा कि भारत को इस क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बनना है, बल्कि दुनिया को भी दवाएं उपलब्ध करानी हैं। शाह ने अहमदाबाद स्थित गुजरात विद्यापीठ के 72वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी द्वारा बताए गए सामाजिक पापों का उल्लेख किया और कहा कि जो लोग अपने स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं, वे एक तरह से पाप कर रहे हैं।
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गुजरात विद्यापीठ की स्थापना महात्मा गांधी ने 18 अक्टूबर 1920 को की थी। खुद को महात्मा गांधी का प्रशंसक और अनुयायी बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शाह ने कहा कि राष्ट्रपिता ने धर्मांतरण को पाप माना था और प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘गांधीजी ने कहा था कि सिद्धांतों के बिना राजनीति पाप है।
राजनीति सिद्धांतों और उद्देश्यों पर आधारित होनी चाहिए। जो लोग अपने लिए और अपने स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं, वे एक तरह से पाप कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप गांधीजी को पढ़ेंगे तो आपको ‘नवनिर्माण’ शब्द कहीं नहीं मिलेगा। यह देश बहुत विशाल था और गुलामी के दौर में इसे तोड़ा गया, इसलिए गांधीजी हमेशा ‘पुनर्निर्माण’ शब्द का इस्तेमाल करते थे।’’ दीक्षांत समारोह में करीब 900 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गईं और 11 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए गए।
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शाह ने यहां ‘फार्मइनोवा अवॉर्ड्स 2026’ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का दवा उद्योग उसकी ‘‘राष्ट्रीय रणनीतिक संपत्ति’’ है और इसे मजबूत करने के लिए उद्योग जगत को अनुसंधान एवं नवोन्मेष पर विशेष ध्यान देना होगा। यह पुरस्कार समारोह औषधि विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट अनुसंधान को मान्यता देने के लिए आयोजित किया गया था।
Vehicle Scrappage Policy: उत्तर प्रदेश बना देश में अव्वल, 48.5 फीसदी पुराने वाहन स्क्रैप हुए
स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में वाहन स्क्रैपिंग नीति के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। देशभर में कबाड़ में तब्दील किए गए वाहनों में प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 48.5 प्रतिशत है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि पुराने, अनफिट और प्रदूषणकारी वाहनों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैप करने के मामले में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का उद्देश्य केवल पुराने वाहनों को सड़कों से हटाना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से कबाड़ के पुन: उपयोग को बढ़ावा देना और ऐसी अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करना है, जिसमें संसाधनों का बार-बार उपयोग किया जा सके। परिवहन विभाग के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक देशभर में 4.07 लाख से अधिक वाहनों को स्क्रैप किया गया। इनमें अकेले उत्तर प्रदेश में 1.97 लाख से अधिक वाहन स्क्रैप किए गए।
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इस तरह देश में स्क्रैप किए गए कुल वाहनों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 48.5 प्रतिशत रही। प्रदेश में 92 लाइसेंस प्राप्त पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र हैं, जिनमें से 51 वर्तमान में संचालित हैं। इससे वाहन मालिकों को अपने पुराने और जीवन-चक्र पूरा कर चुके वाहनों को अनधिकृत कबाड़ बाजार में देने के बजाय पंजीकृत एवं विनियमित केंद्रों पर स्क्रैप कराने का सुरक्षित विकल्प मिल रहा है।
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विभाग के मुताबिक, सरकार की नीति में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वाहन मालिकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। जमा प्रमाणपत्र के आधार पर नया वाहन खरीदने वाले पात्र वाहन मालिकों को सड़क कर में छूट दी जाती है। गैर-परिवहन वाहनों पर 15 प्रतिशत तक, जबकि परिवहन वाहनों पर 10 प्रतिशत तक रोड टैक्स में छूट का प्रावधान है।
एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रक या बस को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने पर निर्धारित शर्तों के तहत 10 वर्ष के लिए 100 प्रतिशत तक रोड टैक्स में छूट का प्रावधान भी किया गया है। परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली में पुराने बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 मालवाहक वाहनों एवं बसों को बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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