विमेंस एशिया कप के बारे में सब कुछ:आज से 10वां एडिशन, 8 टीमें लेंगी हिस्सा; भारत-पाकिस्तान मुकाबला 5 सितंबर को
विमेंस एशिया कप का 10वां एडिशन आज से दुबई में शुरू होगा। इस बार 8 टीमों के बीच 12 मैच खेले जाएंगे। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है, जबकि भारत 7 खिताब के साथ सबसे सफल टीम है। टूर्नामेंट का पहला एडिशन 2004 में वनडे फॉर्मेट में खेला गया था। शुरुआती चार एडिशन 50 ओवर के फॉर्मेट में हुए। 2012 से इसे टी-20 फॉर्मेट में बदल दिया गया। इस बार का सबसे बड़ा मुकाबला भारत-पाकिस्तान के बीच 5 सितंबर को होगा। स्टोरी में टूर्नामेंट के बारे में सबकुछ… शुरुआत कब और कैसे हुई? पहली बार 2004 में भारत और श्रीलंका ने ही एशिया कप खेला था। दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की वनडे सीरीज हुई और भारत ने सभी पांच मैच जीतकर टाइटल अपने नाम किया। इसके बाद 2005-06, 2006 और 2008 में भी टूर्नामेंट ODI फॉर्मेट में खेला गया। 2012 में पहली बार विमेंस एशिया कप 20-20 ओवर का खेला गया। इसके बाद से सभी एडीशन इसी फॉर्मट में खेले जा रहे हैं। इस बार का फॉर्मेट क्या है? 2026 में 8 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। दोनों ग्रुप में 4-4 टीमें हैं। हर टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों से एक-एक मैच खेलेगी। टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल जीतने वाली टीम 13 सितंबर को फाइनल खेलेगी। भारत के मैच कब-कब होंगे? भारत ग्रुप-A में है। टीम इस स्टेज में तीन मुकाबले खेलेगी। पहला मैच थाईलैंड, दूसरा मैच हॉन्गकॉन्ग, चीन और तीसरा पाकिस्तान से होगा। भारत की टीम कैसी है? 2026 एशिया कप में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर हैं। स्मृति मंधाना उपकप्तान हैं। भारत का स्क्वॉड- हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, जी. कमालिनी, अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और प्रतिका रावल। पहली बार क्या हो रहा? इंडोनेशिया पहली बार हिस्सा ले रहा है। इसके अलावा टूर्नामेंट के सभी मुकाबले दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। किस टीम ने कितने खिताब जीते? भारत ने 7 खिताब जीते हैं। वनडे में 4 और टी-20 में 3 बार। बांग्लादेश और श्रीलंका ने एक-एक बार ट्रॉफी अपने नाम की है। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है। 2024 में टीम ने दांबुला में खेले गए फाइनल में भारत को 8 विकेट से हराया था। विमेंस एशिया कप के टॉप प्लेयर्स
जब जेल में बहनों ने बांधी संजय दत्त को राखी:रक्षाबंधन पर बहनों को तोहफे में दिए थे चाय-नाश्ते के 2-2 रुपए के कूपन
रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है। भाई भी अपनी बहन को कुछ न कुछ गिफ्ट देता है, लेकिन संजय दत्त की जिंदगी में एक रक्षाबंधन ऐसा भी आया था, जब उनकी बहनों ने उन्हें जेल में राखी बांधी और उन्हें तोहफे में 2-2 रुपए के कूपन दिए थे। 1994 में संजय दत्त ठाणे सेंट्रल जेल में थे बात जुलाई 1994 की है। अवैध हथियार रखने के मामले में संजय दत्त की अंतरिम जमानत रद्द हो गई थी। इसके बाद उन्हें ठाणे सेंट्रल जेल भेज दिया गया। उन्हें जेल की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली अंडा बैरक में रखा गया था। यहां खतरनाक अपराधियों और टाडा के आरोपियों को रखा जाता था। संजय दत्त पर लिखी यासिर उस्मान की किताब के मुताबिक, संजय दत्त जिस बैरक में थे, वह करीब 10x10 फीट की थी। वहां न धूप आती थी और न बाहर की दुनिया दिखाई देती थी। कमरे में एक छोटा बल्ब, गद्दा और बिना फ्लश वाला शौचालय था। संजय ने बाद में बताया था कि जेल में शुरुआती डेढ़ महीने काफी मुश्किल रहे। उन्हें दूसरे कैदियों से मिलने की इजाजत भी नहीं थी। अकेलापन इतना ज्यादा था कि वह समय बिताने के लिए घंटों चींटियों को चलते देखते थे। इस मुश्किल समय में उनके पिता सुनील दत्त बेटे की जमानत के लिए लगातार कोशिश कर रहे थे। वहीं उनकी बहनें प्रिया और नम्रता भी संजय से मिलने जेल जाती थीं। कई बार उन्हें भाई से दूर से ही मिलने का मौका मिलता था। वहीं, रक्षाबंधन पर बहनों ने जेल में उन्हें राखी बांधी। उस समय संजय के पास देने के लिए कोई तोहफा नहीं था। उन्होंने अपनी बहनों को सिर्फ जेल की कैंटीन के दो-दो रुपए वाले चाय-नाश्ते के कूपन दिए और कहा था, ‘मेरे पास फिलहाल यही है।’ बता दें कि संजय दत्त और उनकी बहनों के रिश्ते में उतार-चढ़ाव आए। साल 2008 में संजय दत्त ने मान्यता दत्त से शादी की थी। शुरुआत में परिवार के कुछ सदस्यों ने इस रिश्ते को आसानी से स्वीकार नहीं किया था। प्रिया और मान्यता के बीच भी कुछ समय तक दूरी रही। संजय के राजनीति में आने को लेकर भी प्रिया से उनके मतभेद सामने आए थे। लेकिन बाद में परिवार में रिश्ते सुधरते गए। संजय और मान्यता के जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद दूरियां कम हुईं। साल 2020 में संजय दत्त को कैंसर हुआ, तो उनकी बहनें फिर उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। प्रिया और नम्रता ने इलाज के दौरान भाई का साथ दिया। ……….. यह खबर भी पढ़ें… ‘अरे बेवकूफों, क्या एक मुसलमान, मुसलमान को राखी बांधता है?’: पत्नी जरीना वहाब को दाऊद इब्राहिम से जोड़ने पर भड़के थे आदित्य पंचोली 2000 के दशक में कुछ हिंदी अखबारों और मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मुंबई में आदित्य पंचोली की 'दादागिरी' इसलिए चलती है क्योंकि उनकी पत्नी और अभिनेत्री जरीना वहाब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती हैं। इस दावे पर आदित्य पंचोली ने कड़ी नाराजगी जताई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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