Himachal Pradesh में नए Ethanol Plants और भारी प्रदूषण वाले उद्योगों पर लगी रोक
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश में ज्यादा पानी और बिजली की खपत करने वाले या काफी ज्यादा पर्यावरणीय प्रदूषण फैलाने वाले व्यवसायों को मंजूरी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार औद्योगिक विकास बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है। राज्य में नए एथनॉल संयंत्र लगाने की मंजूरी नहीं दी जाएगी क्योंकि इनमें पानी की खपत बहुत ज्यादा होती है।
उन्होंने यह बात नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह बावा द्वारा नियम 62 के तहत लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कही। बावा ने नालागढ़ में शिवालिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र के कामकाज और इसके पट्टे की अवधि बढ़ाने से पैदा हुई स्थिति का मुद्दा उठाया। चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री ने माना कि इस संयंत्र की वजह से स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान ढूंढ रही है और कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए कोई वैकल्पिक जगह खोजने की कोशिश करेगी। यह संयंत्र उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद नालागढ़ में स्थापित किया गया था और इसके लिए जमीन कंपनी को लगभग 50 साल के लिए पट्टे पर दी गई थी।
राखी क्या सिर्फ भाई-बहन का त्योहार है? जानिए इतिहास का वो सच जो शायद आपको नहीं पता!
Raksha Bandhan History: क्या राखी सिर्फ भाई को ही बांधी जाती है? जानिए इतिहास-पुराणों में पत्नी, गुरु और दोस्तों को रक्षासूत्र बांधने की अनोखी परंपरा और कहानी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
Asianetnews






