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ट्रम्प ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका किया:यह अमेरिका और कनाडा का बॉर्डर; दोनों देशों की पांच बड़ी झीलों में शामिल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को लेक ओंटारियो का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने के आदेश पर साइन किए। यह बदलाव अमेरिका के सरकारी नक्शों और भौगोलिक नामों में लागू होगा। उन्होंने मंगलवार को कहा था कि वे नाम बदलने पर विचार कर रहे हैं। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच स्थित पांच बड़ी झीलों में से एक है। इसका एक हिस्सा अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य से और दूसरा हिस्सा कनाडा के ओंटारियो प्रांत से जुड़ा है। झील के एक तरफ न्यूयॉर्क है, जबकि दूसरी तरफ कनाडा का सबसे बड़ा शहर टोरंटो स्थित है। दोनों देशों की सीमा भी इस झील के बीच से गुजरती है। ट्रम्प ने यह फैसला अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर तनाव के बीच आया है। हाल ही में अमेरिका ने कनाडा से आने वाले करीब ₹1.91 लाख करोड़ के सामान पर 50% शुल्क लगाने का ऐलान किया था। ट्रम्प ने कहा था कि कनाडा व्यापार के मामले में सबसे खराब देश है। उसके रवैये को स्वीकार नहीं किया जा सकता। लेक ओंटारियो के नाम पर पड़ा ओंटारियो प्रांत का नाम लेक ओंटारियो का नाम यूरोपीय लोगों के अमेरिका पहुंचने से भी पहले से चला आ रहा है। यह नाम ह्यूरॉन समुदाय की भाषा के एक शब्द से निकला है, जिसका अर्थ ‘चमकते पानी की झील’ बताया जाता है। बाद में कनाडा के ओंटारियो प्रांत का नाम भी इसी झील के नाम पर रखा गया। हालांकि, नाम बदलने को लेकर एक अहम बात है। दुनिया की अंतरराष्ट्रीय झीलों और जलक्षेत्रों के नाम तय करने वाली कोई एक वैश्विक संस्था नहीं है। अमेरिका अपने सरकारी दस्तावेजों और नक्शों में इसे ‘लेक अमेरिका’ कह सकता है, लेकिन कनाडा अपनी तरफ से पुराने नाम ‘लेक ओंटारियो’ का इस्तेमाल जारी रख सकता है। क्या अमेरिका अकेले नाम बदल सकता है? अमेरिकी सरकार अपने आधिकारिक दस्तावेजों, सरकारी नक्शों और रिकॉर्ड में किसी जगह के लिए नया नाम इस्तेमाल करने का फैसला कर सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश भी उस नाम को स्वीकार करने के लिए बाध्य होंगे। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा दोनों से जुड़ी है। इसलिए अगर अमेरिकी सरकार अपने दस्तावेजों में इसे ‘लेक अमेरिका’ कहना शुरू भी कर दे, तो कनाडा अपने सरकारी रिकॉर्ड में ‘लेक ओंटारियो’ नाम जारी रख सकता है। दूसरे देश और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी अमेरिकी नाम को अपने आप अपनाने के लिए बाध्य नहीं होंगी। यानी नाम बदलने से झील का मालिकाना हक नहीं बदल जाएगा। ‘लेक अमेरिका’ नाम इस्तेमाल करने से झील का कनाडाई हिस्सा अमेरिकी क्षेत्र नहीं बन जाएगा। ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ का नाम बदल चुके हैं ट्रम्प ट्रम्प के लिए किसी जगह का नाम बदलना नया नहीं है। जनवरी 2025 में उन्होंने ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ को अमेरिकी सरकारी इस्तेमाल के लिए ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ करने का आदेश दिया था। इसके बाद अमेरिकी एजेंसियों ने अपने रिकॉर्ड और नक्शों में नया नाम इस्तेमाल करना शुरू किया, लेकिन मेक्सिको ने इसे स्वीकार नहीं किया। तब मेक्सिको ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का हवाला देते हुए कहा था कि अमेरिका अपने अधिकार क्षेत्र के आधार पर पूरे गल्फ का नाम अकेले नहीं बदल सकता। हालांकि, लेक ओंटारियो और गल्फ ऑफ मेक्सिको की कानूनी स्थिति अलग है। गल्फ समुद्री क्षेत्र है, जबकि लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच साझा झील है। अमेरिका-कनाडा के बीच विवाद की 5 बड़ी वजहें 1. टैरिफ की नई लड़ाई सबसे बड़ा विवाद टैरिफ को लेकर है। अमेरिका ने कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% तक अतिरिक्त शुल्क लगाया है। इसमें शराब, डेयरी, फर्नीचर, हॉकी उपकरण और कई दूसरे सामान शामिल हैं। बातचीत टूटने के बाद कनाडा ने भी डॉलर-फॉर-डॉलर जवाबी टैरिफ लगाने का फैसला किया है। 2. कनाडा को 51वां राज्य कहना ट्रम्प कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कह चुके हैं। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका व्यापार के मामले में कनाडा को अरबों डॉलर का फायदा पहुंचाता है। यदि कनाडा अमेरिका का हिस्सा बन जाता है, तो यह व्यापारिक असमानता और टैरिफ से जुड़े विवाद अपने आप खत्म हो जाएंगे। 3. ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर कहना ट्रम्प ने कई बार कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को तंजिया लहजे में ‘गवर्नर’ कहकर संबोधित किया था। कनाडाई नेताओं और जनता ने इसे अपनी संप्रभुता का अपमान माना। 4. सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और फेंटानिल तस्करी अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ती सीमा सुरक्षा चिंताएं भी बड़े विवाद का कारण बनी हैं। ट्रम्प प्रशासन का आरोप रहा है कि कनाडा की उत्तरी सीमा से अवैध प्रवासियों की घुसपैठ और खतरनाक नशीली दवाओं (विशेषकर फेंटानिल) की तस्करी अमेरिका में बढ़ रही है। अमेरिका ने कनाडा से अपनी सीमाओं पर सख्त निगरानी और सख्त आव्रजन नीतियां लागू करने की मांग की है। 5. डेयरी और कृषि विवाद अमेरिका लंबे समय से कनाडा की ‘सप्लाई मैनेजमेंट’ सिस्टम का विरोध करता रहा है, जो कनाडाई डेयरी और पोल्ट्री (मुर्गी पालन) मार्केट को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाती है। अमेरिका चाहता है कि कनाडा अपने डेयरी बाजार को अमेरिकी किसानों के लिए पूरी तरह खोले। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… कनाडाई PM बोले- अमेरिका और हमारे बीच जंग के हालात: ट्रम्प के टैरिफ को हमला बताया; US पर जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ बढ़ते ट्रेड विवाद को लेकर कहा है कि “हम जंग में हैं, क्योंकि हम पर हमला हुआ है।” उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ को कनाडा पर हमला बताया। पूरी खबर पढ़ें…

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दिल्ली: आदर्श नगर में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन जोन को बढ़ावा, प्रदूषण पर सख्ती, मंत्री सिरसा ने की समीक्षा

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ उद्योग, मजबूत हरित क्षेत्र और कुशल सार्वजनिक सेवाओं को एक साथ आगे बढ़ाना है.

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  Sports

Imran Khan के समर्थन में उतरे Pat Cummins, Greg Chappell और Sunil Gavaskar ने भी उठाई आवाज

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज क्रिकेटर इमरान खान के स्वास्थ्य और जेल में उन्हें मिल रही चिकित्सा सुविधाओं को लेकर दुनिया के पूर्व और मौजूदा क्रिकेटरों की आवाज लगातार तेज हो रही है। अब ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा कप्तान पैट कमिंस भी इस अभियान के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा है कि इमरान खान के साथ वही सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए, जिसका हक हर व्यक्ति रखता है।

कमिंस ने शुक्रवार को पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग चैपल और अन्य पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों की अपील का समर्थन किया। उन्होंने सामाजिक माध्यम पर लिखा कि वह ग्रेग चैपल और दूसरे पूर्व कप्तानों के साथ हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अदालत के निर्देश पर होने वाली चिकित्सकीय जांच को पूरा होने दिया जाएगा और इमरान खान के परिवार को उनसे मिलने की अनुमति जारी रहेगी।

यह मामला उस समय और चर्चा में आया है, जब इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर उनके परिवार की ओर से लगातार चिंता जताई जा रही है। 73 वर्षीय इमरान खान वर्ष 2023 से रावलपिंडी की जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया है। इमरान खान ने इन मामलों में किसी भी तरह की गलती से इनकार किया है और इन्हें राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, हाल ही में इमरान खान की इस्लामाबाद में चिकित्सकीय जांच कराई गई थी, जिसके बाद उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया। उनके बेटे सुलेमान और कासिम ने पिता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। परिवार की ओर से यह भी दावा किया गया है कि इमरान खान को उचित चिकित्सा सुविधा और अपने निजी चिकित्सक से मिलने का अवसर मिलना चाहिए।

ग्रेग चैपल की अगुवाई में 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र भेजकर इमरान खान के लिए स्वतंत्र और व्यापक स्वास्थ्य जांच की मांग की है। पत्र में उच्चतम न्यायालय के निर्देश के तहत गठित चिकित्सकीय दल में इमरान खान के निजी चिकित्सकों को शामिल करने, हर सप्ताह परिवार से मुलाकात की सुविधा जारी रखने और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार तुरंत उपचार उपलब्ध कराने की अपील की गई है।

इस अपील पर भारत के सुनील गावस्कर, कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर के अलावा इंग्लैंड के सर एलिस्टेयर कुक, माइकल एथर्टन, ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ और एडम गिलक्रिस्ट तथा नासिर हुसैन समेत कई पूर्व कप्तानों ने हस्ताक्षर किए हैं।

ग्रेग चैपल पहले भी इमरान खान की हालत को लेकर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने हाल में कहा था कि करीब छह साल पहले पाकिस्तान में मुलाकात के दौरान इमरान मजबूत और स्वस्थ नजर आते थे, लेकिन अब उनकी स्थिति वैसी नहीं दिखती। चैपल ने एक हालिया दृश्य का हवाला देते हुए उनके व्हीलचेयर पर अस्पताल पहुंचने की बात भी कही थी।

गौरतलब है कि इमरान खान पाकिस्तान क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने 1992 में पहली बार एकदिवसीय विश्व कप जीता था। क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और वर्ष 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने। वर्ष 2022 में उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था।

पैट कमिंस का समर्थन इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वह मौजूदा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं। उन्होंने अपने संदेश में इमरान खान के राजनीतिक मामलों पर टिप्पणी करने के बजाय उनकी चिकित्सा जांच और परिवार से मुलाकात जैसे मानवीय मुद्दों पर जोर दिया है। इस पूरे विवाद के बीच मुख्य मांग यही है कि अदालत के निर्देशों के अनुसार इमरान खान को आवश्यक चिकित्सा देखभाल और परिवार से संपर्क की सुविधा मिलनी चाहिए।
Fri, 28 Aug 2026 21:21:00 +0530

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