अक्सर खाना खाने के बाद लोग बिस्तर पर पड़े रहते है या फिर लगातार बैठे रहते हैं। जो कि हेल्थ को लेकर एकदम ठीक नहीं है। अगर आप भोजन करने के बाद केवल 10 मिनट तक हल्की वॉक कर लेते हैं, तो भी आपके हेल्थ के लिए सोने पर सुहागा है।
रिसर्च से पता चला है कि भोजन के बाद थोड़ी देर चलने से खाने के बाद बढ़ने वाला ग्लूकोज यानी के पोस्टप्रांडियल ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है। आपको बताते चलें कि, 2025 के रैंडमाइज्ड ट्रायल में भोजन के तुरंत बाद 10 मिनट की वॉक से बिना वॉक करने की तुलना में ग्लूकोज का स्तर और उसका पीक कम पाया गया है।
लेकिन, यह वजन घटाने में कारगर साबित नहीं होगा। वजन कम करने के लिए कैलोरी संतुलन, पौष्टिक खानपान, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि भी काफी जरुरी है। गौरतलब है कि भोजन के बाद 10 मिनट चलना काफी जरुरी है। यह कम मेहनत में हेल्दी वाली आदत है। आइए आपको इसके फायदे बताते हैं।
खाने के बाद 10 मिनट चलने के फायदे
ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मदद
अगर आप भोजन के बाद लाइट वॉक करते हैं, तो मांसपेशियों को ग्लूकोज प्राप्त होता है। एक रिसर्च में पता चला है कि पोस्ट-मील एक्सरसाइज का ब्लड ग्लूकोज पर पॉजिटिव असर पड़ता है।
10 मिनट हैं फायदेमंद
एक अध्ययन के मुताबिक, भोजन करने के बाद 10 मिनट चलने से 2 घंटे के ग्लूकोज रिस्पॉस और ग्लूकोज पीक में कमी देखी गई है।
लंबे समय से बैठे रहने से बचाव
अगर आप भोजन के बाद लंबे समय तक बैठे रहते हैं, तो छोटी-छोटी एक्टिविटी ब्रेक लेना जरुरी है। वैसे यह मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए उपयोगी हो सकता है।
वजन घटाने में कैसे मदद मिल सकती है?
वॉकिंग से शारीरिक गतिविधि और ऊर्जा खर्च बढ़ता है, इसलिए यह वजन प्रबंधन की ओवरऑल स्ट्रेटजी का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, आप सोचों कि 10 मिनट चलने से वजन कम हो जाएगा, तो यह गलत है। इसलिए नियमित एक्टिविटी और संतुलित डाइट लेना काफी जरुरी है।
वॉक कैसी होनी चाहिए?
खाना खाने के बाद चाहे दोपहर हो या फिर रात को हल्की मध्यम गति से आरामदायक वॉक कर सकते हैं। शुरुआत में 10 मिनट पर्याप्त हो सकते हैं। शरीर की क्षमता के मुताबिक धीरे-धीरे अवधि बढ़ा सकते हैं।
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बाएं हाथ में दर्द होना एक ऐसा लक्षण है, जिसको कई लोग गलत तरीके से सोने, थकान या ज्यादा काम करने का परिणाम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार इसको नजरअंदाज करना सही नहीं है। कई मामलों में यह दर्द हड्डियों, मांसपेशियों या नसों की समस्या से जुड़ा होता है। वहीं कुछ स्थितियों में यह दिल की बीमारी या हार्ट अटैक का शुरूआती संकेत हो सकता है।
खासकर अगर दर्द अचानक शुरू हो, सांस लेने में तकलीफ, ठंडा पसीना, सीने में दबाव, मतली या जबड़े तक फैलने वाले दर्द के साथ हो, तो इसको हार्ट अटैक का संकेत मानकर फौरन हॉस्पिटल जाना चाहिए। वहीं अगर दर्द गर्दन से शुरू होकर हाथ की उंगलियों तक फैल जाता है। अगर सुन्नपन या झनझनाहट के साथ है, तो इसकी वजह नस दबना या सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी हो सकती है।
जानें क्या हैं सामान्य कारण
बाएं हाथ में दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें नसों की समस्या, चोट, हड्डी की चोट, रीढ़ की बीमारी और मांसपेशियों का खिंचाव आदि शामिल है।
हड्डी टूटना
अगर सड़क दुर्घटना, गिरने या खेल के दौरान हाथ में चोट लगी हो और इसके बाद सूजन, तेज दर्द, हाथ हिलाने में परेशानी या हाथ का आकार बदलता दिखे, तो हड्डी टूटने की संभावना हो सकती है। फ्रैक्चर में लगातार दर्द बना रहता है और बिना इलाज के हड्डी सही तरीके से नहीं जुड़ती है।
स्लिप डिस्क की समस्या
गर्दन की रीढ़ में मौजूद डिस्क बाहर आकर नस पर दबाव डाल सकती है। ऐसी स्थिति में दर्द सिर्फ तक सीमित नहीं रहता है, बल्कि बाजू, कंधे और उंगलियों तक फैल सकता है। कुछ मरीजों के हाथ में झुनझुनी या फिर कमजोरी महसूस हो सकती है।
नस का दबना
जब गर्दन से निकलने वाली नस दब जाती है, तो दर्द गर्दन से होते हुए पूरे हाथ तक जा सकता है। इसको सर्वाइकल रेडिक्युलोपैथी कहा जाता है।
मोच और मांसपेशियों में खिंचाव होना
जिम में भारी वजन उठाने, बार-बार एक ही तरह का काम करने या अचानक झटका लगने से मांसपेशियों और लिंगामेंट में खिंचाव आ सकता है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में एक्टिविटी करने में दर्द बढ़ता है। वहीं आराम करने से धीरे-धीरे कम होने लगता है।
बाएं हाथ का दर्द बन सकता है दिल की बीमारी
हार्ट अटैक के दौरान हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त ब्लड नहीं पहुंच पाता है। इसका दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता है, बल्कि नसों के साझा मार्ग के कारण बाएं कंधे, बाजू, जबड़े, गर्दन और पीठ तक फील हो सकता है।
हालांकि हर हार्ट अटैक में बाएं हाथ का दर्द नहीं होता है। बल्कि अगर यह सीने में दबाव या जकड़न के साथ हो, तो इसको भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इन लक्षणों में लें इमरजेंसी सहायता
सांस लेने में समस्या
सीने में दबाव या तेज दर्द
ठंडा पसीना आता
मतली या उल्टी
चक्कर आना
पीठ, गर्दन या जबड़े तक दर्द फैलना
बेहोशी महसूस होना
अचानक कमजोरी
यह हार्ट अटैक या अन्य गंभीर हृदय संबंधी समस्या के संकेत भी हो सकते हैं।
हालांकि हमेशा बाएं हाथ में दर्द हार्ट अटैक का संकेत नहीं होता है, बल्कि कई बार यह जानलेवा स्थिति की चेतावनी भी हो सकती है। अगर दर्द मोच, नस दबने, चोट या स्लिप डिक्स की वजह से है, तो समय पर इलाज से राहत मिल सकती है। अगर दर्द सांस फूलने, ठंडा पसीना, सीने में जकड़न या मतली जैसे लक्षणों के साथ होता है, तो फौरन आपको इमरजेंसी में मेडिकल सहायता लेना जरूरी है। वहीं दर्द की वजह की सही पहचान सही इलाज और गंभीर जटिलताओं से बचाव की कुंजी है।
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