ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पहुंचे पीएम मोदी, ओलंपिक 2036 को लेकर किया बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया की अपनी आधिकारिक यात्रा पर गए हुए हैं। यहां वह मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पहुंचे। जहां उनके साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज मौजूद रहे। इस दौरान पीएम ने स्थानीय युवा खिलाड़ियों और प्रवासी भारतीयों के साथ मुलाकात कर बातचीत की। वो खिलाड़ियों को ऑटोग्राफ देते हुए भी दिखाई दिए। इस दौरान आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ मौके पर मौजूद थे।
प्रधानमंत्री युवा क्रिकेटरों से बातचीत कर उनकी जर्सी पर हस्ताक्षर करते दिखाई दिए। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित भी किया और कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया खेल के क्षेत्र में एक दूसरे का समर्थन करेंगे। यहां उन्होंने ओलंपिक को लेकर बड़ी घोषणा की और कहा है कि 2036 की ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत बोली लगाएगा। इस दौरान पीएम की मुलाकात ऑस्ट्रेलिया के अंतरराष्ट्रीय मस्कट रूबी द रु से भी हुई।
ओलंपिक के लिए बोली लगाएगा भारत पीएम मोदी
जब प्रधानमंत्री मोदी ने यह कहा कि ओलंपिक 2036 की मेजबानी के लिए भारत बोली लगाएगा तो ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री उनके सपने का समर्थन करते दिखाई दिए। बता दें कि 2026 समर ओलंपिक के लिए होस्ट शहर का चुनाव इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी द्वारा 2029 के मध्य में किया जाएगा। इस दौड़ में भारत और कतर सबसे आगे बने हुए हैं। भारत ने अहमदाबाद को मुख्य होस्ट शहर के तौर पर प्रस्तावित किया है। अपनी दावेदारी को मजबूत करने के लिए देश में को ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट की मेजबानी की तैयारी भी की जा रही है।
Wonderful to visit the Melbourne Cricket Ground with PM Albanese. The passion for sport continues to bring the people of India and Australia closer.@AlboMP https://t.co/4agouUbx69
— Narendra Modi (@narendramodi) July 10, 2026
क्या बोले पीएम मोदी
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘एमसीजी में आकर किसी भी भारतीय के मन में दो भावनाएं एक साथ आती है। एक भारत ऑस्ट्रेलिया मैच का रोमांच और दूसरा यह एहसास कि दोनों देशों में क्रिकेट खेल नहीं बल्कि जुनून है।’ आगे उन्होंने कहा कि ‘आज यहां कोई लास्ट ओवर फिनिश का प्रेशर नहीं है। यहां केवल खेल की खुशी है, हमारी मित्रता की गर्मजोशी है और फ्यूचर चैंपियंस की एनर्जी है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘हम क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में भी सहयोग मजबूत करेंगे। स्पोर्ट्स भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों की मजबूत कड़ी है। ऑन-फील्ड के साथ हम आउट-फील्ड पार्टनरशिप भी मजबूत करेंगे। भारत और ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।’
भारत में होगा बिग बैश लीग
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बिग बैश लीग को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया है। दिसंबर के महीने में इसके कुछ शुरुआती मैचों का आयोजन भारत में किया जाने वाला है। यह भी आईपीएल की तरफ फ्रेंचाइजी लीग है, जिसके मैच चेन्नई में रखे जाएंगे। पहली बार भारत में किसी विदेशी लीग की मेजबानी की जाएगी।
गूगल ने एंड्रॉयड फोन यूजर्स को दी गंभीर चेतावनी, अगर फोन में यह एक सेटिंग अपडेट नहीं की तो चोरी हो सकता है सारा डेटा
दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने दुनियाभर के एंड्रॉयड स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों के लिए एक रेड अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के मुताबिक, करोड़ों यूजर्स एक बड़े साइबर हमले के जोखिम में हैं, जिसकी मुख्य वजह उनके फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) है। अगर आपने भी अपने फोन की एक जरूरी सेटिंग को नजरअंदाज किया है, तो आपका निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है।
गूगल की रिपोर्ट और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह खतरा उन डिवाइस पर सबसे ज्यादा है जो पुराने एंड्रॉयड वर्जन पर चल रहे हैं। हैकर्स ऐसे फोन को आसानी से अपना निशाना बना सकते हैं, जिनमें नियमित सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलते। इससे आपके फोन में मौजूद फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट्स और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी गलत हाथों में पड़ सकती है, जिसका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग या वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है।
कौन से यूजर्स सबसे ज्यादा खतरे में हैं?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जो स्मार्टफोन Android 13 या उससे भी पुराने वर्जन पर काम कर रहे हैं, वे सबसे अधिक असुरक्षित हैं। एक अनुमान के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 40 प्रतिशत, यानी करीब एक अरब एंड्रॉयड डिवाइस अभी भी पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहे हैं। इन डिवाइसों के लिए कंपनियों ने सिक्योरिटी पैच और अपडेट जारी करना बंद कर दिया है, जिससे हैकर्स को इनमें सेंध लगाने का खुला मौका मिल जाता है।
अगर मौजूदा स्थिति देखें तो केवल Android 14, 15 और 16 को ही पूरी तरह सुरक्षित माना जा रहा है। इसका मतलब है कि आधे से ज्यादा एंड्रॉयड यूजर्स संभावित खतरे के साये में जी रहे हैं।
क्यों जरूरी है सिक्योरिटी अपडेट और क्या है समाधान?
स्मार्टफोन कंपनियां अपने डिवाइस के लिए एक निश्चित समय तक ही सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट जारी करती हैं। ज्यादातर ब्रांड्स चार से पांच साल का अपडेट सपोर्ट देते हैं। हालांकि, सैमसंग और गूगल जैसी प्रीमियम कंपनियां अब अपने नए फ्लैगशिप फोन पर सात साल तक के अपडेट का वादा कर रही हैं। वहीं, बजट और मिड-रेंज फोन में यह सपोर्ट अक्सर तीन से चार साल तक ही सीमित रहता है।
इस खतरे से बचने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है अपने फोन के सॉफ्टवेयर को तुरंत अपडेट करना। आप इसे फोन की Settings > Software Update में जाकर चेक कर सकते हैं। अगर आपके डिवाइस के लिए कोई अपडेट उपलब्ध नहीं है और आपका फोन काफी पुराना हो चुका है, तो अपनी प्राइवेसी और डेटा की सुरक्षा के लिए एक नया स्मार्टफोन खरीदना ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प है। पुराने फोन को नजरअंदाज करना आपको बहुत भारी पड़ सकता है।
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