वियतनाम नाव हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, राहुल गांधी ने सरकार से की ये अपील
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों से भरी एक स्पीडबोट पलट गई। दरअसल स्थानीय मीडिया के मुताबिक नाव हॉन मे रुत से अन थोई बंदरगाह की ओर जा रही थी, तभी तट से करीब 400 मीटर पहले हादसे का शिकार हो गई। वहीं हादसे के बाद नाव में सवार सभी लोग समुद्र में गिर गए। बचाव दल ने तुरंत राहत अभियान शुरू किया जबकि भारतीय दूतावास ने भी स्थिति पर नजर रखते हुए कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया।
वहीं शुरुआती जानकारी के अनुसार नाव में 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के 4 सदस्य सवार थे। दरअसल स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और अंतिम आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है और भारतीय अधिकारी लगातार वियतनाम प्रशासन के संपर्क में हैं।
PM मोदी ने जताया दुख
Extremely saddened to learn about the tragic news of a boat accident involving Indian nationals near Phu Quoc, Vietnam.
My sincere condolences to the families who lost their loved ones. My prayers for the early recovery of the injured survivors.
Our Embassy and Consulate are…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 11, 2026
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हादसे पर गहरा दुख जताया है। दरअसल उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वियतनाम में भारतीय दूतावास और भारतीय वाणिज्य दूतावास प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रहे हैं। हादसे के बाद हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अलग-अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इन कंट्रोल रूम का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को सही जानकारी देना और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।
दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि भारत में मौजूद परिवार सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकें। दरअसल इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है, +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414, हनोई में भी एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे +84 91 308 9165 पर संपर्क किया जा सकता है।
राहुल गांधी ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया
इस बीच कांग्रेस ने भी विदेश मंत्रालय से अपील की है कि लापता भारतीय पर्यटकों के परिवारों को हर जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाए। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि प्रभावित परिवारों को पूरी जानकारी और सहायता मिलनी चाहिए। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और सरकार से राहत कार्यों में पूरी सक्रियता के साथ सहयोग करने की अपील की। फिलहाल भारतीय दूतावास की ओर से लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं और सभी प्रभावित परिवारों से संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
Google Chrome यूजर्स के लिए CERT-In की हाई रिस्क चेतावनी, विंडोज मैक लिनक्स पर साइबर अटैक का खतरा, तुरंत अपडेट करें ब्राउजर
Google Chrome इस्तेमाल करने वाले करोड़ों भारतीय यूजर्स के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने इस लोकप्रिय ब्राउजर के कुछ वर्जन में गंभीर सुरक्षा खामियां पाई हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर अपराधी यूजर्स के सिस्टम तक पहुंच बना सकते हैं।
सरकारी एजेंसी ने जो चेतावनी जारी की है, उसे हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। इसका मतलब है कि खतरा काफी गंभीर है और तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। विंडोज, macOS और Linux—तीनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर Chrome के पुराने वर्जन खतरे में हैं।
किन वर्जन पर है सबसे ज्यादा खतरा
CERT-In के मुताबिक विंडोज और मैक यूजर्स जो Chrome के 145.0.7632.75/76 से पुराने वर्जन चला रहे हैं, उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं Linux यूजर्स के लिए 144.0.7559.75 से पुराने वर्जन असुरक्षित बताए गए हैं।
एजेंसी की रिपोर्ट में बताया गया है कि ये खामियां Chrome के CSS रेंडरिंग कंपोनेंट में पाई गई हैं। इन कमजोरियों का इस्तेमाल करके हमलावर ब्राउजर की मेमोरी हैंडलिंग को मैनिपुलेट कर सकते हैं। एक बार सिस्टम तक पहुंच बनने के बाद वे पर्सनल इंफोर्मेशन, बैंकिंग डिटेल्स और अन्य संवेदनशील डेटा चुरा सकते हैं।
रिमोट अटैक का बड़ा खतरा
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन खामियों के जरिए रिमोट अटैक संभव है। इसका मतलब है कि हमलावर को आपके सिस्टम तक फिजिकल एक्सेस की जरूरत नहीं है। वे दूर बैठे-बैठे आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में घुसपैठ कर सकते हैं।
इस तरह के हमलों में डेटा चोरी के अलावा सर्विस डिसरप्शन भी हो सकता है। यानी आपका सिस्टम ठीक से काम करना बंद कर सकता है या हैकर्स उसे अपने नियंत्रण में ले सकते हैं। ऐसे में व्यक्तिगत यूजर्स के साथ-साथ कॉर्पोरेट और सरकारी संगठनों के लिए भी यह गंभीर चिंता का विषय है।
यूजर्स को क्या करना चाहिए
CERT-In ने सभी Chrome यूजर्स से अपील की है कि वे बिना देरी किए अपना ब्राउजर अपडेट कर लें। Google ने अपने स्टेबल चैनल के माध्यम से सिक्योरिटी पैच जारी कर दिए हैं, जो इन खामियों को दूर करते हैं।
ब्राउजर अपडेट करना बेहद आसान है। यूजर्स Chrome खोलकर सेटिंग्स में जा सकते हैं और ‘About Chrome’ सेक्शन में अपडेट चेक कर सकते हैं। अगर नया वर्जन उपलब्ध है तो वह अपने आप डाउनलोड और इंस्टॉल हो जाएगा।
व्यक्तिगत यूजर्स के अलावा संगठनों को भी अपने सभी सिस्टम्स पर तुरंत यह अपडेट लागू करने की सलाह दी गई है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी चेतावनियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
नियमित अपडेट क्यों जरूरी है
यह पहली बार नहीं है जब किसी लोकप्रिय सॉफ्टवेयर में सुरक्षा खामियां पाई गई हों। डिजिटल युग में साइबर खतरे लगातार विकसित हो रहे हैं और हैकर्स नए-नए तरीके खोज रहे हैं।
इसलिए सॉफ्टवेयर कंपनियां नियमित रूप से सिक्योरिटी पैच और अपडेट जारी करती रहती हैं। यूजर्स के लिए जरूरी है कि वे अपने सभी डिवाइस और एप्लिकेशन को अपडेटेड रखें। इससे न सिर्फ साइबर अटैक से बचाव होता है बल्कि नए फीचर्स और बेहतर परफॉर्मेंस भी मिलती है।
CERT-In भारत सरकार की नोडल एजेंसी है जो साइबर सुरक्षा घटनाओं पर नजर रखती है और समय-समय पर अलर्ट जारी करती है। एजेंसी की सलाह को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि इससे बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।
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