Financial Planning: इन बातों की बांध लें गांठ, कभी नहीं होगी पैसों की कमी
Financial Planning: नया साल शुरू हुआ है। इसकी शुरुआत में ही आपको अपनी वर्तमान और भविष्य की वित्तीय जरूरतों को समझ लेना चाहिए और उसी हिसाब से नए साल की फाइनेंस प्लानिंग और रिजोल्यूशन तय करना चाहिए। इससे आपका यह वर्ष ही नहीं आने वाला जीवन संपन्नता से बीतेगा।
अगर आप हैं स्टूडेंट:
आमतौर पर स्टूडेंट्स की आय का मुख्य जरिया पॉकेटमनी होती है, लेकिन जरा सी दूरदर्शिता और मेहनत से काम लें, तो आप अपनी फाइनेंस कंडीशन मजबूत बना सकते हैं, जिससे आप कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं। स्टडी पीरियड के दौरान ही अगर आप कोई पार्ट टाइम या फ्रीलांस जॉब करें या फिर ट्यूशन पढ़ाना शुरू करें तो आपके पास एक फंड तैयार हो सकता है।
यह फंड, एजुकेशन लोन के रीपेमेंट फेज के दौरान काफी काम आता है। अगर आपने अभी तक अपना सेविंग अकाउंट नहीं खोला है, तो इस साल जरूर खोल लें। इससे बचत की आदत पड़ेगी और गैरजरूरी खर्चों की कटौती में मदद मिलेगी। इस साल आप एक और संकल्प लें कि अनावश्यक खरीददारी नहीं करेंगे। अपने खर्चों पर निगरानी रखने के लिए मासिक या साप्ताहिक बजट भी बनाएं।
अगर आप हैं सिंगल पर्सन:
अगर आप सिंगल पर्सन हैं, तो इस साल एक इंश्योरेंस पॉलिसी जरूर लें। इससे कई फायदे होंगे। जैसे-टैक्स की बचत, लाइफ कवर और रिजर्व्ड इनवेस्टमेंट (मैच्योरिटी पर बोनस के साथ पैसा मिलना) होगा। यंग वर्किंग पर्सन को 20 साल का इंश्योरेंस कवर लेने से शादी के बाद परिवार को हर तरह से फायदा होता है।
मैच्योरिटी पर जब पैसे मिलते हैं, तो कई प्रकार की जरूरतें पूरी हो सकती हैं या किसी अनहोनी की सूरत में परिवार को मदद मिल सकती है। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड्स का पूरा फायदा उठाएं। जो रिवार्ड प्वाइंट्स इकट्ठा हो चुके हैं, उनका इस्तेमाल करें। हां, क्रेडिट कार्ड पर एडवांस लेना अपनी बचत में सेंध लगाने जैसा होता है, इसलिए यह गलती बिल्कुल ना करें। इसी तरह फ्यूल कार्ड के रिवार्ड प्वाइंट की एक्सपायरी डेट मिस ना करें।
अगर आप है मैरीड कपल:
विवाहित जोड़ों की जिम्मेदारी काफी अधिक होती है। इसलिए आपको सबसे ज्यादा सतर्क होकर वित्त को व्यवस्थित करना चाहिए। आपके लिए अपने परिवार के बजट के मुताबिक खर्च पूरा करने और भविष्य के लिए फंड जुटाने के लिए पर्याप्त इनकम पर ध्यान देना जरूरी है। आपको अपना निवेश म्यूचुअल फंड
(एसआईपी), शेयर्स,
इंश्योरेंस और फिक्स डिपॉजिट में करना चाहिए और कुछ मात्रा में सोना-चांदी जैसी कीमती धातु भी खरीदनी चाहिए।
किसी आपातस्थिति (व्यापारिक उतार-चढ़ाव, जॉब छूट जाना, बीमारी या कोई अनहोनी) के लिए आपको एक अलग फंड भी रखना चाहिए। यह फंड आपकी छह माह से एक साल की कुल मासिक आय जितना जरूर होना चाहिए। इस दिशा में अगर आपने कोई प्लान नहीं किया है तो इस साल जरूर कर लें।
अगर आप हैं सिंगल पैरेंट:
सिंगल पैरेंटिंग वास्तव में सबसे कठिन काम है। एकल मां या पिता का आर्थिक रूप से सुदृढ़ होना बेहद आवश्यक है अन्यथा, वह अपनी संतान को ना तो अच्छी शिक्षा दिला पाते हैं, ना अच्छा भोजन, ड्रेस या अन्य सुविधाएं मुहैया करा पाते हैं। बच्चे की शिक्षा के लिए 20 वर्षीय चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान ना लिया हो तो इस वर्ष जरूर लें। साथ ही एसआईपी के माध्यम से कुछ पैसे भविष्य के लिए बचाएं। इस साल आप खुद के लिए एक रिटायरमेंट प्लान जरूर ले लें, जो बुढ़ापे में पेंशन के रूप में आपकी वित्तीय मदद करेगा।
इस तरह अगर अपनी जरूरत के अनुसार आपने फाइनेंस प्लानिंग नहीं की है तो इस साल जरूर करें।
-अंजू जैन
Bathua khane Ke Fayde: ठंड के मौसम का सबसे अच्छा आहार है बथुआ, पेट व मूत्र रोग को भी दूर करता है इसका साग
Bathua khane Ke Fayde: जाड़े के मौसम में कई तरह की हरी पत्तेदार सब्जियां खूब मिलती हैं। बथुआ भी उनमें से एक है। बथुआ प्रकृति से गर्म है, जो सर्दियों में ही पैदा होता है। इसे रायता, परांठे या भुजिया सब्जी के रूप में खूब पसंद किया जाता है। इसको जंगली पालक, मेल्ड और चेनोपोडियम अल्बम के नाम से भी जाना जाता है। इसको सर्दी के मौसम में पारंपरिक आहार के रूप में सेवन करते हैं। बथुआ में पानी की प्रचुरता होती है। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला फाइबर पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है। इसमें मिलने वाले प्रमुख पोषक तत्व हैं-विटामिन सी, विटामिन बी2, बी 3, बी 5, कैल्शियम, लोहा, मैग्नीशियम, मैगनीज, फास्फोरस, पोटेशियम और सोडियम आदि।
कई रोगों में कारगर:
बथुआ का सेवन बवासीर रोग में लाभदायक होता है। महिलाओं की पीरियड्स संबंधी समस्याओं के समाधान में भी बहुत मददगार है बथुआ। मूत्र रोगों से परेशान व्यक्ति को इसका सेवन लाभकारी है। आजकल कारण कुछ भी हो छोटे-बड़े हर उम्र के लोग बाल झड़ने से परेशान हैं। उनके लिए बथुआ का सेवन और बथुआ के पानी से बाल धोना लाभदायक है। त्वचा संबंधी समस्याओं में इसका सेवन हितकर है। पेट दर्द आदि की परेशानी में इसका सेवन लाभकारी है। बथुआ का सेवन करने से खून को साफ कर रक्त का संचार सुचारु रूप से होता है। साथ ही इसका सेवन शरीर की प्रतिरोधक शक्ति को सुदृढ़ कर बलवान बनाता है। इसका सेवन आंखों के लिए लाभदायक और पेट की कीड़ो को नष्ट कर पाचन शक्ति बढ़ाने वाला है। गला खराब होने पर इसको भिगोकर रखे गए गुनगुने पानी से गरारे करना आवाज को सुधारता है।
बथुए की एक प्रजाति, जिसे लाल बथुआ के नाम से जाना जाता है, का सेवन (त्रिदोष) वात, पित्त और कफ के प्रकोप को शमन करता है। नाक, कान से अचानक बहने वाले खून को रोकने में यह बहुत मददगार है। इसके बीजो का चूर्ण बनाकर दो से तीन चुटकी चूर्ण को शहद के साथ सेवन करना लाभकारी है। इसके पत्तों का जूस पीने से ठंड से बचाव होता है। अन्य कई बीमारियों को स्वत; ही नष्ट कर शरीर को निरोग बनाने में भी सक्षम है।
यहां बताए गए उक्त सभी उपाय, उपचार सामान्य हैं। प्रयोग करने से पहले अपने वैद्यजी से सलाह अवश्य करें।
वैद्य हरिकृष्ण पांड ‘हरीश’
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