Responsive Scrollable Menu

टीम इंडिया के लिए राउंड-2 में नहीं होगी गलती की गुंजाइश, नीदरलैंड्स से हो सकता है मैच

हॉकी वर्ल्ड कप के पहले राउंड में पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 और 4-1 से बढ़त बनाने के बाद जिस तरह से भारत ने पकड़ ढीली की, वह नीदरलैंड जैसी टीमों के खिलाफ भारी पड़ सकती है।

Continue reading on the app

कम बोलने वाले ही क्यों होते हैं सबसे ताकतवर? चाणक्य नीति का छुपा हुआ राज

आज के समय में जहां हर कोई खुद को साबित करने के लिए ज्यादा बोलने की कोशिश करता है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो कम बोलते हैं, लेकिन उनका असर सबसे ज्यादा होता है। ऐसे लोग बिना ज्यादा बोले ही अपनी बात मनवा लेते हैं और लोगों पर गहरी छाप छोड़ते हैं।

आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीति में कम बोलने की ताकत को सबसे बड़ा गुण बताया है। उनका मानना था कि जो व्यक्ति कम बोलना सीख जाता है, वह अपने जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है और समाज में सम्मान भी पाता है।

कम बोलने से बढ़ती है शब्दों की कीमत

चाणक्य नीति के अनुसार, जो व्यक्ति हर समय बोलता रहता है, उसकी बातों का महत्व धीरे-धीरे कम हो जाता है। जब कोई इंसान कम बोलता है, तो उसकी हर बात खास बन जाती है। लोग उसे ध्यान से सुनते हैं और उसकी बातों को गंभीरता से लेते हैं। यही कारण है कि कम बोलने वाले लोगों की बातों की वैल्यू ज्यादा होती है और वे समाज में प्रभावशाली माने जाते हैं।

कम बोलने से बढ़ती है सोचने की शक्ति

चाणक्य नीति कहती है कि कम बोलने वाले लोग ज्यादा सोचते हैं। ऐसे लोग किसी भी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते, बल्कि पहले उसे समझते हैं और फिर सोच-समझकर जवाब देते हैं। इससे उनके फैसले सही होते हैं और लोग उन्हें समझदार और बुद्धिमान मानते हैं।

आत्मविश्वास बनता है असली ताकत

कम बोलने वाले लोगों में आत्मविश्वास की कमी नहीं होती, बल्कि उनका आत्मविश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत होता है। ऐसे लोग दूसरों को प्रभावित करने के लिए बेवजह बातें नहीं करते। उन्हें खुद पर भरोसा होता है, इसलिए वे शांत रहते हैं और जरूरत पड़ने पर ही बोलते हैं। यही बात उन्हें दूसरों से अलग बनाती है।

दूसरों को समझने का मिलता है मौका

चाणक्य नीति के अनुसार, जो व्यक्ति कम बोलता है, वह ज्यादा सुनता है। जब आप दूसरों को ध्यान से सुनते हैं, तो आप उनकी सोच, उनकी भावनाएं और उनकी कमजोरियां समझ पाते हैं। यही समझ आपको जीवन में आगे बढ़ने में मदद करती है।

कम बोलने से बनती है अलग पहचान

आज के समय में जहां हर कोई बोलने में आगे रहना चाहता है, वहां कम बोलने वाला व्यक्ति अपने आप ही अलग नजर आता है। ऐसे लोगों में एक तरह की मिस्ट्री होती है, जो दूसरों को आकर्षित करती है। लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं और उनकी बातों को ज्यादा महत्व देते हैं।

 

Continue reading on the app

  Sports

Lords Test में हार के बाद भड़के Rashid Latif, Babar Azam और Selection Committee पर साधा तीखा निशाना

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में 194 रन से मिली करारी हार के बाद पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और उसके मौजूदा अध्यक्ष मोहसिन नकवी पर तीखा हमला बोला है। लतीफ का कहना है कि टीम के खराब प्रदर्शन के लिए सिर्फ खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बोर्ड, चयन समिति और प्रशिक्षकों की भूमिका पर भी सवाल उठने चाहिए।

लतीफ ने पाकिस्तान की मौजूदा टीम को पिछले 50 वर्षों की सबसे कमजोर विदेशी दौरा करने वाली टीम बताए जाने की चर्चा से सहमति जताई। हालांकि, उन्होंने इसी के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यप्रणाली को भी निशाने पर लिया। जियो न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस तरह टीम को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसी तरह मौजूदा बोर्ड को भी पिछले 70 वर्षों में सबसे खराब बोर्ड के रूप में देखा जाना चाहिए।

पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा कि चयन समिति और प्रशिक्षकों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा जरूरी है। उनके मुताबिक टीम के लगातार खराब प्रदर्शन के पीछे कई स्तरों पर फैसलों की कमजोरी दिखाई दे रही है। लतीफ ने कहा कि अगर टीम, बोर्ड, चयन समिति और प्रशिक्षकों से जुड़े सभी पहलुओं को एक साथ देखा जाए तो यह समझना आसान होगा कि पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

गौरतलब है कि इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में पाकिस्तान की बल्लेबाजी सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। टीम अब तक एक बार भी 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी है। लॉर्ड्स टेस्ट में भी पाकिस्तान की दूसरी पारी 194 रन पर सिमट गई, जबकि जीत के लिए उसे 389 रन बनाने थे।

कप्तान बाबर आजम की वापसी से पाकिस्तान की बल्लेबाजी को मजबूती मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वह भी प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट की पहली और दूसरी पारी में आठ और छह रन बनाए। दूसरी पारी में तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की उछाल लेती गेंद के सामने बाबर काफी असहज नजर आए और जल्द ही पवेलियन लौट गए।

बता दें कि लॉर्ड्स टेस्ट मैदान के बाहर के विवादों के कारण भी चर्चा में रहा। मुकाबले के दौरान प्रसारणकर्ता स्काई स्पोर्ट्स ने इमरान खान के बेटों कासिम और सुलेमान का माइकल एथर्टन के साथ साक्षात्कार प्रसारित किया था। रिपोर्टों में दावा किया गया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इससे नाराज था और उसने मैच के दूसरे सत्र में टीम को मैदान पर नहीं भेजने की चेतावनी तक दी थी।

हालांकि, बाबर आजम और मुख्य प्रशिक्षक सरफराज अहमद दोनों ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच श्रृंखला का तीसरा और अंतिम टेस्ट नौ सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा, जहां पाकिस्तान की टीम हार के सिलसिले को रोकने के साथ अपनी प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश करेगी।
Mon, 31 Aug 2026 20:10:00 +0530

  Videos
See all

Sara Arjun Tendulkar की साथ में Gym एंट्री! | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-31T14:43:59+00:00

Sawan के झूले...Mirzapur की यादों में खोईं दिव्या मित्तल | #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-31T14:41:49+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers