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घर-घर पानी बेचा, ड्राइवर बने, अब हैं सफल फिल्ममेकर:जानिए 'कांतारा' फेम ऋषभ शेट्टी के संघर्ष की कहानी

"कांतारा' फेम निर्माता-अ​भिनेता ऋषभ शेट्‌टी को फिल्म जगत में यह ख्याति हासिल करने से पहले जीवन के गहरे उतार-चढ़ावों से गुजरना पड़ा है। हाल ही उन्हें इं​डियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला है। जानते हैं उनकी संघर्ष से सफलता की कहानी.… कर्नाटक में उडुपी के छोटे-से गांव में जन्मे ऋषभ का असली नाम प्रशांत शेट्‌टी है। फिल्मों में आने के बाद उन्होंने अपना नाम बदल लिया। अपनी शुरुआती शिक्षा गांव में पूरी करने के बाद ऋषभ कॉलेज की पढ़ाई के लिए बेंगलुरु आ गए। लेकिन अभिनय में अपनी रुचि के चलते ग्रेजुएशन के दूसरे ही साल में वे स्थानीय लोकनाट्यों में हिस्सा लेने लगे थे। फिर उन्होंने बेंगलुरु के सरकारी फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से फिल्म डायरेक्शन में ​डिप्लोमा किया। संघर्ष : प्रोडक्शन हाउस में ऑफिस बॉय की नौकरी की, वडापाव खाकर गुजारा करते थे बेंगलुरु में पढ़ाई के दौरान ऋषभ के पास खर्चा चलाने के पैसे नहीं होते थे तो उन्होंने घर-घर मिनरल वाटर और चायपत्ती बेचने का काम किया। वे होटलों और प्रॉपर्टी व्यवसाय में भी छोटे-मोटे काम करते थे। डिप्लोमा करने के बाद वे कन्नड़ फिल्मों से जुड़े, लेकिन कई सालों तक उन्हें महज स्पॉट बॉय, क्लैप बॉय जैसे काम ही दिए जाते। एक्टिंग के लिए हर ऑडिशन में उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता। बेहतर कॅरिअर की तलाश में वे 2008 में मुंबई आ गए। लेकिन बड़े में शहर गुजारा और मुश्किल था। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में उन्होंने अंधेरी के एक प्रोडक्शन हाउस में आॅफिस बॉय का काम किया। फिल्मों से जुड़े रहने के लिए उन्हें एक प्रोड्यूसर के यहां ड्राइवर की नौकरी तक करनी पड़ी। पैसे नहीं होते थे तो वे वडापाव खाकर ही पेट भर लेते थे। शुरुआत: "तुगलक' से किया डेब्यू, सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला ऋषभ को 2012 में पहली बार फिल्म "तुगलक' में एक निगेटिव किरदार मिला। 2016 तक छोटे-मोटे रोल निभाते हुए उन्होंने कन्नड़ फिल्म "रिकी' से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया। अगली ही फिल्म "किरिक पार्टी' सुपरहिट हुई। 2018 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। फिर 2019 में जाकर ऋषभ को "बेल-बॉटम' में लीड एक्टर का रोल मिला। सफलता: "​कांतारा' ने रातोरात बनाया स्टार, जरूरतमंद बच्चों की आर्थिक मदद करते हैं डेब्यू के दस साल बाद 2022 में आई "कांतारा' ने ऋषभ को रातोरात स्टार बना दिया। "भूत कोला' प्रथा पर आधारित छोटे बजट की फिल्म ने करीब 400 करोड़ रुपए कमाए। इसका सिक्वल भी ब्लॉकबस्टर रहा। ऋषभ को बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। उन्होंने अपने गांव केराडी के सरकारी स्कूल को गोद लिया है। ऋषभ शेट्‌टी फाउंउेशन के जरिए वे जरूरतमंद विद्या​ि​र्थयों की आर्थिक मदद भी करते हैं।

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‘धिक्कार है ऐसे दिमागों पर जिनमें नीच खयाल आते हैं’: अनशन तोड़ने को ‘डील’ बता रहे लोगों पर भड़के सोनम वांगचुक, पत्नी ने भी जताई नाराजगी

सोनम वांगचुक के 26 दिन लंबा अनशन खत्म करने के बाद वामपंथी और इस्लामी गुट उन पर टूट पड़े हैं। इस पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई है।

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  Sports

WCPL 2026: कैरेबियन लीग में Team India की 4 महिला खिलाड़ियों का जलवा, Pooja Vastrakar समेत दिग्गजों की एंट्री

महिला क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए कैरेबियाई क्षेत्र से अच्छी खबर है। महिला कैरेबियन प्रीमियर लीग के 2026 सत्र में भारत की चार प्रमुख खिलाड़ी विदेशी धरती पर अपना दम दिखाती नजर आएंगी। पूजा वस्त्राकर, किरण नवगिरे, यास्तिका भाटिया और शिखा पांडे को अलग-अलग टीमों ने अपने साथ जोड़ा है। सभी टीमों ने विदेशी खिलाड़ियों की सूची की पुष्टि कर दी है।

मौजूदा जानकारी के अनुसार, भारतीय खिलाड़ियों में सबसे बड़ा नाम पूजा वस्त्राकर का है। उन्हें मौजूदा विजेता बारबाडोस ट्राइडेंट्स ने अपनी टीम में शामिल किया है। पूजा ने हाल ही में महिला प्रीमियर लीग के 2026 सत्र में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से कुछ मुकाबले खेले थे। बारबाडोस की टीम में पूजा के अलावा भारत की किरण नवगिरे और न्यूजीलैंड की मैडी ग्रीन तथा सूजी बेट्स भी शामिल हैं।

किरण नवगिरे अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती हैं और बारबाडोस के बल्लेबाजी क्रम को अतिरिक्त मजबूती दे सकती हैं। वहीं, सूजी बेट्स का अनुभव टीम के लिए अहम होगा। मैडी ग्रीन भी न्यूजीलैंड की अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं।

त्रिनबागो नाइट राइडर्स ने भारत की शिखा पांडे और यास्तिका भाटिया को अपनी टीम में जगह दी है। शिखा इससे पहले भी इस प्रतियोगिता में त्रिनबागो की ओर से खेल चुकी हैं और अब वह एक बार फिर टीम का हिस्सा होंगी। यास्तिका पहली बार महिला कैरेबियन प्रीमियर लीग में खेलती दिखाई देंगी। त्रिनबागो की विदेशी सूची में दक्षिण अफ्रीका की मरिजाने कैप और ऑस्ट्रेलिया की लॉरा हैरिस तथा मैडलीन पेन्ना भी शामिल हैं।

इस सत्र में नई टीम जमैका एक्सप्रेस भी मैदान पर उतरेगी। उसने ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग, आयरलैंड की एमी हंटर, दक्षिण अफ्रीका की नोंकू म्लाबा, पाकिस्तान की सैयदा आरूब शाह और न्यूजीलैंड की रोजमेरी मैर को टीम में शामिल किया है। मेग लैनिंग के लिए यह प्रतियोगिता में पदार्पण होगा। लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव के बावजूद वह पहली बार महिला कैरेबियन प्रीमियर लीग का हिस्सा बनेंगी।

गुयाना अमेजन वॉरियर्स ने दक्षिण अफ्रीका की चार खिलाड़ियों ताजमिन ब्रिट्स, नादिन डी क्लर्क, क्लो ट्रायॉन और शबनिम इस्माइल को चुना है। ऑस्ट्रेलिया की एरिन बर्न्स भी टीम में शामिल हैं। एरिन ने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला करीब सात साल पहले खेला था। ताजमिन ब्रिट्स इस टीम की ऐसी विदेशी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इससे पहले इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है।

गौरतलब है कि महिला कैरेबियन प्रीमियर लीग का 2026 सत्र 5 सितंबर से शुरू होगा और खिताबी मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाएगा। इस बार प्रतियोगिता के सभी मुकाबले बारबाडोस के केंसिंग्टन ओवल में आयोजित होंगे। भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी से टूर्नामेंट को भारत में भी अतिरिक्त दर्शक रुचि मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर पूजा वस्त्राकर, किरण नवगिरे, शिखा पांडे और यास्तिका भाटिया के प्रदर्शन पर प्रशंसकों की नजरें टिकी रहेंगी।
Fri, 28 Aug 2026 22:42:00 +0530

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