Nepal Floods में 290 भारतीय लापता, फंसे 200 लोगों को निकालने में जुटा MEA
(फोटो के साथ) नयी दिल्ली, 27 अगस्त नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कम से कम 290 भारतीय अब भी लापता हैं, जबकि लगभग 200 अन्य चीन की ओर फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि भारत दोनों देशों के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है, ताकि बचाव अभियान में समन्वय किया जा सके।
इसने कहा कि बचाव अभियान में तेजी आने के साथ भारत नेपाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और संकट से निपटने में उसकी मदद कर रहा है। नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 359 हो गई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शीर्ष अधिकारियों तथा काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा कि भारत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की स्थिति का पता लगाने के लिए “पुरजोर प्रयास” कर रहा है। भारत ने बुधवार रात से दो सैन्य परिवहन विमानों के जरिए कुल 47.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री नेपाल भेजी है और अधिक राहत सामग्री भेजने की प्रक्रिया जारी है। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि भारत की तत्काल प्राथमिकता लापता भारतीयों का पता लगाना और उन्हें बचाना तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि नेपाल में लापता भारतीयों में जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले लोग और तमिलनाडु तथा पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों के पर्यटक समूह शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘290 भारतीय नागरिकों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इनमें वे 73 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जो त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे थे।
काठमांडू स्थित हमारा दूतावास इन लोगों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए परियोजना प्रमुख के संपर्क में है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, तमिलनाडु के 37 और 49 भारतीय नागरिकों के दो अलग-अलग समूह हैं, जो सम्राट और फ्लाई एवरेस्ट ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए थे।’’ जायसवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल के 32 भारतीय नागरिकों का एक अलग समूह भी था, जो सम्राट ट्रैवल्स की मदद से रसुवा जिले के तिमुरे गया था। उन्होंने कहा कि वहीं, कुछ अन्य राज्यों के 61 भारतीय नागरिकों का एक और समूह भी था। उन्होंने कहा कि केरल के 33 भारतीय नागरिकों का एक और समूह भी था।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को बचा लिया है... हमें जानकारी मिली है कि मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय नागरिक चीन के क्षेत्र में फंसे हुए हैं।’’ जायसवाल ने कहा कि तिब्बत की ओर फंसे लगभग 200 भारतीय नागरिकों ने सुरक्षित निकाले जाने के लिए सहायता मांगी है। उन्होंने कहा कि इनमें से 95 लोग गारचेन में हैं और नेपाल में प्रवेश करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं, जबकि चार लोग जिलॉन्ग शहर में और 13 लोग जुतुलपुक में हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बाढ़ से तबाह हुए क्षेत्रों में स्थिति लगातार बदल रही है और भारत भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद जयशंकर ने कहा, ‘‘बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सभी भारतीयों की स्थिति का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं।” जयशंकर ने कहा कि उनका मंत्रालय विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटर और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मामले के साथ-साथ राहत प्रयासों को लेकर भी नेपाली पक्ष के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’’ जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, “एक दूसरी उड़ान रवाना हुई है, जिसमें नेपाल के लिए 37.5 टन राहत सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट भेजे गए हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘भारत नेपाली अधिकारियों के साथ लगातार और करीबी संपर्क में है। हम जारी राहत प्रयासों को मजबूती से समर्थन देते रहेंगे।’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से बात की थी और वहां बाढ़ से जान-माल के नुकसान पर संवेदना व्यक्त की थी।
साथ ही, उन्होंने कहा था कि भारत पड़ोसी देश को हरसंभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। मोदी ने कहा था कि भारत के लोग इस कठिन समय में नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।
Lawrence Bishnoi का करीबी दीपक खत्री गिरफ्तार, Delhi Police ने एयरपोर्ट से पकड़ा
दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल मामले में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी दीपक खत्री उर्फ मामा को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने एक बयान में कहा कि पश्चिम विहार निवासी खत्री (45) को उसके खिलाफ जारी लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) के तहत यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया और बाद में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
बयान में कहा गया है कि यह गिरफ्तारी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत अपराध शाखा द्वारा दर्ज प्राथमिकी के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, खत्री बिश्नोई से संबंधित हथियार तस्करी मॉड्यूल से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था और उसे गिरोह के सदस्यों के लिए अवैध हथियार और कारतूसों की कथित तौर पर व्यवस्था करने का काम सौंपा गया था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया, जांच में अब तक 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और 32 विदेश निर्मित आग्नेयास्त्रों और कारतूसों की बरामदगी हुई है, जिसमें दो सब-मशीन गन और 363 कारतूस शामिल हैं।
पूछताछ के दौरान खत्री ने खुलासा किया कि वह पहली बार बिश्नोई से 2021 में मिला था जब गैंगस्टर को पुलिस हिरासत पर दिल्ली लाया गया था। पुलिस ने कहा कि एक दोस्त के माध्यम से वह बिश्नोई से मिला और बाद में उसे कानूनी मदद और अन्य सुविधाएं प्रदान कीं। बयान में कहा गया है कि बाद में खत्री ने काला जठेड़ी, काला राणा और जग्गू भगवानपुरिया सहित गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ संपर्क बनाए।
बाद में वह जेल में बंद और जेल के बाहर गिरोह के सदस्यों के बीच संदेशों के आदान प्रदान का माध्यम बना। पुलिस ने यह भी दावा किया कि खत्री दिल्ली में रंगदारी और धमकी के मामलों में समझौता कराने में शामिल रहा। बयान में कहा गया है कि 2023 में ऐसे ही एक मामले में, बिश्नोई ने एक व्यवसायी को खत्री के माध्यम से लगभग 2.5 करोड़ रुपये की रंगदारी को लेकर समझौते पर बातचीत करने का निर्देश दिया था।
बयान में कहा गया है, “टीम को पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शूटर द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों की खरीद में भी उसकी कथित लिप्तता मिली है। हथियार कथित तौर पर आरोपी शाहबाज अंसारी और सलीम पिस्टल के माध्यम से खरीदे गए थे। अधिकारी ने कहा कि अंसारी हथियार तस्करी नेटवर्क का कथित सरगना और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) मामले में बिश्नोई का सह-आरोपी है।
जमानत मिलने के बाद वह भारत से भाग गया और वह वर्तमान में बांग्लादेश से कथित रूप से सक्रिय है। खत्री ने कथित तौर पर सह-आरोपी निशांत अरोड़ा उर्फ नोनी और हर्ष पाल सिंह उर्फ रूबल के साथ संपर्क स्थापित किया, जो बिश्नोई गिरोह के सदस्यों और सहयोगियों के लिए अंसारी से विदेशी निर्मित आग्नेयास्त्र और कारतूस खरीद रहे थे। पुलिस ने दावा किया कि जांच में अवैध हथियारों की खरीद, परिवहन और आपूर्ति में शामिल एक नेटवर्क का पता चला है।
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