Raksha Bandhan Special: बॉलीवुड की ये हैं सबसे पॉपुलर भाई-बहन की जोड़ियां, प्रियंका चोपड़ा से लेकर ऐश्वर्या राय तक बनीं इन स्टार्स की बहन
Raksha Bandhan Special: देश-दुनिया में कल यानी 28 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाएगा. ये दिन भाई-बहन के उस रिश्ते को सेलिब्रेट करने लिए भी मनाया जाता है, जिसमें प्यार के साथ नोकझोंक, दोस्ती, चिंता और एक-दूसरे के लिए खड़े रहने का जज्बा भी होता है. बॉलीवुड की बात करें तो ऐसी कई फिल्में हैं, जिनमें भाई-बहन के रिश्ते को अलग अंदाज में दिखाया गया है. कहीं भाई अपनी बहन की हिफाजत के लिए किसी से भी भिड़ जाता है, तो कहीं बहन मुश्किल समय में भाई के लिए पूरी दुनिया से लड़ जाती है. वहीं कुछ फिल्मों में दोनों के बीच होने वाली छोटी-छोटी नोकझोंक को इस तरह से दिखाया गया, जो हमारी आम जिदंगी में देखने को मिलता है. आइए जानते हैं बॉलीवुड की उन यादगार ऑन-स्क्रीन भाई-बहन की जोड़ियों के बारे में, जिन्हें लोग आज भी पसंद करते हैं.
फिल्म 'जोश' में ऐश्वर्या राय बनीं शाहरुख खान की बहन
साल 2000 में आई फिल्म 'जोश' में ऐश्वर्या राय ने शाहरुख खान की बहन का किरदार निभाया था. इसमें आम फिल्मों से अलग इस रिश्ते में काफी मस्ती और दोस्ती दिखाई गई थी. शाहरुख खान ने मैक्स नाम के शख्स का रोल निभाया था, जो गोवा में एक बाइक गैंग लीडर होता है, लेकिन अपनी बहन शर्ली के लिए वह अपना रवैया बदल लेता है. वह अपनी बहन की सुरक्षा को लेकर बहुत सीरियस हो जाता है. जब शर्ली को किसी और से प्यार हो जाता है तो तब भाई की चिंता और पजेसिवनेस फिल्म में नया मोड़ लाती है. इस फिल्म में यह भाई-बहन की जोड़ी आज भी पसंद की जाती है.
'दिल धड़कने दो' में रणवीर सिंह और प्रियंका चोपड़ा का रिश्ता था बेहद खास
2015 की फिल्म 'दिल धड़कने दो' में रणवीर सिंह और प्रियंका चोपड़ा ने भाई बहन का किरदार निभाया था. इसमें रणवीर ने कबीर नाम के लड़के का रोल किया था. वहीं, प्रियंका आयशा मेहरा नाम की लड़की के किरादर में नजर आईं. ये दोनों एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जो अमीर होता है लेकिन उनकी फैमिली में कई परेशानियां चल रही होती हैं. आयशा एक सफल बिजनेसवुमन है, लेकिन अपनी शादीशुदा लाइफ से परेशान है. वहीं कबीर पर फैमिली बिजनेस को संभालने का प्रेशर होता है. इन्हीं सब चीजों को लेकर भाई-बहन एक दूसरे का सपोर्ट सिस्टम बनते हैं.
'हरे रामा हरे कृष्णा' में देव आनंद और जीनत अमान की भाई-बहन की जोड़ी ने रुलाया
अगर बॉलीवुड के सबसे इमोशनल भाई-बहन के रिश्तों की बात हो तो 1971 की फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' को सबसे पहले याद किया जाता है. इसमें देव आनंद ने प्रशांत और जीनत अमान ने जसबिर नाम की लड़की का किरदार निभाया था. बचपन में दोनों भाई-बहन परिवार बिखरने की वजह से अलग हो जाते हैं. प्रशांत की बहन जसबिर नशे की लत में पड़ जाती है. वहीं, दूसरी तरफ प्रशांत अपनी बहन को ढूंढते हुए नेपाल पहुंचता है और अपनी बहन को इस लाइफ से निकालने की कोशिश करता है. इस फिल्म का 'फूलों का तारों का' गाना भाई-बहन के रिश्ते की पहचान बन गया.
'जाने तू... या जाने ना' में दिखा प्रतीक और जेनेलिया का भाई-बहन का रिश्ता
2008 की फिल्म 'जाने तू... या जाने ना' में प्रतीक बब्बर और जेनेलिया डिसूजा ने भाई-बहन का किरदार निभाया था. जिसमें प्रतीक अमित और जेनेलिया अदिति के किरदार में नजर आईं. फिल्म में दोनों भाई बहन के बीच खूब लड़ाई और नोकझोंक देखने को मिलती है. अमित और अदिति एक-दूसरे से अक्सर झगड़ते रहते हैं. लेकिन उनके बीच बहत गहरा रिश्ता होता है. जब अमित की बहन मुश्किल में होती है तो वह अपनी सारी नाराजगी भूलकर उसकी मदद करता है. इस फिल्म की खासियत यह है कि इसमें आम परिवार में भाई-बहन के बीच होने वाली छोटी-छोटी नोकझोंक को दिखाया गया है.
'सरबजीत' में रणदीप हुड्डा और ऐश्वर्या राय का रिश्ता बना मिसाल
साल 2016 में आई 'सरबजीत' भाई-बहन के रिश्ते को इमोशल अंदाज में पेश करती है. रणदीप हुड्डा ने सरबजीत सिंह और ऐश्वर्या राय ने उनकी बहन दलबीर कौर का किरदार निभाया था. यह फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित थी. सरबजीत अनजाने में पाकिस्तान के बॉर्डर में चला जाता है, जिसके बाद वहां की फौज उसे जेल में डाल देती है. सरबजीत की बहन अपने भाई को वापस इंडिया लाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ती है. इस फिल्म दिखाया जाता है कि कैसे एक बहन अपने भाई के लिए सबकुछ कुर्बान कर देती है. फिल्म में भाई-बहन के कई सीन लोगों को इमोशनल कर देते हैं.
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पिछले 12 वर्षों में भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता में 275 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी, 300 गीगावाट का आंकड़ा पार: प्रल्हाद जोशी
मुंबई, 27 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने गुरुवार को कहा कि भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन से स्थापित ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट का आंकड़ा पार कर लिया है और यह लगभग 302-303 गीगावाट तक पहुंच गई है। वहीं, प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से लगभग 53.5 लाख लाभार्थी परिवारों को लाभ मिल चुका है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 80.3 गीगावाट से बढ़कर 300.5 गीगावाट हो गई है, जो 275 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसी अवधि में सौर ऊर्जा क्षमता 2.8 गीगावाट से बढ़कर 165 गीगावाट हो गई, जो लगभग 58 गुना वृद्धि है, जबकि पवन ऊर्जा क्षमता लगभग 21 गीगावाट से बढ़कर 58 गीगावाट हो गई, जो 176 प्रतिशत की वृद्धि है।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों के दौरान 17 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी है, जिसमें 14.33 गीगावाट सौर क्षमता और 2 गीगावाट से अधिक पवन क्षमता शामिल है।
जोशी ने बताया कि 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अगले पांच वर्षों में 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि इस पूंजी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भारतीय वित्तीय संस्थानों, पूंजी बाजारों, बीमा निधियों, अवसंरचना निवेशकों और निजी पूंजी के माध्यम से जुटाना होगा, और इसी कारण मुंबई भारत के स्वच्छ ऊर्जा निवेश पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाता है।
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, उपभोक्ता मामले एवं खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने यह जानकारी आगामी भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो (बीआरईएसई) 2026 के लिए मुंबई रोडशो में निवेशकों, विकासकर्ताओं, वित्तीय संस्थानों, उद्योग जगत के नेताओं और हितधारकों की एक उच्च स्तरीय सभा को संबोधित करते हुए दी।
बयान में आगे कहा गया कि इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने ऊर्जा क्षेत्र के सभी हितधारकों से आगामी बीआरईएसई 2026 में भाग लेने का आग्रह किया और कहा कि यह शिखर सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी रुचि पैदा कर रहा है। जोशी ने कहा कि चार दिवसीय इस आयोजन में 75 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और ऊर्जा मंत्रियों, वैश्विक संस्थागत निवेशकों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य शृंखला से जुड़े 25,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
जोशी ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन उद्योग जगत के हितधारकों को साझेदारी बनाने, नए बाजारों की खोज करने और वैश्विक निवेशकों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
जोशी ने आगे कहा कि भारत, विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में, घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश भर में हो रहे तीव्र अवसंरचना विकास के साथ हरित ऊर्जा क्षेत्र निवेश और सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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