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Nepal Flood Breaking: नेपाल में चीन ने छोड़ा 'वॉटर बम'? | China | Tibet | Hindi News

Nepal Flood Breaking: नेपाल में चीन ने छोड़ा 'वॉटर बम'? | China | Tibet | Hindi News नेपाल के रसुवा और भोटेकोशी नदी बेसिन में आई अचानक जलप्रलय को लेकर अब तिब्बत से 'वॉटर बम' छोड़े जाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। नेपाल में विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों द्वारा सवाल उठाया जा रहा है कि क्या तिब्बत में रुके पानी को बिना किसी पूर्व चेतावनी के एक साथ नीचे की तरफ छोड़ा गया? हालांकि चीनी दूतावास ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे प्राकृतिक भूस्खलन और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट का परिणाम बताया है। #NepalFlood #WaterBomb #China #Tibet #NepalFlashFlood #BhoteKoshi #Rasuwa #BreakingNews #HindiNews #WorldNews ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/

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Meta के नए नियम: रात 12 से सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगे Kids Accounts, 2 घंटे की Daily Limit तय

सोशल मीडिया पर बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को लेकर बहस के बीच मेटा ने अपने मंचों के इस्तेमाल के तरीके में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। समझौते के तहत कंपनी नाबालिगों के खातों पर समय की पाबंदी, रात में ऐप बंद रखने और विद्यालय के समय सूचनाएं रोकने जैसे कदम उठाएगी। हालांकि, इन बदलावों की सफलता उम्र की सही पहचान पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

मौजूद जानकारी के अनुसार, समझौते में मेटा ने ऐप इस्तेमाल के लिए रोजाना दो घंटे की डिफॉल्ट समय सीमा रखने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा हर 15 मिनट में उपयोगकर्ताओं को कुछ समय रुककर सोचने और सोच-समझकर मंच का इस्तेमाल करने के लिए संदेश दिखाई देंगे। कंपनी जिन खातों को नाबालिगों का मानेगी, उनमें रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक मेटा के ऐप का इस्तेमाल अपने आप बंद रहेगा।

नाबालिगों के खातों पर सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक सूचनाएं भी बंद रहेंगी। इस समय को सामान्य तौर पर विद्यालय का समय माना गया है। इसके अलावा किशोरों को अपनी पोस्ट या दूसरे लोगों की पोस्ट पर पसंद किए जाने की संख्या देखने की सुविधा भी डिफॉल्ट रूप से नहीं मिलेगी।

इन प्रस्तावित बदलावों को बच्चों की डिजिटल आदतों और सोशल मीडिया पर उनके व्यवहार को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लेकिन विशेषज्ञों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि मेटा आखिर यह तय कैसे करेगा कि किसी खाते का इस्तेमाल बच्चा कर रहा है या कोई वयस्क।

डॉक्टर इंगबर ने कहा कि कागज पर ये बदलाव अच्छे दिखाई देते हैं, लेकिन इनका असर तभी होगा जब उम्र की पहचान करने वाली तकनीक सही, प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से काम करे। उनके मुताबिक, मौजूदा तकनीकों में अब भी वयस्कों को नाबालिग और नाबालिगों को वयस्क समझ लेने की गुंजाइश बनी हुई है।

गौरतलब है कि उम्र की पहचान के लिए अब केवल उम्र पूछने वाले सामान्य सवालों पर निर्भरता नहीं रही है। कंपनियां चेहरे की तस्वीर, सरकारी पहचान पत्र और उपयोगकर्ता के व्यवहार जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। हालांकि, हर तरीके के साथ गोपनीयता और गलत पहचान से जुड़े खतरे हैं। पहचान पत्र या चेहरे से जुड़ी जानकारी देने का मतलब है कि बच्चों और वयस्कों को संवेदनशील निजी जानकारी किसी दूसरी कंपनी के साथ साझा करनी पड़ सकती है।

इसको लेकर उपयोगकर्ताओं में अविश्वास भी सामने आया है। डिस्कॉर्ड को इस साल वैश्विक स्तर पर उम्र की पहचान की व्यवस्था लागू करने की कोशिश के बाद विरोध का सामना करना पड़ा और उसे अपनी योजना टालनी पड़ी थी।

हालांकि, कानून विशेषज्ञ फिलिप यानेला इस तकनीक को लेकर पूरी तरह निराश नहीं हैं। उनका मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में उम्र की पहचान की तकनीक में काफी सुधार हुआ है। उनके मुताबिक, कंपनियां उम्र की पुष्टि करने के बाद निजी जानकारी को अपने पास रखे बिना भी काम कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, पहचान संबंधी जानकारी हटाकर केवल यह संकेत रखा जा सकता है कि संबंधित उपयोगकर्ता एक निश्चित उम्र से कम है।

इसके बावजूद डॉक्टर इंगबर और दूसरे विशेषज्ञों का कहना है कि निजी जानकारी को सुरक्षित रखना ही एकमात्र चिंता नहीं है। पहचान पत्र या चेहरे की जैविक जानकारी को इंटरनेट पर भेजना भी जोखिम पैदा करता है। अगर बच्चों से जुड़ी ऐसी जानकारी चोरी होती है तो पहचान की चोरी का खतरा बढ़ सकता है। पासवर्ड बदला जा सकता है, लेकिन चेहरा या उंगलियों के निशान नहीं बदले जा सकते।

बता दें कि मेटा और अमेरिका के 52 राज्यों के महान्यायवादी इन दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दे रहे हैं। समझौते के तहत मेटा को अगले 10 वर्षों तक इन नियमों का पालन करना होगा। कंपनी इसे कानूनी दबाव में किया गया समझौता बताने के बजाय बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका के प्रमाण के रूप में पेश कर रही है।

मेटा अब टिकटॉक और यूट्यूब से भी ऐसे ही बदलाव लागू करने की अपील कर रही है। दिलचस्प बात यह है कि समझौते के तहत मेटा को मिलने वाले भुगतान की करीब 30 प्रतिशत राशि इस बात से जुड़ी है कि टिकटॉक और यूट्यूब भी इन दिशानिर्देशों का पालन करते हैं या नहीं।

विशेषज्ञों की चिंताओं के बावजूद यह मामला सोशल मीडिया के बदलते तौर-तरीकों की ओर इशारा करता है। डॉक्टर इंगबर के मुताबिक, बड़े मंचों की बनावट ही लोगों के व्यवहार को प्रभावित करती है और अगर मंचों की संरचना बदली जाए तो बच्चों के लिए इंटरनेट के इस्तेमाल के नए मानक भी तैयार किए जा सकते हैं।

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  Sports

Lords Test: पाकिस्तान के लिए संजीवनी बने Babar Azam, बोले '90 Percent Fit हूं', बढ़ा Confidence

लॉर्ड्स में होने वाले दूसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बाबर आजम की वापसी बनी हुई है। बाबर ने खुद अपनी फिटनेस को लेकर कहा है कि वह करीब 90 प्रतिशत फिट हैं। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि वह मुकाबला जरूर खेलेंगे, लेकिन उनके बयान और मैच से एक दिन पहले संवाददाता सम्मेलन में मौजूदगी ने उनकी वापसी की संभावना को काफी मजबूत कर दिया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, बाबर आजम ने बुधवार को लॉर्ड्स में होने वाले टेस्ट से पहले पत्रकारों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने अभ्यास सत्र में बल्लेबाजी भी की। उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और सहजता दिखाई दी। पाकिस्तान के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम इस समय इंग्लैंड दौरे पर मुश्किल दौर से गुजर रही है और पिछले टेस्ट में उसका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था।

पाकिस्तान पहली पारी में 171 रन और दूसरी पारी में केवल 135 रन पर सिमट गया था। इस हार के बाद टीम की बल्लेबाजी और कप्तानी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। ऐसे समय में बाबर की वापसी पाकिस्तान के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से भी बड़ी राहत मानी जा रही है।

गौरतलब है कि बाबर लंबे समय से टेस्ट शतक के लिए तरस रहे हैं। उनका आखिरी टेस्ट शतक दिसंबर 2022 में आया था। हालांकि हालिया प्रदर्शन में सुधार के संकेत जरूर मिले हैं। पिछले चार टेस्ट में उन्होंने लगातार चार अर्धशतक लगाए हैं। इससे पहले दो वर्षों के दौरान उनका औसत करीब 24 रन रहा था। अगर पोर्ट ऑफ स्पेन में अब्दुल्ला शफीक के साथ हुई गलतफहमी के कारण उनका विकेट नहीं गिरता तो शायद उनके शतक का इंतजार पहले ही खत्म हो चुका होता।

बाबर के खराब दौर को लेकर अब तक कोई एक स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। कभी वह तेज गेंदबाजों के खिलाफ आउट हुए, कभी स्पिन ने उन्हें परेशान किया और कई बार खराब गेंदों पर भी उनका विकेट गया। सपाट पिचों से लेकर मुश्किल परिस्थितियों तक, उनके आउट होने का सिलसिला चलता रहा। कप्तानी जाने के बाद उनके प्रदर्शन पर भी चर्चा होती रही है।

बता दें कि बाबर ने 2023 में पाकिस्तान की कप्तानी गंवाई थी। इसके बाद भी वह देश के सबसे बड़े क्रिकेट सितारों में बने रहे। पाकिस्तान में उनकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि उनकी बल्लेबाजी के साथ टीम की उम्मीदें भी अक्सर जुड़ जाती हैं। मौजूदा हालात में भी पाकिस्तान के लिए बाबर की वापसी केवल एक खिलाड़ी की वापसी नहीं, बल्कि टीम के आत्मविश्वास से जुड़ा विषय है।

लॉर्ड्स का मैदान भी बाबर के लिए खास है। 2018 में अपने पहले मुकाबले में वह यहां बड़ी पारी की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन बेन स्टोक्स की तेज गेंद से उनके हाथ में चोट लगी और उनकी पारी खत्म हो गई थी। उस दौर की पाकिस्तान टीम में मोहम्मद अब्बास, हसन अली, अजहर अली, असद शफीक और सरफराज अहमद जैसे खिलाड़ी थे।

लॉर्ड्स पर बड़ी पाकिस्तानी पारियों की अपनी अलग कहानी रही है। जहीर अब्बास की एजबेस्टन में 274 रन की पारी, मोहसिन खान और मोहम्मद यूसुफ के लॉर्ड्स पर दोहरे शतक तथा सलीम मलिक की हेडिंग्ले में 99 रन की पारी आज भी क्रिकेट प्रशंसकों को याद है। ऐसे में बाबर के सामने भी इस विरासत में अपना नाम जोड़ने का मौका है।

पाकिस्तान को इस टेस्ट में केवल बाबर की मौजूदगी नहीं, बल्कि बड़ी पारी की जरूरत है। अगर वह लॉर्ड्स में शतक लगाने में सफल रहते हैं तो यह उनके लंबे इंतजार का अंत होने के साथ-साथ मुश्किल दौर से गुजर रही पाकिस्तान टीम के लिए भी बड़ी राहत होगी। फिलहाल बाबर की फिटनेस को लेकर अंतिम फैसला मैच से पहले होना है, लेकिन उनकी वापसी की उम्मीदों ने पाकिस्तान के प्रशंसकों में उत्साह जरूर बढ़ा दिया है।
Thu, 27 Aug 2026 22:56:00 +0530

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