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Nepal Flood Crisis: भारत की सहायता बढ़कर हुई 47.5 टन, S Jaishankar बोले- हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध

भारत ने गुरुवार को बाढ़ से प्रभावित नेपाल को मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री, दवाइयों और खाने के पैकेट की 37.5 टन की दूसरी खेप भेजी। इसके साथ ही भारत द्वारा भेजी गई कुल आपातकालीन राहत सामग्री 47.5 टन हो गई है। नेपाल-चीन सीमा के पास भोटेकोशी नदी प्रणाली में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बचाव और राहत कार्य जारी हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह दूसरी खेप नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महावीर पुन को सौंपी गई, ताकि देश में चल रहे बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में मदद मिल सके। भारत की ओर से मदद का हाथ। नेपाल में बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 37.5 टन HADR सामग्री, दवाइयों और खाने के पैकेट की दूसरी खेप विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, भारत नेपाल और वहां के लोगों के साथ खड़े रहने के लिए प्रतिबद्ध है।

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नेपाल में मौजूदा हालात पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने काठमांडू में मानवीय सहायता लेकर दो विमान भेजे हैं और आपातकालीन सप्लाई की जानकारी दी। जायसवाल ने कहा, हमने जो सहायता दी है - मानवीय सहायता वाले दो विमान - उसे काठमांडू भेजा गया है।" उन्होंने आगे बताया कि इन दो विमानों में दवाएं और खाने-पीने का सामान शामिल था और भारत की तरफ से भेजी गई कुल सहायता 47.5 टन तक पहुंच गई है। जयसवाल ने कहा हवाई मार्ग से दो बार में कुल मिलाकर आठ टन दवाएं और एक टन खाने-पीने का सामान भेजा गया है। भारत ने नेपाल में चल रहे बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए कुल 47.5 टन आपातकालीन सामान भेजा है।" विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी नेपाल के लिए राहत सामग्री, दवाएं और खाने के पैकेट लेकर जाने वाली दूसरी उड़ान के रवाना होने की जानकारी दी। जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा  कि नेपाल के लिए 37.5 टन HADR (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सामग्री, दवाएं और खाने के पैकेट लेकर दूसरी उड़ान अभी रवाना हुई है। भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। हम राहत कार्यों में मज़बूती से मदद करना जारी रखेंगे।

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जयशंकर ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी, MEA की टीम और काठमांडू व बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मकसद बाढ़ की स्थिति का जायजा लेना और आपदा से प्रभावित भारतीयों की मदद के प्रयासों पर चर्चा करना था। उन्होंने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "नेपाल में बाढ़ आपदा को लेकर विदेश सचिव, MEA की टीम और काठमांडू व बीजिंग में हमारे राजदूतों के साथ समीक्षा बैठक की। बाढ़ प्रभावित इलाकों में सभी भारतीयों की स्थिति और उनकी सलामती का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं। MEA इस संबंध में विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और प्रोजेक्ट अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहा है। हम इस मामले और राहत कार्यों, दोनों ही मोर्चों पर नेपाली पक्ष के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।" इससे पहले, भारत ने बुधवार को नेपाल में बाढ़ से निपटने में मदद के लिए 10 टन HADR सहायता और ज़रूरी दवाएं भेजी थीं।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेरे सपनों का उत्तराखंड पर विद्यार्थियों से किया संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को रुद्रपुर स्थित निजी विद्यालय में मेरे सपनों का उत्तराखंड पर आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया.  मुख्यमंत्री ने इस दौरान युवा विद्यार्थियों से संवाद कर उनके विचारों, सुझावों और भविष्य के उत्तराखंड को लेकर उनकी परिकल्पनाओं को जाना.  मुख्यमंत्री ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनका मार्गदर्शन किया. उन्होंने कहा विद्यार्थियों की ऊर्जा, सोच और विकसित उत्तराखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उत्साहवर्धक है.

'प्रदेश की भावी पीढ़ी, सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बने'

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की भावी पीढ़ी, सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बने, यही हमारी प्राथमिकता है. युवाओं के विचार और सुझाव उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. शिक्षा के साथ-साथ युवाओं को रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत–विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को साकार करने के लिए शिक्षा, रोजगार, नवाचार, कौशल विकास, पर्यटन, कृषि, खेल और तकनीक सहित प्रत्येक क्षेत्र को सशक्त बनाया जा रहा है. युवा शक्ति उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत है और उनके सपनों, विचारों एवं प्रतिभा को अवसर देकर हम एक आत्मनिर्भर, सक्षम और विकसित उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

'राज्य पर्यटन और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा'

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा केवल आज का नहीं बल्कि कल के भविष्य भी हैं. मेरे सपनों का उत्तराखंड विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य  पर्यटन, विकास, नवाचार तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. और इन क्षेत्रों के लिए सरकार ने नई नीतियां लागू की हैं.

विज्ञान के क्षेत्र में युवाओं को बढ़ावा देने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में देश की 5वीं सबसे बड़ी साइंस सिटी का निर्माण किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के होनहार विद्यार्थियों को साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश और दुनिया पर नेतृत्व करने का अवसर प्रदान करना है.

'नेतृत्व क्षमता केवल राजनीति तक सीमित नहीं'

मुख्यमंत्री ने  लीडरशिप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेतृत्व क्षमता केवल राजनीति तक सीमित नहीं है. बल्कि खेल, चिकित्सा, विज्ञान, मीडिया और उद्योग—हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्र में सच्चे लीडर होते हैं. उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प से जुड़कर देश व राज्य के विकास में अपना योगदान देने का भी आह्वान किया. उन्होंने सभी को राखी त्यौहार की बधाईयां व शुभकामनाएं दी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ प्रतियोगिता को प्रदेश के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है. अभियान के तहत प्रदेशभर के 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध एवं विचार भेजे हैं. विद्यार्थियों द्वारा व्यक्त किए गए विचार उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी सोच और संकल्प को दर्शाते हैं.

कार्यक्रम में विभिन्न विधालयों के लगभग 800 छात्र-छात्राएं हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की युवा पीढ़ी राज्य के भविष्य को लेकर सजग और जागरूक है. विद्यार्थियों के सपनों, सुझावों और नवाचारपूर्ण विचारों को विकास की दिशा से जोड़ते हुए एक ऐसे उत्तराखंड के निर्माण किया जाएगा, जो सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित हो.

कार्यक्रम में विभिन्न विधालयों के लगभग 800 छात्र-छात्राएं, शिक्षक सहित महापौर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रामपाल सिंह, श्री दिनेश मानसेरा, उत्तम दत्ता, फरजाना बेगम, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एवं अन्य लोग मौजूद रहे.

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