Raksha Bandhan 2026: बेहद पॉपुलर हैं इंडस्ट्री के इन भाई बहनों की जोड़ी, देखें लिस्ट में किस-किसका नाम
Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन का रिश्ता होता ही कुछ ऐसा है, जिसमें कभी नोकझोंक होती है तो कभी एक-दूसरे पर बेशुमार प्यार लुटाया जाता है. बचपन की लड़ाइयों से लेकर बड़े होने के बाद एक-दूसरे का सबसे मजबूत सहारा बनने तक इस रिश्ते की अपनी ही खूबसूरती है. हिंदी फिल्मों ने भी भाई-बहन के रिश्ते पर कई यादगार कहानियां दी हैं, लेकिन बॉलीवुड सितारों की असल जिंदगी में भी ऐसी कई भाई-बहन की जोड़ियां हैं, जिनकी बॉन्डिंग फैंस को खूब पसंद आती है.
ग्लैमर और कैमरों से भरी फिल्म इंडस्ट्री में जहां सितारे अपनी प्रोफेशनल लाइफ को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, वहीं पर्दे के पीछे उनकी फैमिली लाइफ काफी नार्मल है. कई स्टार भाई-बहन एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताते हैं, मुश्किल वक्त में साथ खड़े रहते हैं और सोशल मीडिया पर भी एक-दूसरे के लिए प्यार जाहिर करते नजर आते हैं. रक्षाबंधन के खास मौके पर आइए जानते हैं बॉलीवुड की कुछ ऐसी ही मशहूर भाई-बहन की जोड़ियों के बारे में जिनका रिश्ता सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं है, बल्कि एक-दूसरे के लिए मजबूत सपोर्ट सिस्टम भी हैं.
सलमान खान, अर्पिता खान और अलवीरा खान
सलमान खान और उनकी बहनों अर्पिता खान और अलवीरा खान की बॉन्डिंग किसी से छिपी नहीं है. सलमान अपने परिवार के बेहद करीब हैं और खासतौर पर अपनी बहनों के लिए उनका प्यार अक्सर देखने को मिलता है. अर्पिता के साथ सलमान की बॉन्डिंग को देखकर अक्सर लोगों को बड़े भाई और छोटी बहन का वही प्यारा रिश्ता नजर आता है, जिसमें बड़े भाई की डांट भी होती है और जरूरत पड़ने पर सबसे ज्यादा सपोर्ट भी. अर्पिता की शादी से लेकर उनके परिवार के खास मौकों तक सलमान हमेशा उनके साथ खड़े नजर आए हैं. वहीं अलवीरा भी अपने भाई के साथ कई मौकों पर नजर आती हैं. तीनों की फैमिली बॉन्डिंग बॉलीवुड के चर्चित परिवारों में से एक है.
सैफ अली खान और सोहा अली खान
पटौदी परिवार के भाई-बहन सैफ अली खान और सोहा अली खान भी अपनी खास बॉन्डिंग के लिए जाने जाते हैं. दोनों ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई है, लेकिन कैमरे के सामने और पीछे उनके रिश्ते में एक सहजता नजर आती है. सोहा कई इंटरव्यू में अपने बड़े भाई सैफ की टांग खींचती नजर आई हैं. वहीं सैफ भी अपनी छोटी बहन के साथ मजाक-मस्ती करने का कोई मौका नहीं छोड़ते. दोनों की बातचीत में अक्सर भाई-बहन वाली नोकझोंक देखने को मिलती है.
अर्जुन कपूर और अंशुला कपूर
अर्जुन कपूर और उनकी बहन अंशुला कपूर का रिश्ता बेहद मजबूत और इमोशनल माना जाता है. दोनों ने जिंदगी में कई मुश्किल दौर साथ देखे हैं और यही वजह है कि उनके बीच की बॉन्डिंग काफी गहरी है. अर्जुन कई बार सार्वजनिक तौर पर अपनी बहन के लिए प्यार जाहिर कर चुके हैं. वहीं अंशुला भी अपने भाई के लिए हमेशा सपोर्टिव नजर आती हैं. दोनों के रिश्ते में सिर्फ भाई-बहन वाली मस्ती नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने और संभालने की भावना भी दिखाई देती है. मुश्किल समय में दोनों एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं. अर्जुन के लिए अंशुला सिर्फ छोटी बहन नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी का बेहद अहम हिस्सा हैं. सोशल मीडिया पर दोनों एक-दूसरे के लिए जिस तरह प्यार जाहिर करते हैं उससे भी उनकी बॉन्डिंग साफ नजर आती है.
अहान पांडे और अनन्या पांडे
बॉलीवुड की नई पीढ़ी में भी भाई-बहन की कुछ ऐसी जोड़ियां हैं, जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहती हैं. अनन्या पांडे और उनके भाई अहान पांडे की बॉन्डिंग भी ऐसी ही है. अनन्या और अहान एक-दूसरे के काफी करीब हैं. दोनों की तस्वीरें और फैमिली मोमेंट्स अक्सर सोशल मीडिया पर देखने को मिलते हैं.
इब्राहिम अली खान और सारा अली खान
सैफ अली खान और अमृता सिंह के बच्चे सारा अली खान और इब्राहिम अली खान की बॉन्डिंग भी काफी खास है. दोनों सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के साथ तस्वीरें और वीडियो शेयर करते रहते हैं. सारा अपने छोटे भाई इब्राहिम के साथ अक्सर मस्ती करती नजर आती हैं. दोनों के बीच की नोकझोंक और दोस्ती वाला अंदाज फैंस को खूब पसंद आता है.
आर्यन खान, सुहाना खान और अबराम खान
शाहरुख खान के बच्चे आर्यन, सुहाना और अबराम भी एक-दूसरे के बेहद करीब हैं. तीनों की उम्र में अंतर होने के बावजूद उनकी बॉन्डिंग काफी मजबूत नजर आती है. आर्यन और सुहाना दोनों अपने-अपने प्रोफेशनल प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में रहते हैं. सुहाना ने एक्टिंग में कदम रखा है, जबकि आर्यन फिल्ममेकिंग के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. ऐसे में दोनों एक-दूसरे के करियर को समझने और सपोर्ट करने की स्थिति में भी हैं. वहीं अबराम परिवार के सबसे छोटे सदस्य हैं और बड़े भाई-बहन उन्हें लेकर काफी प्रोटेक्टिव नजर आते हैं. शाहरुख खान भी कई इंटरव्यू में अपने बच्चों की बॉन्डिंग और एक-दूसरे के प्रति उनके प्यार का जिक्र कर चुके हैं.
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एचडीएफसी बैंक पर अमेरिका में क्लास-एक्शन मुकदमा, शेयर फिसले
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस) देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक पर न्यूयॉर्क में फेडरल सिक्योरिटी क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया गया है। बैंक पर आरोप है कि उसने एक कवर्ट स्कीम के तहत एक राज्य सरकार की एजेंसी को ब्याज के रूप में दी जाने वाली अतिरिक्त रकम को मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाकर ब्याज भुगतान को अवैध तरीके से बढ़ाया।
निवेशक ज्वलंत नटवरलाल सोनेजी ने न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की अमेरिकी जिला अदालत में यह मुकदमा दायर किया है। इसमें एचडीएफसी बैंक के साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शशिधर जगदीशन और मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) श्रीनिवासन वैद्यनाथन को भी प्रतिवादी बनाया गया है। यह मुकदमा उन सभी निवेशकों की ओर से दायर किया गया है, जिन्होंने 17 जुलाई 2023 से 26 मई 2026 के बीच एचडीएफसी बैंक के अमेरिकन डिपॉजिटरी शेयर (एडीएस) खरीदे थे।
मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि एचडीएफसी बैंक ने बड़े जमा आकर्षित करने के लिए महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमएसआरडीसी) को 6.01 प्रतिशत ब्याज दर देने का वादा किया था। यह आम ग्राहकों को मिलने वाली 3.5 प्रतिशत की मानक बचत दर से 2.51 प्रतिशत अधिक थी और यह कथित तौर पर आरबीआई के नियमों का उल्लंघन था।
आरबीआई के बैंकिंग नियम व्यक्तिगत जमाकर्ताओं को बातचीत के आधार पर अलग रिटर्न देने पर स्पष्ट रूप से रोक लगाते हैं, इसलिए वरिष्ठ प्रबंधन ने कथित तौर पर इसका एक वैकल्पिक रास्ता निकाला।
मुकदमे के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच एचडीएफसी बैंक ने करीब 45 करोड़ रुपए का अतिरिक्त ब्याज राज्य की इस एजेंसी को दिया। आरोप है कि इस रकम को ब्याज के रूप में जमा करने के बजाय मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाया गया और इसे एमएसआरडीसी द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को प्रायोजित करने में इस्तेमाल किया गया। यह भुगतान कथित तौर पर तीसरे पक्ष के विक्रेताओं के माध्यम से किया गया।
बैंक की एक आंतरिक सतर्कता जांच में निष्कर्ष निकाला गया कि यह तरीका आरबीआई के मास्टर निर्देशों के साथ-साथ एचडीएफसी की आंतरिक रिश्वत-रोधी नीतियों का उल्लंघन करता है।
इसके बाद वादियों ने तर्क दिया कि क्लास पीरियड के दौरान एचडीएफसी की अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) में दाखिल की गई रिपोर्टों में महत्वपूर्ण रूप से गलत जानकारी दी गई। वित्त वर्ष 2024 और 2025 की अपनी फॉर्म 20-एफ वार्षिक रिपोर्टों में एचडीएफसी बैंक प्रबंधन ने निवेशकों को भरोसा दिलाया था कि वित्तीय रिपोर्टिंग पर उसका “आंतरिक नियंत्रण प्रभावी था।”
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ब्याज के अतिरिक्त भुगतान को मार्केटिंग बजट में छिपाकर एचडीएफसी बैंक ने अपने परिचालन खर्च और बारीकी से निगरानी किए जाने वाले शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) दोनों को कृत्रिम रूप से बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया।
बैंक की रिपोर्टों में नियमित रूप से यह चेतावनी दी जाती थी कि “महत्वपूर्ण धोखाधड़ी, सिस्टम विफलता या आपदाएं हमारी राजस्व पैदा करने वाली गतिविधियों को बाधित कर सकती हैं।”
रिपोर्टों में आरबीआई द्वारा लगाए गए पिछले जुर्मानों का भी उल्लेख था। हालांकि, शिकायत में कहा गया है कि ये सामान्य चेतावनियां बैंक के भीतर कथित तौर पर चल रही उच्च स्तर की सक्रिय धोखाधड़ी का खुलासा करने में विफल रहीं।
मामला 18 मार्च 2026 को तब गंभीर हो गया, जब एचडीएफसी के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया। चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए बैंक के भीतर “कुछ ऐसी घटनाओं और प्रथाओं” का हवाला दिया, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। उनके अचानक जाने से निवेशक घबरा गए और अमेरिका में कारोबार करने वाले एचडीएफसी बैंक के शेयर असामान्य रूप से भारी कारोबार के बीच 7.28 प्रतिशत गिरकर 26.62 डॉलर पर बंद हुए।
मामले का पूरा असर 27 मई 2026 को सामने आया, जब द इंडियन एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट प्रकाशित कर एमएसआरडीसी को किए गए भुगतानों की आंतरिक जांच का खुलासा किया। रिपोर्ट में बताया गया कि 10 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार थे। इनमें सीईओ जगदीशन भी शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर वरिष्ठ स्तर की चर्चाओं के दौरान इन छिपाए गए भुगतानों को मौखिक मंजूरी दी थी। इस खुलासे के बाद एचडीएफसी के शेयरों में 4.1 प्रतिशत की अतिरिक्त गिरावट आई और वे 23.78 डॉलर पर बंद हुए।
वादियों ने 1934 के सिक्योरिटी एक्सचेंज एक्ट की धारा 10(बी) और 20(बी) के उल्लंघन का आरोप लगाया है। वे क्लास-एक्शन के रूप में मुकदमे को प्रमाणित करने, निर्धारित नहीं की गई क्षतिपूर्ति राशि और जूरी ट्रायल की मांग कर रहे हैं। उनका दावा है कि बैंक के अधिकारियों ने सच्चाई के प्रति लापरवाही बरती और उन निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिन्होंने नियामकीय उल्लंघनों के सामने आने से पहले कृत्रिम रूप से बढ़ी हुई कीमतों पर एचडीएफसी के शेयर खरीदे थे।
एचडीएफसी बैंक ने एक बयान में कहा, “अमेरिका में शेयरधारकों द्वारा इस तरह के मुकदमे किसी कंपनी के शेयरों में गिरावट के बाद बेहद आम हैं और अमेरिका में सूचीबद्ध कई कंपनियां हर साल नियमित रूप से ऐसे मुकदमों का बचाव करती हैं। बैंक का मानना है कि यह मुकदमा निराधार है और वह इसका मजबूती से बचाव करेगा।”
एचडीएफसी बैंक के शेयर गुरुवार को 1.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 714.45 रुपए पर बंद हुए।
--आईएएनएस
एबीएस
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