TMC ने West Bengal में कार्यकर्ताओं पर हमले का लगाया आरोप, पूछा राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं?
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में जमीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं पर बर्बर हमले हो रहे हैं। साथ ही उसने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और पूछा कि यहां राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए। टीएमसी के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इस सप्ताह की शुरुआत में पार्टी के विष्णुपुर प्रखंड के अध्यक्ष ज्ञानानंद सामंता पर पुलिस की मौजूदगी में अज्ञात लोगों ने बर्बर हमला किया।
पीटीआई वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकता। वीडियो में एक व्यक्ति घायल और परेशान हालत में दिखाई दे रहा है, जिसे कथित तौर पर पीटा गया और बाद में पुलिसकर्मी घसीटकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया, ‘‘ये स्पष्ट संकेत हैं कि पूरे राज्य में राजनीतिक अत्याचार के साथ-साथ हमारे कार्यकर्ताओं पर पुलिस की ज्यादती भी जारी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
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क्या ये ऐसे हालात नहीं हैं, जिनमें बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए? अगर ऐसा किसी गैर-भाजपा शासित राज्य में हुआ होता तो अब तक राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया होता।’’ इस घटना के संबंध में पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भाजपा ने ममता बनर्जी नीत टीएमसी को सत्ता से हटाकर राज्य में सरकार बनाई थी।
Suvendu Adhikari ने कुशल पेशेवरों से बंगाल लौटने की अपील की, IT क्षेत्र में देंगे अवसर
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को देश के अन्य हिस्सों और विदेशों में काम कर रहे राज्य के कुशल और शिक्षित पेशेवरों से वापस लौटने की अपील की और उन्हें ‘‘डबल इंजन सरकार’’ के तहत अवसर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। न्यू टाउन में एलटीएम के नए आईटी कैंपस ‘आनंद निकेतन’ के पहले चरण के उद्घाटन के अवसर पर शुभेंदु ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता राज्य के बड़ी संख्या में शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और पश्चिम बंगाल को फिर से निवेश के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘बड़ी संख्या में शिक्षित युवा बेरोजगार हैं।
उन्हें नौकरियों की जरूरत है और वे बंगाल में काम करने के लिए काफी इच्छुक हैं।’’ मुख्यमंत्री ने लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) समूह का हिस्सा एलटीएम को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए कंपनी को अतिरिक्त 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि कंपनी ने करीब दो महीने पहले सरकार को पत्र लिखकर जमीन की मांग की थी। एलटीएम के आनंद निकेतन आईटी कैंपस के पहले चरण में करीब आठ लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली दो इमारतें शामिल हैं।
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इनमें लगभग 5,800 इंजीनियरों और पेशेवरों के बैठने की क्षमता है। एल एंड टी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एसएन सुब्रह्मण्यन और उनकी टीम को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार कंपनी के विस्तार और राज्य में भविष्य के निवेश के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा, ‘‘एलटीएम एक बहुत अच्छी और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कंपनी है।
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मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि यह समूह बार-बार यहां आएगा और अधिक निवेश करेगा। हम आपकी टीम के साथ सहयोग करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि सरकार विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सुरक्षा, चिप डिजाइन, ऑटोमेशन और डिजिटल विनिर्माण जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अवसर पैदा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। शुभेंदु अधिकारी ने युवाओं के वास्ते रोजगार पैदा करने के लिए शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच साझेदारी की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार छोटे कारोबारियों के लिए ऋण और अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
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