समझौते के बावजूद मेटा को मुकदमों से राहत नहीं
समझौते के बावजूद मेटा को मुकदमों से राहत नहींनेपाल में बाढ़ भूकंप से नहीं बल्कि ग्लेशियर ढहने से आयी : यूएसजीएस
नेपाल में बाढ़ भूकंप से नहीं बल्कि ग्लेशियर ढहने से आयी : यूएसजीएस
नेपाल में बाढ़ भूकंप से नहीं बल्कि ग्लेशियर ढहने से आयी : यूएसजीएस
Khelo India Dialogue: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया संवाद के दौरान देश के युवाओं, एथलीटों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए ओलंपिक खेलों में भारत की व्यापक और बहुमुखी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की खेल महत्वाकांक्षाएं केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा बनाया जाना बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विभिन्न खेल विधाओं में अपनी छुपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाने और उनकी क्षमता का पूरा दोहन करने की आवश्यकता है।
पीएम मोदी बोले- जो खेलते हैं, वे खिलते हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने खेल के व्यापक सामाजिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि खेल के मैदान पर मिलने वाली सफलता का असर सिर्फ खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह परिवारों, शिक्षण संस्थानों, जिलों और पूरे राज्य के मान-सम्मान को और अधिक मजबूत करता है। अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने कहा, "जो खेलते हैं, वे खिलते हैं और खेल में 'खिलने' का मतलब सिर्फ मैदान पर जीत हासिल करना नहीं है। इसका अर्थ किसी व्यक्ति और उसके परिवार का समग्र विकास होने के साथ-साथ राष्ट्र के गौरव को बढ़ाना भी है।"
Khelo India has become a wonderful platform for nurturing sporting talent across the country. It is providing young athletes with opportunities and support to pursue their dreams.@kheloindia
— Narendra Modi (@narendramodi) August 27, 2026
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ओलंपिक खेलों की आधी स्पर्धाओं में भी नहीं होती भारत की मौजूदगी
भारतीय खेलों के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि देश आज भी ओलंपिक में शामिल कई प्रमुख खेल विधाओं में भाग ही नहीं ले पाता है। उन्होंने लाल किले से दिए गए अपने संबोधन को याद करते हुए बताया कि ओलंपिक में जितने भी खेल खेले जाते हैं, भारत उनमें से आधे से भी कम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi says, "When we talk about preparations for the 2036 Olympics, our focus should be on preparing those players starting today who will qualify and compete in various events in 2036, and therefore, from the Red Fort, I have announced a… pic.twitter.com/7h3xLKpb6Z
— ANI (@ANI) August 27, 2026
अपने पुराने आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि साल 2012 के ओलंपिक खेलों के दौरान भारत ने मात्र 13 खेलों में ही हिस्सा लिया था, जबकि बीस से अधिक ऐसी खेल स्पर्धाएं थीं जिनमें देश का एक भी एथलीट मैदान में नहीं उतरा था। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि अपनी पदक तालिका को बेहतर बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा कायम करने के लिए हमें उन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी जिनमें पारंपरिक रूप से हमारी मौजूदगी या तो नगण्य रही है या फिर बिल्कुल नहीं है।
राष्ट्र निर्माण और युवा शक्ति का अभियान हैं खेल
प्रधानमंत्री ने इस बात को विस्तार से समझाया कि भारत का खेल दृष्टिकोण केवल मेडल टैली तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य देश की युवा शक्ति और खेल प्रतिभा को सही दिशा देना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब वे खेल की बात करते हैं, तो इसका दायरा सिर्फ जीत-हार से कहीं आगे जाता है, और यह एक विकसित भारत के निर्माण के लिए देश की युवा ऊर्जा को एकजुट करने का एक महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि खेल में सफलता मिलने से न केवल खिलाड़ी को पहचान मिलती है, बल्कि उनके परिवार, स्कूल, कॉलेज और पूरे समाज का सिर गर्व से ऊंचा होता है।
मेजर ध्यानचंद को किया याद और भारत-न्यूजीलैंड के रिश्तों का जिक्र
इस विशेष संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश के खेल इतिहास में उनके अमूल्य योगदान को याद किया। इसके साथ ही उन्होंने भारत और न्यूजीलैंड के बीच सदी पुराने खेल संबंधों का भी विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, "आज का यह दिन मां भारती के महान सपूत मेजर ध्यानचंद को याद करने का भी अवसर है। ठीक सौ साल पहले, भारतीय सेना की हॉकी टीम ने न्यूजीलैंड का दौरा किया था और मेजर ध्यानचंद उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा थे। इसी ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच 100 साल पुराने खेल संबंधों की मजबूत नींव रखी थी।"
बता दें कि सरकार 'खेलो इंडिया' जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से लगातार जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तराशने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश की उपस्थिति को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
Thu, 27 Aug 2026 14:01:06 +0530