'क्रिकेट बेचा गया तो...' दिग्गज ने टी20 खेलने वाले खिलाड़ियों को दिखाया आईना, टेस्ट मैचों को लेकर बोली बड़ी बात
Javagal Srinath : भारत के पूर्व तेज गेंदबाज और आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ ने मीडिया से बात करते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट और टी20 क्रिकेट के बीच का फर्क बताया है. इसके साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी नसीहत देते हुए टी20 क्रिकेट के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट पर गंभीरता से फोकस करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा है कि, जो टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते उनके लिए टी20 खेलना बहुत मुश्किल है. उन्होंने क्या कहा है, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
श्रीनाथ ने बताई टेस्ट क्रिकेट की अहमियत
जवागल श्रीनाथ ने कहा कि, 'आईपीएल जरूरी है लेकिन आपको क्रिकेट में गहराई चाहिए. मेरा मतलब है कि टेस्ट क्रिकेट पांच दिन का फॉर्मेट है. इसीलिए इसे सभी क्रिकेट की मां कहा जाता है. जो खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट खेलता है, उसके लिए टी20 क्रिकेट खेलना भी आसान हो सकता है. लेकिन जो सिर्फ T20 क्रिकेट खेलता है, उसके लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना उतना आसान नहीं है. इसलिए, मैं कह रहा हूं टेस्ट क्रिकेट पर ही टिके रहो. ये खेल का लंबा वर्शन है. इसके साथ ही तुम टी20 भी खेल सकते हो'.
युवा टैलेंड को लेकर श्रीनाथ ने बोली बड़ी बात
श्रीनाथ ने आगे कहा कि, 'मुझे बहुत सी चीजें होती दिख रही हैं. क्रिकेट को बेचा नहीं जा सकता. इसकी कोचिंग करनी पड़ती है. मैं समझता हूं कि एकेडमी और बाकी सब चीजों से कुछ इन्वेस्टमेंट होता है और यह ठीक है. लेकिन अगर क्रिकेट बेचा गया तो टैलेंट को नुकसान होगा. इसलिए, हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है'.
VIDEO | Indore, Madhya Pradesh: Former India fast bowler and ICC Elite Panel Match Referee Javagal Srinath, says, "IPL is important, but you need depth in cricket. I mean, Test cricket is a five-day format, which is why it is called the 'mother of all cricket.' A player who plays… pic.twitter.com/avCd1Q0AP9
— Press Trust of India (@PTI_News) August 27, 2026
आपको बता दें कि, टेस्ट क्रिकेट को भारत में काफी प्राथमिकता दी जाती है. इसका उदाहण हैं कि, इंडियन क्रिकेट में घरेलू स्तर पर रेड बॉल क्रिकेट लगातार खेला जाता है. दलीप ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी में भारत के युवा और नए खिलाड़ी अक्सर रेड बॉल क्रिकेट खेलते हैं. इसके चलते ही टीम के पास चेतेश्वर पुजार और सफराज खान जैसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाया है. वहीं इंडियन प्रीमियर लीग के जारिए भारत के तमाम क्रिकेटर्स को टी20 क्रिकेट खेलने का मौका मिलता है. अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी आईपीएल से ही टीम इंडिया को मिले.
Happy birthday, Javagal Srinath...!!!
— Johns. (@CricCrazyJohns) August 31, 2023
541 International wickets including 300+ ODI wickets & 200+ Test wickets, one of the finest from India.pic.twitter.com/4UnWymsOX8
जवागल श्रीनाथ का अंतरराष्ट्रीय करियर
जवागल श्रीनाथ ने भारत के लिए 67 टेस्ट मैचों और 229 वनडे मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने भारत के लिए टेस्ट में 236 विकेट हासिल किए हैं, जबकि उन्हें वनडे क्रिकेट में भी 315 विकेट मिले हैं. वो भारत के सफलत्म तेज गेंदबाजों की लिस्ट में शुमार हैं.
| प्रारूप | अवधि | मैच | पारी | गेंदें | मेडन | दिए रन | विकेट | सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी | इकॉनमी | औसत | स्ट्राइक रेट | 4 विकेट | 5 विकेट |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 1991–02 | 67 | 121 | 15104 | 597 | 7196 | 236 | 8/86 | 2.86 | 30.5 | 64.0 | 8 | 10 |
| वनडे | 1991–03 | 229 | 227 | 11935 | 137 | 8847 | 315 | 5/23 | 4.45 | 28.1 | 37.9 | 7 | 3 |
| प्रथम श्रेणी | 1989–03 | 147 | 251 | 28618 | 1091 | 14027 | 533 | 9/76 | 2.94 | 26.3 | 53.7 | 22 | 23 |
| लिस्ट ए | 1990–03 | 290 | 287 | 14981 | 192 | 10684 | 407 | 5/23 | 4.28 | 26.2 | 36.8 | 9 | 4 |
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Chandra Grahan 2026: कल लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, भारत में कब दिखेगा? नोट करें टाइमिंग
Chandra Grahan 2026: सावन पूर्णिमा का दिन इस वर्ष खास रहने वाला है. इस दिन खगोलीय घटना होने वाली है, जिसका प्रभाव दुनिया पर पड़ रहा है. बता दें कि 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा है. इस दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है. हालांकि, भारत में यह चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा. इसलिए, इसका सूतक काल भी यहां मान्य नहीं होगा. आपको सूतक काल को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है. खास बात यह है कि साल का यह आखिरी चंद्र ग्रहण एक उपछाया ग्रहण है. विश्व में यह ग्रहण आंशिक रूप से नजर आएगा.
वहीं, जो लोग पूर्णिमा व्रत रख रहे हैं, उनके लिए इस बार की तिथि को लेकर असमंजस बना हुआ है. चलिए जानते हैं चंद्र ग्रहण कब दिखाई देगा, इसकी पीक टाइमिंग क्या है और ग्रहण के दौरान कौन-कौन से धार्मिक कार्य करने चाहिए.
कितने बजे लगेगा भारत में चंद्र ग्रहण? (Chandra Grahan 2026 Date& Time)
द्रिक पंचांग के अनुसार, सावन मास की पूर्णिमा के दिन यानी 28 अगस्त को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह आंशिक चंद्र ग्रहण होने वाला है. इस ग्रहण में चंद्रमा के एक हिस्से पर पृथ्वी की छाया पड़ने वाली है. भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा. ऐसे में ग्रहण को लेकर भारत में कोई भी चिंता की जरूरत नहीं है. पंचांग के अनुसार, वैसे तो ग्रहण का प्रारंभ सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर होगा लेकिन चंद्र ग्रहण का आंशिक रूप सुबह 8:04 से शुरू होगा. वहीं. इस ग्रहण की पीक टाइमिंग सुबह 9:43 से शुरू हो जाएगी. चंद्र ग्रहण दोपहर 12:30 पर समाप्त हो जाएगा.
पूर्णिमा कब है? (Sawan Purnima Kab Hai)
ग्रहण की स्थिति को देखते हुए पूर्णिमा तिथि भी असमंजस में आ गई है. जो लोग पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, उन्हें इस बार तिथि को लेकर खास बात का ध्यान रखना चाहिए. चंद्र ग्रहण के कारण पूर्णिमा का व्रत 27 अगस्त 2026 को रखा जाएगा. व्रत और पूजा से जुड़े नियमों का पालन करते समय पंचांग और राहुकाल का समय जरूर देख लें. स्थानीय समय के आधार पर व्रत पालन करें.
भारत में चंद्र ग्रहण दिखेगा या नहीं
कल लगने वाले चंद्र ग्रहण की खास बात यह है कि ये भारत में दृश्यमान नहीं होगा. इस दिन रक्षाबंधन भी है. ऐसे में आप बिना किसी भय के राखी बांध सकते हैं. यह ग्रहण पश्चिमी एशिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा और अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप जैसे क्षेत्रों को अपने घेरे में लेगा. जहां ग्रहण दिखाई दे रहा है, वहां उन्हें अपने धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, ग्रहण और उसका सूतक काल मानना चाहिए. भारत में चंद्र ग्रहण नहीं है तो उसका सूतक काल भी मान्य नहीं है.
चंद्र ग्रहण के दौरान किन बातों का ख्याल रखें?
यदि सूतक काल प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय मूल के लोग रहते हैं और उन्हें अपनी रीति-नीति के अनुसार, सूतक काल का पालन करना है तो कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखें. ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ नहीं किया जाता है. इस दौरान आपको अपने इष्टदेवों का घर में शांत स्थान पर बैठ कर ध्यान करना चाहिए और धार्मिक ग्रंथों का पाठ कर सकते हैं. ग्रहण के समय आप सुंदरकांड, महामृत्युंजय मंत्र, हनुमान चालीसा और श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ कर सकते हैं. ऐसा करने से मानिसक शांति मिलती है, जो ग्रहण के समय सबसे जरूरी होता है.
ग्रहण से पहले खाने-पीने की चीजों का क्या करें?
हिंदू धर्म में ग्रहण के दौरान खाना पकाने की मनाही है. ऐसे में आपको सूतक काल लगने से पहले ही भोजन पका लेना है. पहले से खाना-पानी और दूध जैसी चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दें.
ग्रहण समाप्त होने पर क्या करें?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण समाप्त होने के बाद आपको स्नान करना चाहिए. इसके बाद घर के मंदिर की साफ-सफाई करें और उसे शुद्ध करने के लिए गंगाजल छिड़के. पूरे घर में भी गंगाजल का छिड़काव करें. भगवान की विधिवत पूजा पाठ करें और प्रार्थना करें.
भारत के लोग किन बातों का ध्यान रखें?
वैसै तो भारत में ग्रहण नहीं दिखेगा यानी उसका सूतक काल भी मान्य नहीं है. मगर फिर भी सलाह दी जाती है कि आप कोई धार्मिक या शुभ कार्य का प्रारंभ इस समय न करें. यदि फिर भी कोई करना चाहता है तो पहले ज्योतिष से सलाह जरूर लें.
चंद्र ग्रहण का रक्षाबंधन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है. राखी पर मुख्य रूप से भद्राकाल का समय देखा जाता है, जो कि 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा. ऐसे में 28 अगस्त को आप बिना किसी परेशानी के राखी बांध सकते हैं. ग्रहण के कारण राखी के त्योहार या पूजा में कोई रुकावट नहीं आएगी.
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