Aaj Ka Mausam: दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में बारिश का अलर्ट, 26 राज्यों में बदलेगा मौसम, जानें IMD अपडेट
Aaj Ka Mausam: बीते कई दिनों से चल रहा बारिश का दौर आज यानि 27 अगस्त को भी नहीं थमने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान झमाझम बरसात के आसार बने हुए हैं. दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर प्रदेश के साथ बिहार में मूसलाधार बारिश के आसार बने हुए हैं. विभाग के अनुसार, इस दौरान 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी. आईएमडी के अनुसार, उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के इलाकों में कम दबाव बना हुआ है, इसके बार यहां पर भारी वर्षा हो सकती है. बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह मानसून कमजोर पड़ सकता है.
नेपाल की बाढ़ का पानी पहुंचा बिहार... टल गया बड़ा खतरा? जानिए अब क्या है हालात
Bihar Flood Alert: नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश का असर अब बिहार के सीमावर्ती इलाकों में दिखने लगा है. बुधवार रात नेपाल की ओर से आए पानी के तेज बहाव के कारण वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज पर जलस्तर अचानक बढ़ गया. रात करीब 12 बजे बैराज से डेढ़ लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया. जल संसाधन विभाग के अनुसार जलस्तर में वृद्धि की गति धीमी है और इसके अधिकतम दो लाख क्यूसेक तक पहुंचने के बाद घटने की उम्मीद है. स्थिति को नियंत्रित रखने और किसी भी खतरे से बचने के लिए बैराज के सभी 36 फाटकों को खोल दिया गया है.
नियंत्रण में वर्तमान स्थिति
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 354.80 फीट और डाउनस्ट्रीम में 352.30 फीट मापा गया है. नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन पर नारायणी नदी का जलस्तर फिलहाल 4.77 मीटर है, जो खतरे के निशान से काफी नीचे है. अधिकारियों का मानना है कि इस साल 14 जुलाई को 2.24 लाख क्यूसेक का डिस्चार्ज हुआ था, जबकि पिछले वर्ष सितंबर में यह आंकड़ा साढ़े पांच लाख क्यूसेक के पार चला गया था. इस तुलना के आधार पर वर्तमान स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में मानी जा रही है.
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बढ़ते जलप्रवाह को लेकर अलर्ट मोड पर पूरा प्रशासन
गंडक नदी में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए बिहार सरकार ने पूरे प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रखा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक उच्चस्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जैसे गंडक के मैदानी और संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी रखने के कड़े निर्देश जारी किए हैं. प्रशासन की पहली प्राथमिकता निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
सुरक्षा व्यवस्था और राहत कार्य
संवेदनशील और तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा माइक से मुनादी कराई जा रही है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर तैनात कर दिया गया है. इसके साथ ही नदी के तटबंधों, संवेदनशील बिंदुओं और कंट्रोल रूम में तैनात तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों की टीमें चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
लोगों को घबराने की जरूरत नहीं
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहना जरूरी है. संबंधित अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है. जल संसाधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. विभाग का स्पष्ट संदेश है कि घबराएं नहीं, सतर्क रहें.
बता दें कि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका के बीच बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है. उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा कि नेपाल से लगातार जलप्रवाह को लेकर जानकारी मिल रही है और संभावित स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है.
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