कोलंबो टेस्ट- भारत ने श्रीलंका के 6 विकेट गिराए:दूसरी पारी में सिर्फ 16 रन से पीछे; बारिश जीत में रुकावट बन सकती है
कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच का आज पांचवा और आखिरी दिन है। भारत से पहली पारी में पिछड़ने के बाद फॉलोऑन खेल रही श्रीलंका ने दूसरी पारी में 229 रन पर 6 विकेट गंवा दिए हैं। वह भारत से सिर्फ 16 रन आगे है। भले ही भारत की जीत की संभावना ज्यादा दिख रही हो, लेकिन बारिश टीम इंडिया का खेल बिगाड़ सकती है। कोलंबो में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बारिश का अनुमान 80% से ज्यादा है। आगे भी बारिश का अनुमान है। भारत ने 9 रन के अंदर 3 विकेट झटके भारत ने दूसरी पारी में 63 रन पर श्रीलंका के 2 विकेट गिरा दिए थे। इसके बाद पसिंदू सूरियाबंदारा और कमिंदु मेंडिस ने तीसरे विकेट के लिए 115 रन की साझेदारी की। पसिंदू को 92 रन के स्कोर पर स्पिनर मानव सुथार ने ऋषभ पंत के हाथों स्टंप आउट कराया। इसके बाद भारत ने वापसी की। टीम ने 9 रन के अंदर तीन विकेट लेकर श्रीलंका का स्कोर 3 विकेट पर 209 रन से 6 विकेट पर 218 रन कर दिया। सोनल दिनूशा 7 और केशरा नुवंथा 3 रन पर नाबाद हैं। सुथार ने 2 विकेट लिए पसिंदू के अलावा कामिंदु मेंडिस ने 55 और धनंजय डी सिल्वा ने 23 रन की पारी खेली। भारत की ओर से मानव सुथार ने दूसरी पारी में 2 विकेट लिए हैं। रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और सारांश जैन को एक-एक सफलता मिली। सोनल दिनूषा ने लगातार दूसरे टेस्ट में शतक लगाया श्रीलंका की पहली पारी में सोनल दिनूषा ने 103 रन बनाए। यह उनका सीरीज में तीसरा 50+ स्कोर था। हालांकि उनकी पारी के बावजूद श्रीलंका फॉलोऑन नहीं बचा सका और 290 रन पर ऑलआउट सिमट गया। भारत ने पहली पारी 503/9 पर घोषित की थी। जवाब में श्रीलंका 290 रन पर ऑलआउट हो गया। भारत को 213 रन की बढ़त मिली और उसने श्रीलंका को फॉलोऑन दिया।
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बाढ़ से 160 मौतें, 844 लापता:33 शव 150km दूर मिले; भूकंप नहीं, पहाड़ खिसकने से आया 5.2 तीव्रता जैसा झटका
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ में 160 लोगों की मौत हो गई। नेपाल में 157 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई, जबकि 844 लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ में 19 पुल, करीब 40 किलोमीटर सड़कें और 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए। बाढ़ का पानी करीब 30 फीट तक ऊपर आ गया था। तेज बहाव में घर, गाड़ियां और सरकारी ढांचे बह गए। शुरुआत में माना जा रहा था कि बाढ़ से पहले भूकंप आया था, लेकिन अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक चीन की तरफ ल्हेंदे नदी में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसककर गिरा था। इसी लैंडस्लाइड से 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। इसके बाद ल्हेंदे नदी से पानी और मलबे का सैलाब भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पहुंचा, जिससे बाढ़ आई। बहाव इतना तेज था कि लोगों और मलबे को करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन तक बहा ले गया, जहां अब तक 33 शव बरामद किए गए हैं। राहतकर्मी खराब मौसम और टूटे रास्तों के बीच मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे कई श्रद्धालु भी बाढ़ की चपेट में आ गए। नेपाल में लापता लोगों में 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं, जिनमें 133 भारतीय और 37 NRI भी हैं। भास्कर नॉलेजः कैसे आई बाढ़, कितना असर और भारत पर इम्पैक्ट बाढ़ की वजह को लेकर 3 आशंकाएं 1. लैंडस्लाइड से नदी का रास्ता रुका: यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की जांच में पता चला कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर चीन की ल्हेंदे नदी में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसककर गिरा। इससे नदी का बहाव रुका और पानी-मलबा जमा होने के बाद अचानक तेज बहाव आया। इस घटना से 5.2 तीव्रता के भूकंप जितनी ऊर्जा पैदा हुई थी। ल्हेंदे का पानी भोटेकोशी नदी में पहुंच गया, जिससे बाढ़ आ गई। 2. भूकंप से ग्लेशियल फटने की आशंका: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद में बताया कि सुबह 8:37 बजे तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया और करीब तीन मिनट बाद फ्लैश फ्लड की सूचना मिली। इससे आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के झटकों से ग्लेशियल आउटबर्स्ट हुआ होगा। 3. ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट: एक संभावना यह भी है कि बर्फ और मलबे से नदी का रास्ता रुकने के बाद अस्थायी झील बनी और उसका पानी अचानक बाहर निकला। विशेषज्ञ अभी यह जांच रहे हैं कि क्या इस घटना में ग्लेशियल झील भी फूटी थी। बारिश को फिलहाल वजह नहीं माना जा रहा है, क्योंकि नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विभाग के मुताबिक बाढ़ से पहले रसुवा में भारी बारिश नहीं हुई थी। नदी किनारे रहने वालों को खतरा बरकरार नेपाल के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन ने चेतावनी दी है कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के इलाकों में खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। चीन की ओर नदी के रास्ते में बनी झील अभी पूरी तरह खाली नहीं हुई है। लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। नेपाल में पिछले साल भी भोटेकोशी नदी में विनाशकारी बाढ़ आई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई थी। नेपाल-चीन को जोड़ने वाला मितेरी पुल भी बह गया था। भारत में कहां-कितना असर होगा भारत में इसका असर मुख्य रूप से बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी छोटी-बड़ी नदियों में दिखने की आशंका है। नेपाल से करीब 3 मीटर ऊंची फ्लड वेव आने का अलर्ट है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में खास सतर्कता बरती जा रही है। सीतामढ़ी और शिवहर पर भी नजर है। नेपाल का पानी त्रिशूली नदी से होते हुए गंडक तक पहुंचेगा। इसके बाद बिहार के निचले इलाकों में पानी बढ़ सकता है। यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर में भी अलर्ट जारी किया गया है। खबर से जुड़े पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 











