Responsive Scrollable Menu

टॉप-10 में 4 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹87,960 करोड़ घटा:एयरटेल टॉप लूजर, वैल्यू ₹28,052 करोड़ घटी; LIC की वैल्यू बढ़ी

बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में गिरावट रही। इस बीच देश की 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 का मार्केट कैप कुल मिलाकर ₹87,960 करोड़ घटा है। इस दौरान टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल की मार्केट वैल्यूएशन में सबसे बड़ी ₹28,052.96 करोड़ की गिरावट देखने को मिली। इसकी वैल्यूएशन घटकर ₹12.15 लाख करोड़ रह गई है। एयरटेल के अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप भी घटा है। वहीं 6 कंपनियों- LIC, रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस, ICICI बैंक और HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू बढ़ी है। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 468.42 अंक (0.60%) और NSE निफ्टी 114 अंक (0.46%) नीचे गिरकर बंद हुआ। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें... मान लीजिए... कंपनी 'A' के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं... मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

Continue reading on the app

क्या ट्रम्प अपने फैसलों से शेयर-बाजार में करोड़ों कमा रहे?:जून में किए 1 हजार से ज्यादा स्टॉक ट्रेड्स; व्हाइट हाउस बोला- कंप्यूटर संभाल रहा पोर्टफोलियो

राष्ट्रपति के एक बयान या फैसले से शेयर बाजार तुरंत ऊपर-नीचे हो जाता है, ऐसे में उनके खातों से करोड़ों की ट्रेडिंग सामने आने के बाद यह सवाल गहरा गया है कि क्या ट्रम्प अपने राष्ट्रपति पद और फैसलों का फायदा शेयर बाजार से पैसा कमाने के लिए उठा रहे हैं? ट्रम्प के पोर्टफोलियो से जुड़ी इस बड़ी खबर के हर पहलू को 9 आसान सवाल-जवाब में जानें… सवाल 1. रिपोर्ट में ट्रम्प के ट्रेड्स को लेकर मुख्य रूप से क्या जानकारी सामने आई है? जवाब: शनिवार 22 अगस्त को जारी रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रम्प ने जून 2026 में 1,000 से ज्यादा सिक्योरिटीज ट्रेड्स किए हैं। इन सभी ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू 78.1 मिलियन डॉलर से 263.1 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹7000 करोड़ से ₹2,500 करोड़ के बीच रही है। सवाल 2. डिस्क्लोजर में सटीक रकम के बजाय रेंज क्यों बताई गई है? जवाब: अमेरिकी नियमों के तहत राष्ट्रपति और शीर्ष अधिकारियों को अपने वित्तीय सौदों की सटीक रकम बताने की जरूरत नहीं होती। नियम के मुताबिक ट्रांजैक्शन के लिए एक दायरा तय किया जाता है। इसलिए रिपोर्ट में न्यूनतम और अधिकतम रेंज दी गई है। सवाल 3. जून महीने का सबसे बड़ा सौदा कौन सा था? जवाब: जून में सबसे बड़ी डील 22 जून को हुई। इस दिन ट्रम्प ने वैनगार्ड ग्रुप के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड के 5 मिलियन डॉलर से 25 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹48 करोड़ से ₹240 करोड़ के शेयर्स बेचे। सवाल 4. ट्रम्प ने जून में किन प्रमुख कंपनियों के शेयर्स खरीदे या बेचे? जवाब: ट्रम्प के पोर्टफोलियो में ये प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं: सवाल 5. क्या इन ट्रेड्स का अमेरिका की जियोपॉलिटिकल घटनाओं से कोई कनेक्शन दिखा? जवाब: 14 जून को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की सहमति बनने के ठीक बाद, ट्रम्प के खाते से 23 और 24 जून को बाजार में नई खरीदारी की गई। इससे पहले भी बाजार की हलचलों के दौरान ट्रम्प के पोर्टफोलियो में ऐसी एक्टिविटी देखी गई है। सवाल 6. क्या ट्रम्प ने पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शेयर खरीदे-बेचे हैं? जवाब: नहीं, 2025 में ट्रम्प ने कुल 21 हजार से ज्यादा ट्रेड्स किए थे। 2025 में उनके ट्रेड्स की कुल वैल्यू 600 मिलियन डॉलर से 1.86 बिलियन डॉलर करीब ₹6 हजार करोड़ से ₹18 हजार करोड़ के बीच थी। सवाल 7. पद पर रहते हुए ट्रम्प के शेयर बाजार में ट्रेड करने पर क्या सवाल उठ रहे हैं? जवाब: आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति के एक फैसले से शेयर बाजार ऊपर-नीचे हो जाता है, ऐसे में उनके खातों से ट्रेडिंग होना गलत है क्योंकि वे अपने फैसलों का फायदा उठा सकते हैं। हालांकि, ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प का कहना है कि ये पैसे 'ब्लाइंड ट्रस्ट' में हैं। 'ब्लाइंड ट्रस्ट' का मतलब एक ऐसा सिस्टम है, जहां राष्ट्रपति अपना पैसा किसी स्वतंत्र मैनेजर को सौंप देते हैं और उन्हें खुद खबर नहीं होती कि उनका पैसा कब, किस शेयर में लगाया या निकाला जा रहा है। सवाल 8. इस विवाद पर व्हाइट हाउस का आधिकारिक बयान क्या है? जवाब: व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंगले ने कहा: ट्रम्प का सारा पैसा ऐसे खातों में है जिन्हें वे खुद नहीं चलाते। यह काम एक कंप्यूटर सिस्टम करता है, जो 'श्वाब 1000' जैसे बड़े बाजार इंडेक्स की नकल करता है। यानी जैसे बाजार चलता है, वैसे ही अपने आप शेयर खरीदे-बेचे जाते हैं। ट्रम्प या उनका परिवार इसमें कोई दखल नहीं दे सकता और न ही कोई आदेश दे सकता है। सारे फैसले पूरी तरह से बाहरी और स्वतंत्र मैनेजर्स ही लेते हैं। सवाल 9. इस रिपोर्ट का आम निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: रिटेल निवेशकों को समझना चाहिए कि राष्ट्रपति का पोर्टफोलियो ऑटोमेटेड और इंडेक्स-बेस्ड मॉडल पर चलता है। इसलिए इसे देखकर व्यक्तिगत ट्रेडिंग फैसले लेने से बचना चाहिए। वहीं, अमेरिकी राजनीति में इस खुलासे से पारदर्शिता को लेकर बहस फिर तेज हो सकती है।

Continue reading on the app

  Sports

ट्रेंट बोल्ट को 17 साल लग गए, 316 मैच खेलकर मिली ये सफलता, पहली बार लिए इतने विकेट

यूरोप में नई-नई शुरू हुई ETPL लीग के पहले सीजन में ट्रेंट बोल्ट ने ये कमाल किया. न्यूजीलैंड के पूर्व पेसर को शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड भी मिला. Fri, 28 Aug 2026 19:54:29 +0530

  Videos
See all

Uttarakhand News Today : उत्तराखंड की बड़ी खबरें | UK Top News | Chamoli, Dehradun, Nainital Update #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-28T14:45:06+00:00

Delhi: PM Narendra Modi ने स्कूली बच्चों के साथ मनाया Raksha Bandhan | Viral Video #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-28T14:38:37+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers