रक्षाबंधन पर लगाएं मेहंदी की सिंपल और मिनिमम डिजाइन, 7 हिना पैटर्न कर लें सेव
रक्षाबंधन के मौके पर मेहंदी लगानी है और आप ट्रेंडी डिजाइन खोज रहीं तो इन मिनिमम हिना पैटर्न को ट्राई कर सकती हैं। कम समय में लग जाएंगे और आपके हाथों को बेहद खूबसूरत लुक देंगे, यहां देखें 7 डिजाइन।
Parenting Tips: पब्लिक में बच्चे की जिद कर देती है शर्मिंदा? इन 5 स्मार्ट टिप्स से करें स्थिति कंट्रोल
Parenting Tips: छोटे बच्चों का अचानक रोना, जिद करना या गुस्सा दिखाना माता-पिता के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता, खासकर जब यह सब रेस्टोरेंट या किसी पब्लिक प्लेस में हो। भूख, थकान, नींद, ज्यादा शोर या अपनी बात मनवाने की इच्छा बच्चों के मेल्टडाउन की वजह बन सकती है।
ऐसे में डांटने या गुस्सा करने के बजाय थोड़े धैर्य और समझदारी से संभालना ज्यादा बेहतर होता है। अगर आपका बच्चा भी बाहर जाते समय अचानक रोने-चिल्लाने लगे, तो ये 5 आसान टिप्स आपके काफी काम आ सकती हैं।
1. पहले खुद शांत रहें
बच्चे के रोने पर अगर माता-पिता भी गुस्सा करने लगें या जोर से डांटें, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। कोशिश करें कि बच्चे से धीमी और शांत आवाज में बात करें। माता-पिता का शांत व्यवहार बच्चे को भी धीरे-धीरे शांत होने में मदद कर सकता है।
2. बच्चे का ध्यान दूसरी तरफ करें
छोटे बच्चों का ध्यान आसानी से दूसरी चीजों की ओर मोड़ा जा सकता है। अगर रेस्टोरेंट में जिद कर रहा है, तो उसका ध्यान किसी खिलौने पर ले जाने की कोशिश करें। डिस्ट्रैक्शन कई बार बढ़ते टैंटम को संभालने में मदद कर सकता है।
3. दो आसान विकल्प दें
हर बात पर बच्चे को सिर्फ 'हां' या 'नहीं' कहने के बजाय उसे दो छोटे विकल्प देना बेहतर तरीका हो सकता है। इससे बच्चे को अपनी पसंद बताने का मौका मिलता है और उसे यह महसूस होता है कि उसकी बात भी सुनी जा रही है।
4. भूख और थकान को नजरअंदाज न करें
कई बार बच्चा किसी बात पर जिद नहीं कर रहा होता, बल्कि वह भूखा या नींद में होता है। ऐसी स्थिति में उसे समझाना और मुश्किल हो सकता है। इसलिए बाहर जाने से पहले बच्चे की नींद और खाने का ध्यान रखें। अ
5. बच्चे को थोड़ी देर बाहर ले जाएं
अगर रेस्टोरेंट या किसी पब्लिक प्लेस में बच्चा लगातार रो रहा है और शांत नहीं हो रहा, तो उसे कुछ देर के लिए शांत और कम भीड़ वाली जगह पर ले जाएं। कभी-कभी शोर, भीड़ और लगातार बदलता माहौल बच्चे को चिड़चिड़ा कर सकता है।
चुप कराने के लिए जिद पूरी न करें
पब्लिक प्लेस पर लोग क्या सोचेंगे, इस डर से हर बार बच्चे की मांग मान लेना सही रणनीति नहीं हो सकती। बच्चे की भावना को समझना जरूरी है, लेकिन साथ ही सुरक्षित और स्पष्ट सीमाएं तय करना भी जरूरी है।
(Disclaimer): हर बच्चा अलग होता है। अगर बच्चे के गुस्से या मेल्टडाउन की घटनाएं बहुत ज्यादा, लंबे समय तक या उसकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हों, तो बाल रोग विशेषज्ञ या योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
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