SBI PO Mains Exam Date 2026: एसबीआई पीओ मुख्य परीक्षा 12 सितंबर को होगी आयोजित, जानें कब जारी होंगे एडमिट कार्ड
SBI PO Mains Exam Date 2026: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में प्रोबेशनरी ऑफिसर बनने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट है। SBI ने PO भर्ती 2026 की मुख्य परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। जारी जानकारी के मुताबिक मेन्स परीक्षा 12 सितंबर 2026 को देशभर के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। प्रीलिम्स में सफल उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। एडमिट कार्ड अगस्त के आखिरी सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में जारी होने की उम्मीद है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने Probationary Officer (PO) Recruitment 2026 की मुख्य परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। SBI PO Mains Exam 12 सितंबर 2026 को देशभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा।
प्रीलिम्स परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवार ही मेन्स परीक्षा के लिए पात्र होंगे। ऐसे में अब उम्मीदवारों की नजर SBI PO Prelims Result पर भी है। रिजल्ट जारी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों को मेन्स परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
कब जारी होगा SBI PO Mains Admit Card?
SBI PO Mains Admit Card को लेकर उम्मीदवारों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एडमिट कार्ड अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में जारी किया जा सकता है। एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार SBI की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने लॉगिन क्रेडेंशियल के जरिए इसे डाउनलोड कर सकेंगे।
SBI PO Mains Exam में कितने सवाल आएंगे?
SBI PO मेन्स परीक्षा में ऑब्जेक्टिव और डिस्क्रिप्टिव, दोनों तरह के पेपर होंगे।
Objective Test
ऑब्जेक्टिव पेपर में कुल चार सेक्शन से सवाल पूछे जाएंगे:
Reasoning & Computer Aptitude: 40 प्रश्न
Data Analysis & Interpretation: 30 प्रश्न
General Economy & Banking Awareness: 60 प्रश्न
English Language: 40 प्रश्न
ऑब्जेक्टिव टेस्ट के लिए उम्मीदवारों को कुल 3 घंटे का समय दिया जाएगा।
Descriptive Test
इसके अलावा डिस्क्रिप्टिव पेपर में अंग्रेजी भाषा से Letter Writing और Essay Writing से जुड़े प्रश्न होंगे। इस पेपर के लिए 30 मिनट का समय निर्धारित है।
1 और 2 अगस्त को हुई थी प्रीलिम्स परीक्षा
SBI PO भर्ती 2026 की प्रीलिम्स परीक्षा 1 और 2 अगस्त 2026 को आयोजित की गई थी। अब मुख्य परीक्षा की तारीख सामने आने के बाद उम्मीदवारों को प्रीलिम्स रिजल्ट का इंतजार है।
भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार प्रीलिम्स रिजल्ट अगस्त या सितंबर में जारी किया जाना प्रस्तावित है। मेन्स परीक्षा 12 सितंबर को निर्धारित होने के कारण रिजल्ट जल्द जारी किए जाने की संभावना है।
रिजल्ट के साथ ही उम्मीदवारों की कैटेगरी के अनुसार कटऑफ भी जारी किया जाएगा। निर्धारित कटऑफ अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए योग्य माना जाएगा।
SBI PO भर्ती से कितने पद भरे जाएंगे?
SBI PO Recruitment 2026 के जरिए कुल 1,500 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें 1,446 पद नियमित भर्ती के लिए, 54 पद बैकलॉग के लिए निर्धारित किए गए हैं।
CWG 2026: गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में रचा इतिहास, एक ही संस्करण में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने
Gulveer Singh: भारतीय लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने शनिवार को इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पुरुषों की 5000 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। मौजूदा एशियाई चैंपियन गुलवीर ने इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक अपने नाम किया है। इसके साथ ही उन्होंने इस महाकुंभ में अपने शानदार प्रदर्शन को दोहराते हुए डबल मेडल अपने नाम किया है, क्योंकि इससे पहले वह पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक भी जीत चुके हैं।
एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाले पहले एथलीट
इस बड़ी उपलब्धि के साथ गुलवीर सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में एक ही संस्करण में दो ट्रैक एंड फील्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट भी बन गए हैं। भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होने वाली उपलब्धि है।
एथलेटिक्स प्रतियोगिता के अंतिम दिन गुलवीर ने 13:24.95 का समय निकालकर पुरुषों की 5000 मीटर फाइनल में तीसरा स्थान हासिल किया। केन्या के मैथ्यू किपचुम्बा किपसांग ने 13:23.61 का समय लेकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन (जिन्होंने पहले 10,000 मीटर का खिताब जीता था) ने 13:24.70 के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।
The first-ever Indian to win a medal in this discipline...????????
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) August 2, 2026
Heartiest congratulations to TOPS athlete Gulveer on clinching the bronze medal in the Men's 5000m event. By winning medals in both the 5000m & 10000m, you have made the nation proud.
Wishing you many more successes… pic.twitter.com/LSXG2dkLX9
कांटे की टक्कर में केन्याई प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ा
28 वर्षीय भारतीय धावक, जो 5000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों इवेंट्स में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक भी हैं, पूरी रेस के दौरान लीडिंग ग्रुप के साथ बने रहे और अंतिम लैप में जोरदार फिनिश दी। गुलवीर ने अंतिम चरणों में गजब का संयम दिखाया और केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई को महज 0.04 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। केम्बोई इस साल की शुरुआत में 12:56.02 के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ उतरे थे, लेकिन पोडियम से चूक गए।
गौर करने वाली बात यह है कि गुलवीर का यह मेडल-विनिंग समय उनके इस साल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (13:03.93) और उनके राष्ट्रीय रिकॉर्ड (12:59.77) से नीचे था, फिर भी यह भारतीय एथलेटिक्स के लिए इतिहास रचने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।
इससे पहले इस भारतीय धावक ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में 10,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था, जिसके बाद अब उन्होंने इस कॉमनवेल्थ गेम्स में एक रजत और एक कांस्य अपने नाम कर लिया है।
प्रवीण चित्रवेल और सेलवा प्रभु ने भी बढ़ाया भारत का मान
एथलेटिक्स में भारत के लिए शनिवार का दिन बेहद सफल रहा। पुरुषों की ट्रिपल जंप (त्रिस्तरीय कूद) में प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर के शानदार प्रयास के साथ रजत पदक अपने नाम किया। वहीं उनके साथी एथलीट सेलवा प्रभु तिरुमरण ने 16.52 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता, जो उनके करियर का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है। जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा और शुभम जुयाल का जलवा
पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भी भारत का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की F57 शॉट पुट (गोला फेंक) स्पर्धा में सोमन राणा ने सीजन के सर्वश्रेष्ठ 13.40 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उनके साथी भारतीय एथलीट शुभम जुयाल ने सीजन के बेस्ट 13.28 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक देश की झोली में डाला। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में वन-टू फिनिश हासिल की। वहीं कैमरून के सेड्रिक अज़ामदजी ने 12.57 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
अन्य स्पर्धाओं में भारत का मिला-जुला प्रदर्शन
अन्य मुकाबलों की बात करें तो महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक में प्रियंका गोस्वामी ने सीजन के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (45:53.93) के साथ सातवां स्थान हासिल किया, जबकि साथी एथलीट रवीना को डिस्क्वालीफाई कर दिया गया। पुरुषों की पोल वॉल्ट (बांस कूद) में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक देव कुमार मीना 5.30 मीटर की छलांग लगाकर चौथे स्थान पर रहे, जबकि कुलदीप कुमार 5.10 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे।
इसके अलावा, विशाल टीके, अंसा बाबू, संतोष कुमार तमिलरासन और रशदीप कौर की भारतीय मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम ने 3:20.32 के समय के साथ छठा स्थान प्राप्त किया। भले ही एथलेटिक्स में इस बार एबल-बॉडी वर्ग में कोई स्वर्ण पदक हाथ नहीं लगा, लेकिन भारत ने कुल 10 पदकों (पांच रजत और पांच कांस्य) के साथ अपना अभियान समाप्त किया।
नई दिल्ली में 2010 में जीते गए 12 पदकों के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स का यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा और बेहतरीन पदक अभियान रहा है।
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