Paint Protection: PPF या सिरेमिक कोटिंग, कार के पेंट की सेफ्टी के लिए क्या है बेहतर?
Paint Protection: नई कार खरीदने के बाद हर किसी की कोशिश होती है कि उसका पेंट लंबे समय तक नया, चमकदार और स्क्रैच-फ्री नजर आए। इसके लिए आमतौर पर दो विकल्प सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं—Paint Protection Film (PPF) और Ceramic Coating। दोनों का काम कार के पेंट को सुरक्षित रखना है, लेकिन इनकी तकनीक, सुरक्षा और कीमत में काफी अंतर है। आइए जानते हैं कि आपकी कार के लिए कौन-सा विकल्प बेहतर हो सकता है।
PPF क्या होता है?
Paint Protection Film (PPF) एक पारदर्शी और पतली थर्मोप्लास्टिक पॉलीयूरेथेन (TPU) फिल्म होती है, जिसे कार की बॉडी पर लगाया जाता है। यह पेंट के ऊपर एक फिजिकल शील्ड की तरह काम करती है और छोटे-मोटे स्क्रैच, सड़क से उड़कर आने वाले पत्थरों और गिट्टियों के निशान से बचाने में मदद करती है।
अच्छी क्वालिटी के PPF में Self-Healing Property भी मिलती है। इसकी मदद से धूप या गर्मी पड़ने पर हल्के स्क्रैच और स्वर्ल मार्क्स काफी हद तक अपने आप कम हो सकते हैं।
Ceramic Coating क्या है?
Ceramic Coating एक लिक्विड पॉलिमर आधारित कोटिंग होती है, जिसे कार के पेंट के ऊपर लगाया जाता है। यह पेंट की सतह के साथ बॉन्ड बनाकर एक सुरक्षात्मक लेयर तैयार करती है।
सिरेमिक कोटिंग का सबसे बड़ा फायदा कार को मिलने वाली डीप ग्लॉस और शाइन है। इसके अलावा यह पानी, धूल और गंदगी को पेंट की सतह पर आसानी से चिपकने नहीं देती, जिससे कार को साफ करना भी आसान हो जाता है।
किसकी लाइफ ज्यादा होती है?
अच्छी क्वालिटी का PPF आमतौर पर 5 से 10 साल तक चल सकता है, जबकि Ceramic Coating की लाइफ सामान्य तौर पर 1 से 3 साल के आसपास होती है। हालांकि, दोनों की वास्तविक लाइफ प्रोडक्ट की क्वालिटी, इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस पर निर्भर करती है।
अगर आपका मुख्य उद्देश्य कार की चमक बढ़ाना, पानी और धूल से बचाव करना है और आपका बजट सीमित है, तो Ceramic Coating एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
वहीं, अगर आप रोजाना ट्रैफिक में गाड़ी चलाते हैं, हाईवे पर ज्यादा सफर करते हैं या कार के पेंट को पत्थरों और स्क्रैच से बेहतर तरीके से सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो PPF ज्यादा प्रभावी विकल्प है।
PPF और Ceramic Coating में अंतर
फीचर Paint Protection Film (PPF) Ceramic Coating
स्क्रैच प्रोटेक्शन मजबूत, छोटे स्क्रैच और स्टोन चिप्स से बेहतर सुरक्षा सीमित, मुख्य रूप से हल्के स्वर्ल और सतही निशानों से बचाव
लुक और चमक ग्लॉसी या मैट फिनिश का विकल्प ज्यादा चमकदार और डीप ग्लॉस, शो-रूम जैसा लुक
पानी और धूल से बचाव अच्छा बहुत अच्छा, हाइड्रोफोबिक प्रॉपर्टी के कारण
अनुमानित लाइफ करीब 5-10 साल करीब 1-3 साल
अनुमानित खर्च ₹60,000 से ₹1.5 लाख या उससे अधिक ₹15,000 से ₹40,000 के आसपास
अगर आपकी प्राथमिकता पेंट को स्क्रैच और स्टोन चिप्स से बचाना है, तो PPF बेहतर विकल्प है। वहीं, अगर आप कम बजट में कार की चमक, हाइड्रोफोबिक प्रोटेक्शन और आसान सफाई चाहते हैं, तो Ceramic Coating आपके लिए ज्यादा उपयुक्त हो सकती है। जरूरत और बजट के हिसाब से कुछ लोग दोनों का इस्तेमाल भी करते हैं।
(मंजू कुमारी)
Electric Mobility: चार्जजोन और फ्रेश की पार्टनरशिप, 500 इलेक्ट्रिक बसों के लिए फैसिलिटी
Electric Mobility: भारत में इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए चार्जजोन और फ्रेश ने अपनी मौजूदा साझेदारी का विस्तार किया है। इस विस्तार के तहत चार्जजोन, फ्रेश बस के चार्जिंग नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए 400 और ऑल-इलेक्ट्रिक बसें अपने बेड़े में शामिल करेगी। इसके बाद चार्जजोन के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी फ्रेश बस की कुल इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 100 से बढ़कर 500 हो जाएगी।
20 शहरों और 17 कस्बों तक पहुंचेगी सेवा
नई साझेदारी के तहत अगले 15 महीनों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन 20 शहरों और 17 अतिरिक्त कस्बों तक विस्तार किया जाएगा। यह नेटवर्क तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में फैलेगा। इससे दक्षिण भारत में इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस परिवहन को बड़े स्तर पर बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
40 MW तक होगी चार्जिंग क्षमता
500 इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चार्जजोन मौजूदा 10 MW डेडिकेटेड चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा 30 MW की नई चार्जिंग क्षमता विकसित करेगी। इसके बाद फ्रेश बस नेटवर्क के लिए कुल डेडिकेटेड चार्जिंग क्षमता 40 MW हो जाएगी।
यह विस्तार चार्जजोन की देशभर में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की योजना का भी हिस्सा है। कंपनी अपने राष्ट्रीय चार्जिंग नेटवर्क में 200 MW अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।
सालाना 100 मिलियन यूनिट बिजली की खपत
साझेदारी के पूरी क्षमता तक पहुंचने के बाद फ्रेश बस के इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क में सालाना करीब 100 मिलियन यूनिट बिजली की खपत होने का अनुमान है। यह नेटवर्क प्रतिदिन 20,000 से ज्यादा यात्री यात्राओं को सपोर्ट करने में सक्षम होगा।
इसके अलावा, इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते इस्तेमाल से हर साल करीब 9,000 से 10,000 टन CO₂ उत्सर्जन कम करने में मदद मिलने का अनुमान है।
इंटरसिटी इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा
चार्जजोन के संस्थापक और CEO कार्तिकेय हरियानी ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। उनके मुताबिक, इंटरसिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इलेक्ट्रिक बसों का बड़े स्तर पर इस्तेमाल इस बदलाव को तेज कर सकता है, क्योंकि इन बसों का लगातार इस्तेमाल होता है और ये लंबी दूरी तय करती हैं।
वहीं, फ्रेश बस के संस्थापक सुधाकर रेड्डी के अनुसार, चार्जजोन के चार्जिंग नेटवर्क की विश्वसनीयता ने कंपनी को अपने इलेक्ट्रिक बस मॉडल को सफलतापूर्वक साबित करने के बाद बड़े स्तर पर विस्तार करने का भरोसा दिया है। 500 बसों और 40 MW चार्जिंग क्षमता का यह विस्तार भारत में इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस परिवहन को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
(मंजू कुमारी)
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