Smash the Patriarchy 2: जब गाली बनी Gen Z की स्लैंग, तो लड़कियों के लिए क्यों बदल जाता है पैमाना?
भारतीय समाज में लड़कियों के सिर पर इज्जत की इतनी भारी टोकरी रख दी जाती है कि उनके जन्म के साथ ही उनकी जुबान, चाल-ढाल और व्यवहार पर पहरा बैठा दिया जाता है. उनसे कहा जाता है कि वे परिवार की इज्जत हैं, इसलिए उन्हें क्या पहनना है, कैसे बोलना है, कहां जाना है और किस तरह व्यवहार करना है, इसका हिसाब भी उन्हें ही रखना होगा. एक संस्कारी लड़की को आज भी संस्कारवान परिवार की पहचान माना जाता है.
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शिक्षा से जुड़े झारखंड सरकार के बड़े फैसले, मेडिकल कॉलेजों को 888 करोड़; छात्रों को 12 हजार का स्टाइपेंड
Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य के विकास, शिक्षा प्रणाली में सुधार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में स्कूली बच्चों से लेकर उच्च शिक्षा और मेडिकल की पढ़ाई कर रहे युवाओं के हित में कई दूरगामी निर्णय लिए गए. सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य की बुनियादी व्यवस्था को मजबूत करना और आम जनता को सीधे तौर पर राहत पहुंचाना है.
सरकारी स्कूलों में निजी विद्यालयों जैसी व्यवस्था
राज्य के सरकारी विद्यालयों को आधुनिक रूप देने और अभिभावकों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के लिए ज्ञानोदय योजना के तहत नई पहल शुरू की जा रही है. अब निजी स्कूलों की तर्ज पर कक्षा छह से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को स्टूडेंट डायरी दी जाएगी. इस डायरी में पूरे साल के अवकाश से लेकर पढ़ाई का पूरा ब्योरा दर्ज होगा, जिससे शिक्षक और अभिभावक आपस में सीधा संवाद कर सकेंगे. वहीं पहली से पांचवीं कक्षा तक के छोटे बच्चों के लिए हिंदी और अंग्रेजी में पैरेंटल कैलेंडर जारी किया जाएगा. इस कैलेंडर के जरिए अभिभावक अपने बच्चों को घर पर ही अपनी संस्कृति और परिवेश से जुड़ी उपयोगी जानकारियां दे सकेंगे, जिससे बच्चों में बुनियादी समझ और पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी.
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती और डॉक्टरों की संविदा बहाली
राज्य के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए कैबिनेट ने बड़ा कदम उठाया है. स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए संविदा आधारित नियुक्ति नियमावली 2026 के गठन को स्वीकृति दी गई है. इससे अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और सामान्य डाक्टरों के खाली पदों को अनुबंध के आधार पर तुरंत भरा जा सकेगा. इस फैसले से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा.
दो मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी MBBS और पीजी सीटें
झारखंड में डाक्टर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी बड़ी खुशखबरी सामने आई है. सत्र 2026-27 से 2029-30 के दौरान राज्य के दो प्रमुख संस्थानों में एमबीबीएस और स्नातकोत्तर की सीटें बढ़ाई जाएंगी. जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कालेज और धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज में सीटों के विस्तार के साथ-साथ नए पीजी विषय भी जोड़े जाएंगे. आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने के लिए एमजीएम मेडिकल कालेज को 393 करोड़ रुपये और निर्मल महतो मेडिकल कालेज को 495 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के नियम हुए बेहद आसान
उच्च शिक्षा हासिल करने वाले गरीब छात्रों की राह आसान बनाने के लिए गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़े संशोधन किए गए हैं. अब प्रवेश के दौरान छात्रों द्वारा खुद जमा की गई पहले सेमेस्टर या पहले वर्ष की फीस की एकमुश्त प्रतिपूर्ति वेब पोर्टल के जरिए तुरंत की जाएगी. छात्रों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करते हुए पंद्रह लाख रुपये तक के ऋण पर लगने वाली पांच प्रतिशत मार्जिन मनी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है. इसके अलावा नालंदा यूनिवर्सिटी और साउथ एशियन यूनिवर्सिटी समेत केंद्र सरकार के सभी अधिसूचित केंद्रीय विश्वविद्यालयों को इस योजना में शामिल कर लिया गया है, ताकि छात्रों को देश के बड़े संस्थानों में पढ़ाई करने में कोई बाधा न आए.
ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप में अब 12 हजार का स्टाइपेंड
पारंपरिक ज्ञान और ग्रामीण नवाचार को बढ़ावा देने के लिए झारखंड ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना को नए रूप में शुरू किया जा रहा है. अब राज्य के दस हजार स्नातक विद्यार्थियों को आठ सप्ताह की सवेतन इंटर्नशिप दी जाएगी. इसके तहत मिलने वाले स्टाइपेंड को दस हजार से बढ़ाकर बारह हजार रुपये कर दिया गया है. यह योजना राज्य की सभी 4,345 पंचायतों में लागू होगी, जहां छात्र गांवों का दौरा कर स्थानीय ज्ञान का डिजिटल रिकार्ड तैयार करेंगे. मेंटर्स का मानदेय बढ़ाकर तीस हजार और समन्वयकों का मानदेय अस्सी हजार रुपये किया गया है.
पुनर्वास, पेयजल और प्रशासनिक फैसलों पर भी बनी सहमति
कैबिनेट ने धनबाद के बलियापुर में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि आवंटन और जमशेदपुर में मोहरदा जलापूर्ति योजना के दूसरे चरण के लिए 67.36 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं की सूची में संशोधन, आवासीय विद्यालयों में अंशकालीन शिक्षकों की सेवा विस्तार और शिक्षण संस्थानों की लीज नवीकरण से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई है. इन तमाम निर्णयों से राज्य के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है.
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