पाकिस्तान के लिए अच्छी खबर, लॉर्ड्स में कप्तान बाबर आजम का खेलना तय
ENG vs PAK: पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस वक्त इंग्लैंड दौरे पर है, जहां दोनों टीमों के बीच 3 टेस्ट मैचों की सीरीज जारी है. पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त देकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी. पाकिस्तान के नियमित कप्तान बाबर आजम पहले मैच का हिस्सा नहीं बने थे, क्योंकि वो पूरी तरह से फिट नहीं थे. उनकी जगह सलमान अली आगा ने कप्तानी की थी, लेकिन अब रिपोर्ट सामने आ रही है कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में 27 अगस्त से खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच में बाबर आजम खेलते नजर आएंगे. बाबर आजम ने नेट्स पर प्रैक्टिस भी की थी.
8th Pay Commission Update: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में क्या हर साल होगा 7% का तगड़ा इजाफा? देखें कैलकुलेशन
8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है. देश में 8वें वेतन आयोग को लेकर बैठकों और चर्चाओं का दौर तेजी से चल रहा है. इस बीच विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने आयोग और सरकार के सामने अपनी मांगें रखनी शुरू कर दी हैं. इस बार कर्मचारियों की ओर से उठाई गई मांगों में सबसे अहम मुद्दा सालाना वेतन वृद्धि यानी एनुअल इंक्रीमेंट और फिटमेंट फैक्टर का है. कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि इस बार वेतन आयोग ऐसा ढांचा तैयार करे जिससे कर्मचारियों की आय में समय के साथ अच्छी बढ़ोतरी होती रहे और बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें राहत मिले.
सालाना इंक्रीमेंट को लेकर अलग-अलग संगठनों की मांग
कर्मचारी संगठनों की तरफ से वेतन वृद्धि की दरों को लेकर अलग-अलग सुझाव सामने आए हैं. ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन जैसे प्रमुख संगठनों ने मांग की है कि 8वें वेतन आयोग के तहत हर साल कर्मचारियों की सैलरी में 7 फीसदी की बढ़ोतरी की जाए. वहीं दूसरी तरफ नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी, ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स जैसे अन्य बड़े संगठनों ने 6 फीसदी सालाना वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रखा है. इन प्रस्तावों के साथ ही फिटमेंट फैक्टर को भी सही स्तर पर तय करने की जोरदार वकालत की जा रही है ताकि बेसिक पे में सम्मानजनक बढ़ोतरी दर्ज की जा सके.
2.0 फिटमेंट फैक्टर से बेसिक सैलरी हो जाएगी दोगुनी
वेतन आयोग के गणित में फिटमेंट फैक्टर सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अगर सरकार और आयोग कर्मचारियों की मांग पर विचार करते हुए 2.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू करते हैं तो इसका सीधा असर बेसिक सैलरी पर पड़ेगा. इसका सीधा मतलब यह होगा कि किसी भी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी सीधे दोगुनी हो जाएगी. उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे 18,000 रुपये है तो नया फिटमेंट फैक्टर लगते ही यह बढ़कर 36,000 रुपये हो जाएगी. इसी तरह 21,700 रुपये बेसिक पाने वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़कर 43,400 रुपये पहुंच जाएगी.
उच्च स्तर के पदों पर भी दिखेगा बड़ा उछाल
बेसिक सैलरी का यह बदलाव सभी पे मैट्रिक्स लेवल पर समान रूप से असर डालेगा. जिन कर्मचारियों का मौजूदा बेसिक पे 25,500 रुपये है, उनकी नई बेसिक सैलरी 51,000 रुपये तय हो जाएगी. इसी तरह 35,400 रुपये बेसिक पाने वालों का मूल वेतन बढ़कर 70,800 रुपये हो जाएगा. वहीं 44,900 रुपये बेसिक वाले कर्मचारियों का मूल वेतन 89,800 रुपये और 56,100 रुपये बेसिक वाले अधिकारियों का मूल वेतन सीधे 1,12,200 रुपये तक पहुंच जाएगा. यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के भविष्य निधि और ग्रेच्युटी जैसे फंड्स को भी काफी मजबूत करेगी.
बेसिक पे डबल होने का मतलब कुल सैलरी डबल होना नहीं
कर्मचारियों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या बेसिक पे दोगुना होने से उनकी इन हैंड सैलरी भी दोगुनी हो जाएगी. वित्तीय जानकारों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है. जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है तो महंगाई भत्ता यानी डीए, मकान किराया भत्ता यानी एचआरए और अन्य भत्तों की गणना नए सिरे से शून्य से शुरू होती है. वर्तमान में मिल रहे भत्तों को नए बेसिक पे के अनुसार रीसेट किया जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स और वित्तीय विशेषज्ञों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर कर्मचारियों की कुल सैलरी में औसतन 31 फीसदी तक की वास्तविक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
7 फीसदी इंक्रीमेंट से तीन साल में कितना बदलेगा वेतन
आइए अब समझते हैं कि अगर 2.0 फिटमेंट फैक्टर के साथ 7 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट का नियम लागू होता है तो वेतन का ढांचा कैसे काम करेगा. मान लेते हैं कि 18,000 रुपये बेसिक वाले कर्मचारी की नई बेसिक सैलरी 36,000 रुपये हो जाती है और सभी भत्ते मिलाकर उसकी शुरुआती कुल मासिक सैलरी 50,000 रुपये तय होती है. पहले साल की सेवा पूरी होने पर जब कर्मचारी को 7 फीसदी का सालाना इंक्रीमेंट मिलेगा तो उसकी कुल सैलरी बढ़कर 53,500 रुपये हो जाएगी. इसके बाद दूसरे साल जब फिर से 7 फीसदी की बढ़ोतरी होगी तो यह वेतन 57,245 रुपये पहुंच जाएगा. इसी क्रम में तीसरे साल 7 फीसदी का इजाफा होने पर कुल मासिक सैलरी बढ़कर 61,252.17 रुपये हो जाएगी.
आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हैं निगाहें
कर्मचारियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह पूरा आकलन मौजूदा चर्चाओं और कर्मचारी संगठनों द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर आधारित एक अनुमान है. वेतन आयोग जब अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा तो वह देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई दर और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ का पूरा अध्ययन करेगा. इसके बाद ही फिटमेंट फैक्टर और सालाना इंक्रीमेंट के अंतिम फॉर्मूले को मंजूरी दी जाएगी. हालांकि जिस तरह से कर्मचारी संगठन लामबंद हैं, उससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में सरकारी कर्मचारियों के वेतन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव जरूर देखने को मिलेगा.
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