कोलंबो टेस्ट में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने पकड़ा ऐसा अविश्वसनीय कैच कि सभी रह गए हैरान, देखें वीडियो
IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया अभी भी मजबूत स्थिति में है. भारत की पहली पारी के 503 रनों के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रनों पर सिमट गई थी, जिसके बाद उन्हें फॉलोऑन खेलना पड़ रहा है. श्रीलंका ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक 229 रन पर 6 विकेट गंवा दिए हैं. कोलंबो टेस्ट के चौथे दिन भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने एक ऐसा अद्भुत कैच पकड़ा कि सभी हैरान रह गए. उन्होंने यह शानदार कैच लपककर श्रीलंकाई बल्लेबाज कामेंदु मेंडिस को पवेलियन भेजा. शुभमन गिल के इस कैच पकड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.
फोलोऑन खेलने उतरी श्रीलंका की शुरुआत रही खराब
कोलंबो टेस्ट के चौथे दिन जब श्रीलंकाई टीम फॉलोऑन खेलने दूसरी पारी में उतरी, तो उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही. श्रीलंका ने 5 रन के स्कोर पर ही अपना पहला विकेट गंवा दिया. टीम के ओपनर लाहिरू उदारा को मोहम्मद सिराज ने 3 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन का रास्ता दिखाया. इसके बाद श्रीलंका ने 63 के स्कोर पर अपना दूसरा विकेट भी गंवा दिया. कामिल मिशारा को रवींद्र जडेजा ने आउट किया और वह 32 रन बनाकर आउट हुए.
शुभमन गिल ने पीछे दौड़ते हुए छलांग लगाकर पकड़ा अद्भूत कैच
इसके बाद पासिंदु सूरयाबंदारा और कामेंदु मेंडिस ने श्रीलंकाई पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 115 रनों की साझेदारी की, जिसे भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने एक बेहतरीन कैच पकड़कर तोड़ा. श्रीलंका की पारी का 44वां ओवर लेकर प्रसिद्ध कृष्णा आए. इस ओवर की पहली गेंद पर कामेंदु मेंडिस ने पुल शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद बल्ले से ठीक से कनेक्ट नहीं हो पाई और स्क्वायर लेग की तरफ हवा में काफी ऊपर चली गई. वहां पर फील्डिंग कर रहे कप्तान शुभमन गिल ने पीछे की तरफ तेजी से दौड़ते हुए और छलांग लगाते हुए एक शानदार कैच लपका. गिल के इस कैच को देखकर सभी हैरान रह गए. इस तरह कामेंदु मेंडिस 52 रन बनाकर आउट हुए और भारत को एक बड़ी सफलता मिली.
If leading from the front had to be captured in one moment! ????
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 26, 2026
Prasidh Krishna nails the short ball, and Shubman Gill pulls off a stunning catch to dismiss Kamindu Mendis! ????????
Watch #SLvIND, 2nd Test, LIVE NOW on Sony Sports Network TV channels & Sony LIV.… pic.twitter.com/qeNzO8uqww
???? ???????????????????????????????? ???????????????????? ???????????????? ???????????????????????????? ???????????????????????????? ???????????????? ????????
— BCCI (@BCCI) August 26, 2026
Runs backwards ✅
Keeps his eyes on the ball ✅
Puts in a dive to complete the catch ✅
Prasidh Krishna strikes for #TeamIndia ????????
Updates ▶️ https://t.co/r9FgXSdsMf#SLvIND pic.twitter.com/GSAhOI3jjn
जुलाई में भारत के इंजीनियरिंग निर्यात में 18 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी, 12.24 अरब डॉलर पर पहुंचा निर्यात
नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया के प्रमुख व्यापारिक मार्गों में व्यवधानों के बावजूद भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात ने मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है। ईईपीसी इंडिया द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में देश का इंजीनियरिंग निर्यात 18 प्रतिशत बढ़कर 12.24 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि जुलाई 2025 में यह 10.40 अरब डॉलर था।
यह वृद्धि भारत के कुल वस्तु निर्यात की वृद्धि दर से भी अधिक रही। जुलाई 2026 में देश के कुल माल निर्यात में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि इंजीनियरिंग क्षेत्र ने उससे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 18 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। सरकारी त्वरित अनुमान के अनुसार, जुलाई में भारत के कुल वस्तु निर्यात में इंजीनियरिंग उत्पादों की हिस्सेदारी 27.7 प्रतिशत रही।
इंजीनियरिंग निर्यात क्षेत्र का मजबूत प्रदर्शन चालू वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में भी जारी रहा है। अप्रैल से जुलाई के दौरान प्रत्येक महीने इंजीनियरिंग निर्यात 10 अरब डॉलर से ऊपर बना रहा। इस अवधि में कुल इंजीनियरिंग निर्यात 46.38 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 39.24 अरब डॉलर था। इस प्रकार चार महीनों में निर्यात में 18.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
अप्रैल-जुलाई 2026-27 के दौरान भारत के कुल वस्तु निर्यात में इंजीनियरिंग उत्पादों की हिस्सेदारी 26.7 प्रतिशत रही, जो इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए अमेरिका सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना हुआ है। जुलाई 2026 में अमेरिका को इंजीनियरिंग निर्यात 20 प्रतिशत बढ़कर 2.18 अरब डॉलर हो गया। वहीं अप्रैल से जुलाई की अवधि में अमेरिका को निर्यात 7.78 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.8 प्रतिशत अधिक है।
चीन के लिए भी भारतीय इंजीनियरिंग उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। जुलाई में चीन को निर्यात 32 प्रतिशत बढ़कर 349 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
इसके अलावा, जर्मनी, ब्रिटेन और सिंगापुर जैसे प्रमुख बाजारों में भी अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई।
हालांकि कुछ बाजारों में भू-राजनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौतियों का असर भी देखने को मिला। विशेष रूप से सऊदी अरब को इंजीनियरिंग निर्यात में गिरावट दर्ज की गई।
ईईपीसी इंडिया के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास उत्पन्न लॉजिस्टिक संकट ने व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। इसके साथ ही क्षेत्रीय संघर्षों के कारण सऊदी अरब में कई परियोजनाओं की गति धीमी हुई है, जिससे इंजीनियरिंग उत्पादों की मांग पर असर पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, इंजीनियरिंग निर्यात में सुधार केवल कुछ उत्पादों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका आधार काफी व्यापक रहा है। जुलाई में 34 इंजीनियरिंग उत्पाद समूहों में से 27 समूहों ने सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की।
हालांकि कुछ श्रेणियों में कमजोरी भी देखने को मिली। लौह एवं इस्पात उत्पाद, सीसा और उससे जुड़े उत्पाद, मशीन टूल्स, विमान और अंतरिक्ष यान तथा उनके पुर्जे, क्रेन, लिफ्ट और विन्च, तथा कार्यालय उपकरण जैसे सात उत्पाद समूहों के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation








