Nepal Flash Flood Live News: नेपाल ने बाढ़ से निपटने के लिए भारत और चीन से मांगी मदद
Nepal Flash Flood Live News: नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार तड़के भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ से भारी तबाही मच गई. बाढ़ के पानी ने नदी किनारे बसे कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया और कई महत्वपूर्ण ढांचों को नुकसान पहुंचाया. इसके बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है.
उत्तरगया ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष चमेली गुरुङ के मुताबिक, बाढ़ से करीब एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुई हैं. इनमें स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मैलुंग, सल्लेतार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खल्ती बस्ती, सोले, त्रिशूली और बट्टार शामिल हैं.
शुरुआती जानकारी के अनुसार अब तक 13 शव बरामद किए जा चुके हैं. हालांकि, प्रशासन ने अभी तक मौतों, घायलों और संपत्ति के नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है. स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार तबाही काफी बड़ी है. आशंका जताई जा रही है कि इस प्राकृतिक आपदा में 1000 से ज्यादा लोग बह गए हैं. बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं.
Jharkhand: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा निर्देश, हाथी कॉरिडोर होंगे सुरक्षित, जंगलों में लगेंगे औषधीय पौधे
Jharkhand: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड प्रतिकरात्मक वनरोपण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) की शासी निकाय की पहली बैठक हुई. बैठक में राज्य में वन संरक्षण, पौधरोपण, पर्यावरण संतुलन और वन क्षेत्रों के विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कैम्पा से चलने वाली सभी योजनाओं को तय समय पर, निर्धारित मानकों के अनुसार और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. इसका सीधा सकारात्मक असर जंगलों, ग्रामीणों और स्थानीय समुदायों के जीवन में दिखाई देना चाहिए. उन्होंने कहा कि वन संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकता है. पौधरोपण, जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुधार से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए. पौधे लगाने के बाद उनकी नियमित निगरानी और सुरक्षा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए.
औषधीय पौधों पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनरोपण में ऐसे पौधों का चयन किया जाए, जो इंसानों के साथ वन्यजीवों के लिए भी उपयोगी हों. उन्होंने औषधीय पेड़ों के पौधे लगाने पर भी जोर दिया. साथ ही मृदा और जल संरक्षण से जुड़े कामों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया.
हाथी कॉरिडोर की होगी मैपिंग
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी हाथी कॉरिडोर की बारीकी से मैपिंग कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि हाथियों और दूसरे वन्यजीवों के आने-जाने में किसी तरह की बाधा नहीं होनी चाहिए. संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर जरूरत के अनुसार उनका सीमांकन किया जाए. उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में जल संरक्षण और भू-जल बढ़ाने के काम स्थानीय जरूरतों और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार किए जाएं. सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से योजनाओं को समय पर पूरा करें.
आज प्रोजेक्ट भवन में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अंतर्गत CAMPA की राज्य प्राधिकरण की गवर्निंग बॉडी बैठक में शामिल हुआ और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए। pic.twitter.com/LC0FGyU6PB
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 24, 2026
विकास के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में क्रशर संचालन, जंगलों में कोयला मिलने और उत्खनन जैसी गतिविधियों से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और रास्ते प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन जरूरी है. उन्होंने हाथी कॉरिडोर वाले क्षेत्रों में सड़क निर्माण की जरूरत होने पर एलिवेटेड रोड जैसी तकनीक अपनाने का सुझाव दिया. साथ ही वन्यजीवों के पसंदीदा खाद्य पौधों का अधिक से अधिक रोपण कराने को कहा, ताकि उन्हें जंगल में पर्याप्त भोजन मिल सके और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम हो.
कैमरों से हाथियों पर नजर
वन विभाग ने बताया कि रामगढ़, बोकारो, चाकुलिया समेत संवेदनशील क्षेत्रों में थर्मल और इंफ्रारेड कैमरे लगाए जा रहे हैं. इनसे हाथियों की गतिविधियों की पहले जानकारी मिल सकेगी. हाथियों की मौजूदगी का पता चलते ही हूटर के जरिए स्थानीय लोगों को अलर्ट किया जाएगा. बता दें कि स्थानीय लोगों के मोबाइल नंबर भी दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें हाथियों की गतिविधि की जानकारी रियल टाइम मैसेज से मिल सके. विभागीय कार्यालयों को भी इसकी ऑनलाइन सूचना मिलेगी, जिससे समय पर कार्रवाई की जा सके.
आपको बता दें कि इस बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित वन, वित्त, ग्रामीण विकास, पर्यटन, पथ निर्माण और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने कैम्पा योजनाओं की नियमित निगरानी और देरी होने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
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