Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में स्कूलों पर अब सख्त नजर! 5 हजार शिक्षकों की भर्ती, छात्राओं को कराटे और हर महीने होगी पढ़ाई की समीक्षा
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बेहतर करने और शिक्षकों की जिम्मेदारी तय करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का फैसला लिया है. मंगलवार (25 अगस्त) को दीनदयाल ऑडिटोरियम में हुई राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए.
स्कूलों में बढ़ेगी निगरानी
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि स्कूलों का नियमित निरीक्षण बढ़ाया जाए और हर महीने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा हो. निरीक्षण के दौरान केवल शिक्षकों की उपस्थिति नहीं देखी जाएगी, बल्कि यह भी जांचा जाएगा कि कक्षा में बच्चों की पढ़ाई सही तरीके से हो रही है या नहीं. उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए स्कूल न आएं. विद्यार्थियों को पढ़ाना उनकी पहली जिम्मेदारी है. साथ ही स्कूल परिसर में यूट्यूबरों और अन्य बाहरी लोगों के अनावश्यक प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए. बाहरी लोगों की गतिविधियां तय नियमों के अनुसार ही होंगी.
हर स्कूल में बनेगी बैंड पार्टी
विद्यार्थियों में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के लिए हर स्कूल में बैंड पार्टी बनाने की योजना है. इसमें एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड से जुड़े विद्यार्थियों को शामिल होने का मौका मिलेगा. स्कूलों में मार्च पास्ट और स्थानीय व पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा. शनिवार को होने वाले बैगलेस डे में बच्चों को योग, खेल और दूसरी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा. इसका उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ अन्य जरूरी कौशल से जोड़ना है.
छात्राओं को मिलेगा कराटे प्रशिक्षण
छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में कराटे प्रशिक्षण को अनिवार्य करने की तैयारी है. इसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे. वहीं बालिकाओं की सुविधा के लिए प्रदेश में 8 हजार से अधिक नए शौचालय बनाने की योजना है. मंत्री ने जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए राशि जारी करने के निर्देश दिए. जिन भवनों की हालत बहुत खराब है, उनके स्थान पर नए भवन बनाने के प्रस्ताव भी भेजे जाएंगे.
VIDEO | Raipur: Chhattisgarh School Education Minister Gajendra Yadav says, "We will make karate training mandatory for girls for self-defence. Schools with Scouts, Rovers, Rangers, NSS and NCC units will have mandatory march-pasts and bands, with local children trained to… pic.twitter.com/9UJacK7INf
— Press Trust of India (@PTI_News) August 25, 2026
जल्द होगी 5 हजार शिक्षकों की भर्ती
स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 5 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से बच्चों को डिजिटल पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. शिक्षक के अनुपस्थित रहने की स्थिति में भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए डिजिटल माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने की योजना है.
हर महीने होगी शिक्षा की समीक्षा
अब शिक्षा विभाग की हर महीने रायपुर में समीक्षा बैठक होगी. महीने के तीसरे सप्ताह में जिलों के स्कूलों की स्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति और पढ़ाई की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. ब्लॉक और संकुल स्तर के अधिकारियों को भी नियमित निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है.
मंत्रोच्चारण का बताया उद्देश्य
मंत्री ने कहा कि स्कूलों में मंत्रोच्चारण कराने का उद्देश्य लोकप्रियता हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार विकसित करना है. वहीं टीईटी को लेकर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में नई व्यवस्था लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ में भी उसी के अनुसार फैसला लेने पर विचार किया जाएगा.
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