'हम एकतरफा मैच खेले...' भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर हरमनप्रीत कौर का बयान वायरल, जानिए एशिया कप से पहले क्या कहा?
Asia Cup 2026 : महिला एशिया कप 2026 की शुरुआत 28 अगस्त से होने जा रही है. इस टूर्नामेंट में भारतीय क्रिकेट टीम भी हिस्सा लेने वाली है, जो ट्रॉफी उठाने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है. भारत ने वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में इतिहास रचा था. अब हरमन एक बार फिर से अपनी टीम के साथ भारत को एक और ट्रॉफी दिलाना चाहेंगी. एशिया कप में भारत की टक्कर पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे एशिया की बड़ी टीमों के साथ होने वाली है. उससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने यूएई में होने वाले एशिया कप से पहले बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अपनी तैयारियों के बारे में बताया है.
एशिया कप से पहले हरमन प्रीत का बड़ा बयान
इंडिया की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सोनी स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा कि, 'हम पिछले 4-5 साल अच्छे रहे हैं और हमने अच्छा क्रिकेट खेला है. क्रिकेट में दबदबा बनाया है. हमने बड़ी टीमों को हराया है और सीरीज भी जीती हैं. बेशक, हम जीतने की उम्मीद करते हैं. हमारी टीम बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रही है. अब, हम लॉर्ड्स में जीत के बाद आ रहे हैं और लगातार कई गेम भी जीते हैं. इसलिए टीम पहले ही सफलता का स्वाद चख चुकी है और और भी ज्यादा की भूखी होगी'.
???????????????????????????? ????????????????????????, ???????????? ???? ????????????????????????????????????’???? ????????????????! ????
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 26, 2026
Harmanpreet Kaur and Team India begin their quest for Asian supremacy this Sunday! ????
Catch India vs Thailand in the DP World Women’s Asia Cup 2026, on 30th August at 7:30 PM, LIVE on Sony Sports Network… pic.twitter.com/U3pbv7VSJu
हरमनप्रीत ने आगे कहा कि, 'टीम में हर कोई मैच जीतने के बारे में बात करता है. टूर्नामेंट कैसे जीते जाएं. इसलिए जब आपके पास इस तरह का कल्चर होता है, तो आप हमेशा मोटिवेटेड महसूस करते हैं और आप सच में किसी भी टूर्नामेंट के लिए तैयार रहते हैं. तो यह टूर्नामेंट (एशिया कप) बहुत जरूरी है और हम एक टीम के तौर पर खेलेंगे और एक बार फिर अपने देश को गर्व महसूस कराएंगे'.
भारत-पाकिस्तान मैच में क्या बोलीं हरमन
हरमन ने भारत की पाकिस्तान से चिर-प्रतिद्वंद्वी पर कहा कि, 'इसमें कोई शक नहीं कि यह एक हाई-प्रेशर वाला गेम है और एक खिलाड़ी के तौर पर आपको कई चीजों से निपटना होता है. हम इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते रहते हैं लेकिन भारत बनाम पाकिस्तान मैच में जितना प्रेशर होता है, उतना प्रेशर आपको कहीं और महसूस नहीं होता है'.
2️⃣ DAYS TO GO! ????
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 26, 2026
???????? ???????????? ???????????????????????????? ???????????????? ???????????????????? ???????? ???????????????????????????????????????? ???????????????????????????????? ???????? ???????????????? ????????????????! ????
Watch #DPWorldWomensAsiaCup2026 from 28th August, 8 PM onwards, LIVE on Sony Sports Network TV channels & Sony LIV.#SonySportsNetwork… pic.twitter.com/5MmqOdQL4E
उन्होंने अंत में कहा कि, 'यह एक ऐसा पल होता है जब आपको अपना मेडल मिलता है और मुझे लगता है कि जब बात मेडल की होती है, तो मोटिवेशन और भी बढ़ जाता है. हम दिन-रात सोचते रहते हैं कि मेडल जीतने के बाद हमें कैसा लगेगा और हम कैसे सेलिब्रेट करेंगे. पिछली बार हमने बहुत जबरदस्त क्रिकेट और एकतरफा मैच खेले थे, इसलिए हमसे फिर से वैसा ही क्रिकेट खेलने की उम्मीदें होंगी. मुझे यकीन है कि देश क्रिकेट से आने वाले उस एक गोल्ड मेडल का इंतज़ार कर रहा है'.
एशिया कप 2026 के लिए भारत स्क्वॉड
हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शैफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीप), जी कमलिनी (विकेटकीप), अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, प्रतीका रावल.
ये भी पढ़ें : Explainer: अनाया बांगर किस पॉलिसी के तहत ऑस्ट्रेलिया में खेलेंगी महिला क्रिकेट? जानिए भारत में क्यों नहीं मिला उन्हें मौका
मराठी भाषा विवाद में अभिजीत राणे की एंट्री, MNS को खुली चुनौती; ऑटो-टैक्सी-कैब हड़ताल की चेतावनी
मुंबई में ऑटो रिक्शा और कैब चालकों के लिए मराठी भाषा को लेकर चल रहा विवाद अब सियासी टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है. उत्तर भारतीय ऑटो चालकों की शिकायतों के समर्थन में मुंबई बीजेपी के उपाध्यक्ष और कामगार नेता अभिजीत राणे सामने आए हैं. राणे ने एक तरफ आरटीओ की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, तो दूसरी तरफ राज ठाकरे की पार्टी मनसे को भी खुली चुनौती दी है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ऑटो चालकों को परेशान किया गया तो इसका जवाब उसी अंदाज में दिया जाएगा. साथ ही आरटीओ की कथित सख्ती जारी रहने पर राज्यव्यापी ऑटो-टैक्सी-कैब हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है.
मराठी सीखने के बाद भी कार्रवाई का डर
ऑटो चालकों का कहना है कि सरकार की ओर से मराठी सीखने और परीक्षा पास करने की प्रक्रिया के बावजूद उनके बीच डर का माहौल बना हुआ है. कई चालकों का दावा है कि मराठी की परीक्षा पास करने और प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद भी आरटीओ की जांच के दौरान उनसे ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं, जो उन्हें सिखाए गए निर्धारित शब्दों और प्रक्रिया से अलग हैं. चालकों का आरोप है कि इसी वजह से कई लोग कार्रवाई के डर से ऑटो सड़क पर निकालने से बच रहे हैं.
उम्रदराज चालकों की भी अपनी परेशानी, महाराष्ट्र छोड़ने को मजबूर
कुछ ऑटो चालकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मराठी भाषा के नियम की आड़ में उन्हें मुंबई और महाराष्ट्र से बाहर करने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि वे वर्षों से मुंबई में ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं और यात्रियों को भी उनसे भाषा को लेकर कोई बड़ी शिकायत नहीं रही है. ऐसे में उनका सवाल है कि अचानक इस तरह की सख्ती की जरूरत क्यों पड़ी.
इस नियम को लेकर 50 और 60 साल से अधिक उम्र के ऑटो चालकों की चिंता भी सामने आई है. उनका कहना है कि जिस उम्र में वे काम कम करने और रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं, उस समय उन्हें नई भाषा सीखने और परीक्षा की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है. कुछ चालकों का कहना है कि विवाद और कार्रवाई के डर के कारण कई लोग मुंबई छोड़ने तक के बारे में सोचने को मजबूर हैं.
अभिजीत राणे की MNS को खुली चुनौती
मामले में अब बीजेपी नेता अभिजीत राणे ने मनसे पर सीधा निशाना साधा है. राणे ने कहा है कि उत्तर भारतीय ऑटो चालकों को किसी भी तरह से परेशान या उनके साथ मारपीट की गई तो वे चुप नहीं बैठेंगे. उन्होंने मनसे को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी ओर से ‘ठोकशाही’ की गई तो उसका जवाब भी ‘ठोकशाही’ से दिया जाएगा. राणे ने कहा कि ऑटो चालक मेहनत करके अपना परिवार चलाते हैं और उन्हें डराकर या दबाव बनाकर काम करने से नहीं रोका जा सकता.
RTO की कार्रवाई पर सवाल, राज्यव्यापी हड़ताल की चेतावनी
अभिजीत राणे ने आरटीओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. उनका दावा है कि बड़ी संख्या में ऑटो चालक मराठी की परीक्षा पास कर चुके हैं और उनके पास प्रमाण पत्र मौजूद हैं. इसके बावजूद अगर जांच के दौरान तय प्रक्रिया से अलग सवाल पूछकर कार्रवाई की जा रही है तो यह गलत है. राणे ने चेतावनी दी है कि आरटीओ की कथित सख्ती बंद नहीं हुई तो ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों के साथ राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा.
भाषा का नियम बना राजनीतिक विवाद
ऑटो चालकों और यात्रियों के बीच भाषा को लेकर होने वाली परेशानी को कम करने के लिए शुरू हुआ यह मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है. एक तरफ ऑटो चालक रोजगार और कार्रवाई को लेकर अपनी चिंता जता रहे हैं, दूसरी तरफ आरटीओ की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं. वहीं बीजेपी नेता की ओर से मनसे को दी गई खुली चुनौती ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है. अब देखना होगा कि सरकार और आरटीओ इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं और क्या भाषा सीखने की प्रक्रिया चालकों के लिए सहज बनती है या यह मुद्दा आगे और बड़ा राजनीतिक टकराव खड़ा करता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation









