कीर्तन कर रहे लोगों को कार ने रौंदा,5 की मौत:चश्मदीद बोले- 150 Km/h की रफ्तार में थी गाड़ी; टक्कर के बाद उछलकर 10 फीट दूर गिरे लोग
सुपौल में तेज रफ्तार कार ने 6 लोगों को रौंद दिया। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है। एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा कटैया चौक के पास NH-327E किनारे स्थित बजरंगबली मंदिर के पास हुआ। मंगलवार की रात कुछ लोग बजरंगबली मंदिर के पास सड़क किनारे बैठकर कीर्तन कर रहे थे। तभी अनियंत्रित कार 6 लोगों को रौंदते हुए एक गैराज में जा घुसी। एक्सीडेंट के बाद कार चालक उसकी पत्नी और दो बच्चों को लोगों ने पकड़ लिया। सुरक्षा के लिहाज से तीनों को पास के ही एक दुकान में ले जाकर शटर गिराकर बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर से बचने के चक्कर में कार सवार ने स्टेयरिंग घुमाई और ये हादसा हो गया। लोगों के मुताबिक कार की रफ्तार 150Km/h थी। टक्कर के बाद लोग उछलकर 10 फीट दूर जाकर गिरे। मृतकों की पहचान तिलाई दास (65), राजू दास (50),सुरेंद्र यादव (45), भुवनेश्वरी यादव उर्फ कोयली यादव और कृष्ण मोहन साह के रूप में हुई है। एक्सीडेंट के बाद की तस्वीरें देखिए 150 से ज्यादा थी गाड़ी की स्पीड प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद याकूब ने बताया कि 30-35 लोग मंगलवार को भजन-कीर्तन के लिए सड़क किनारे जुटे थे। इसी दौरान पिपरा की ओर से तेज रफ्तार में आई कार अनियंत्रित होकर कीर्तन कर रहे लोगों को कुचलते हुए करीब 50 मीटर तक आगे गई और एक गैराज में जा घुसी। गाड़ी की रफ्तार करीब 150 किमी प्रति घंटे से ज्यादा रही होगी। टक्कर के बाद अफरा-तफरी मच गई। अंधेरे में सब लोग इधर-उधर भागने लगे। सड़क की सफेद लाइन के बाहर बैठे लोग बचे स्थानीय लोगों के मुताबिक, बजरंगबली मंदिर के पास हर मंगलवार की शाम भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। मंगलवार को भी सावन के झूलन के मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। जो लोग सड़क की सफेद लाइन की दूसरी तरफ बैठे थे, वे बच गए। जबकि सड़क पर सफेद लाइन के आसपास बैठे लोगों को तेज रफ्तार कार ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दोनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं एक घायल का इलाज मधेपुरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई, सड़क किनारे पेड़ों की कटाई हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से सड़क किनारे मौजूद पेड़ों को हटाने की कार्रवाई भी शुरू की गई, ताकि सड़क पर विजिबिलिटी बेहतर हो सके और भविष्य में इस तरह के हादसों की आशंका कम हो। विधायक रामविलास राम भी पहुंचे घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय विधायक रामविलास राम भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हादसे की जानकारी ली और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। विधायक ने घटना को बेहद हृदयविदारक बताया। एक्सीडेंट की जानकारी मिलने के बाद पिपरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को कंट्रोल किया। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ड्राइवर की भूमिका और हादसे के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। सुपौल डीएम की तरफ से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही है।
सुप्रीम कोर्ट के बाद लोकसभा स्पीकर ने 20 बागी टीएमसी सांसदों को भेजा नोटिस, मांगा जवाब
Lok sabha speaker notice to tmc rebel mps: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी कर दिया है। इन सभी सांसदों से सात दिनों के भीतर अपना जवाब देने को कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट में हुई थी सुनवाई
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब मंगलवार (25 अगस्त) को सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर 20 सांसदों से जवाब तलब किया था, जिसमें अयोग्यता याचिकाओं पर फैसले में देरी को चुनौती दी गई थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सांसदों को नोटिस जारी करने के साथ ही स्पीकर के पास लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर तेजी से विचार करने की बात कही थी।
सॉलिसिटर जनरल ने दी जानकारी
लोकसभा स्पीकर और महासचिव की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत टीएमसी द्वारा दाखिल अयोग्यता याचिकाओं पर इन 20 सांसदों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इस दलील पर प्रतिक्रिया देते हुए न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा, "यह केवल नोटिस जारी करने का सवाल नहीं है, बल्कि पूरी कार्यवाही को एक तय समय सीमा के भीतर समाप्त करने का सवाल है।"
क्या है पूरा मामला?
तृणमूल कांग्रेस ने इन 20 सांसदों पर पार्टी छोड़ने और उसके बाद नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (NCPI) में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है। अभिषेक बनर्जी ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि इन सांसदों का ऐसा आचरण संविधान के दलबदल विरोधी प्रावधानों (Anti-Defection Law) के तहत अयोग्यता को आकर्षित करता है। इस कानूनी मामले में लोकसभा स्पीकर और सदन के महासचिव को मुख्य प्रतिवादी बनाया गया है, साथ ही उन 20 सांसदों को भी पक्षकार बनाया गया है जिनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है।
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