Responsive Scrollable Menu

नशा, ओवरडोज और विदड्रॉल में क्या है अंतर? सामाजिक न्याय मंत्रालय ने समझाए नशे से जुड़े 5 शब्द

नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नशा मुक्ति को लेकर एक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत हेल्पलाइन नंबर 14446 जारी करते हुए मंत्रालय ने कहा, नशे को ना कहने, जागरूकता फैलाने और नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने की शपथ लें। इसके साथ ही नशा करने से होने वाले प्रभाव के बारे में बताया है।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नशीले पदार्थों से जुड़े शब्दों को भी समझाया है।

तीव्र नशा-नशीले पदार्थ के सेवन के बाद चेतना, व्यवहार और धारणा में बदलाव।

ओवरडोज-दवा/पदार्थ की अधिक मात्रा से गंभीर शारीरिक या मानसिक प्रभाव।

विदड्रॉल-लंबे समय तक सेवन के बाद अचानक छोड़ने पर होने वाले लक्षण।

हानिकारक उपयोग-ऐसा सेवन जो स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को नुकसान पहुंचाए। निर्भरता-पदार्थ के सेवन की बढ़ती इच्छा और उस पर नियंत्रण खोने की स्थिति।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने एक अन्य एक्स पोस्ट में कहा, नशामुक्ति मित्र बनें और स्वस्थ, नशामुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। सहायता के लिए राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 पर कॉल करें।

6 अगस्त को मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भारत सरकार नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) को एक देशव्यापी अभियान के तौर पर लागू कर रही है। इसका उद्देश्य जागरूकता फैलाकर, समुदाय की भागीदारी से और नशा-मुक्ति के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर नशीले पदार्थों के सेवन को रोकना और कम करना है। 15 अगस्त 2020 को नशीले पदार्थों के सेवन के प्रति संवेदनशील 272 जिलों में शुरू किए गए इस अभियान का दायरा अगस्त 2023 से देश के सभी जिलों तक बढ़ा दिया गया है। इसमें उच्च शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने राज्यसभा में कनाद पुरकायस्थ और बाबूभाई जेसंगभाई देसाई द्वारा पूछे गए प्रश्नों के लिखित उत्तर में ये जानकारी दीं।

सदन को बताया गया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगातार सहयोग से नशा मुक्त भारत अभियान ने देश भर में बड़े पैमाने पर जागरूकता और पहुंच बढ़ाने वाली गतिविधियों के ज़रिए 29.05 करोड़ से ज़्यादा लोगों तक पहुंच बनाई है और उन्हें जागरूक किया है। इनमें 11.05 करोड़ से ज़्यादा युवा और 7.81 करोड़ महिलाएं शामिल हैं।

--आईएएनएस

ओपी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

US-Saudi Nuclear Deal | 2026 की सबसे बड़ी जियोपॉलिटिकल डील! गोपनीय ‘123 न्यूक्लियर पैक्ट’ कांग्रेस पहुंचा, मध्य पूर्व का नक्शा बदलने की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के असैन्य परमाणु कार्यक्रम को मजबूती देने के उद्देश्य से तैयार किए गए द्विपक्षीय समझौते को अंतिम समीक्षा के लिए अमेरिकी कांग्रेस (संसद) को भेज दिया है। हालाँकि, इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने एक बेहद कूटनीतिक और सख्त शर्त रखी है—सऊदी अरब को इज़राइल के साथ अपने राजनयिक संबंधों को सामान्य करना होगा और ‘अब्राहम समझौते’ (Abraham Accords) का हिस्सा बनना होगा। यह गोपनीय दस्तावेज अमेरिकी परमाणु ऊर्जा अधिनियम के तहत सोमवार को समीक्षा के लिए सौंपा गया। समझौते पर वाशिंगटन में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट और उनके सऊदी समकक्षी ने हस्ताक्षर किए थे।

इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने Saudi Arabia असैन्य परमाणु समझौते को कांग्रेस की समीक्षा के लिए भेजा

 

ट्रंप प्रशासन का बड़ा दांव 

ट्रंप प्रशासन के अधिकारी, कांग्रेस के एक सहयोगी और मामले से परिचित दो अन्य लोगों के अनुसार, परमाणु ऊर्जा अधिनियम के तहत जरूरी प्रक्रिया के तहत यह गोपनीय दस्तावेज सोमवार को कांग्रेस को सौंपा गया। इस समझौते पर पिछले महीने वाशिंगटन में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट और उनके सऊदी समकक्ष ने हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, इसके अगले ही दिन ट्रंप ने घोषणा की कि समझौते के तहत सऊदी अरब को ‘अब्राहम समझौते’ के जरिए इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने होंगे। उनकी इस घोषणा के बाद समझौते के लागू होने को लेकर संदेह पैदा हो गया था। प्रशासन के अधिकारी और मामले से परिचित अन्य लोगों ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या सऊदी अरब के अब्राहम समझौते में शामिल होने की ट्रंप की मांग को कांग्रेस को भेजे गए गोपनीय दस्तावेज में भी शामिल किया गया है।

इसे भी पढ़ें: Love Horoscope For 26 August 2026 | आज का प्रेम राशिफल 26 अगस्त 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन

 

कानून के तहत कांग्रेस को सत्र के दौरान 90 दिनों तक इस समझौते की समीक्षा करनी होगी। यदि इस अवधि के दौरान कांग्रेस समझौते को खारिज करने वाला संयुक्त प्रस्ताव पारित नहीं करती है तो दोनों सदनों में मतदान के बिना ही समझौता प्रभावी हो सकता है। इस तरह के समझौतों की पूरी सामग्री का इतने उच्च स्तर पर गोपनीय रखा जाना असामान्य है। अन्य देशों के साथ किए गए पिछले असैन्य परमाणु समझौते, जिन्हें ‘123 समझौते’ के नाम से जाना जाता है, सार्वजनिक किए गए थे।

हालांकि, इनमें से कुछ में ऐसे गोपनीय परिशिष्ट शामिल थे जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया था। वाशिंगटन स्थित सऊदी दूतावास ने इस मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि, सऊदी अरब के अब्राहम समझौते में शामिल होने पर ट्रंप के लगातार जोर देने से समझौते को अंतिम मंजूरी मिलने की प्रक्रिया जटिल हो सकती है। 2020 में हुए इन समझौतों के तहत इजराइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले अरब और मुस्लिम बहुल देशों की संख्या बढ़ी थी।

Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi 

Continue reading on the app

  Sports

पति-पत्नी ने US Open के सेमीफाइनल में बनाई जगह, 100 साल बाद देखने को मिल सकता है ऐसा दिन

यूएस ओपन 2026 में पति-पत्नी की जोड़ी का धमाल जारी है. इस जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स के सेमीफाइनल में जगह बना ली है. Wed, 26 Aug 2026 09:53:08 +0530

  Videos
See all

Breaking News | Tipu Sultan Photo Controversy: Malegaon Municipal Council के दफ्तर में फोटो पर सवाल! #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-26T05:00:00+00:00

Delhi-NCR Heavy Rain | मूसलाधार बरसात..दिल्ली का हाल बेहाल | Water Logging | Monsoon 2026 | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-26T04:55:36+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers