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ओला की बादशाहत खत्म, 11.27 लाख ई-स्कूटर बेच ये कंपनी बनी नंबर-1; एक महीने में 55783 ग्राहक मिले

ओला मार्च 2026 के आखिर में 10 लाख यूनिट बेचने वाली पहली भारतीय EV कंपनी बनी थी। वहीं, TVS ने भी उसके ठीक ढाई महीने बाद, जून के दूसरे सप्ताह में यह मुकाम हासिल कर लिया। जुलाई 2026 के आखिर में ओला की कुल बिक्री 11,08,565 यूनिट थी, जो TVS की 10,92,569 इलेक्ट्रिक स्कूटर से 15,996 यूनिट ज्यादा थी।

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US Sanctions India Companies: ईरान के तेल कारोबार पर अमेरिका का बड़ा एक्शन, भारत की 4 कंपनियां प्रतिबंधों की जद में

US Sanctions India Companies: ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के तहत अमेरिका ने भारत से जुड़ी चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इन कंपनियों ने ईरान से पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खरीद और आयात में भूमिका निभाई थी। यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की तेहरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश का हिस्सा है।

ईरान के खिलाफ अमेरिका ने शुरू किया नया प्रतिबंध अभियान

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को “Operation Economic Outcast” नाम से नए प्रतिबंध अभियान की घोषणा की। इसका उद्देश्य ईरान के लिए आय के संभावित स्रोतों को रोकना और उसकी आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ाना है।

अमेरिका ने दूसरे देशों को भी ईरान के साथ आर्थिक संबंध सीमित करने की चेतावनी दी है। वॉशिंगटन का कहना है कि जो देश या कंपनियां ईरान के साथ कारोबार जारी रखेंगी, उन्हें भी Secondary Sanctions का सामना करना पड़ सकता है।

बेसेंट ने इस अभियान को ईरान की वित्तीय व्यवस्था पर अब तक के सबसे व्यापक दबाव अभियानों में से एक बताया है।

भारत की इन 4 कंपनियों पर लगा प्रतिबंध

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, प्रतिबंधों की सूची में भारत से जुड़ी चार कंपनियां शामिल हैं:

  1. Portease Partners LLP – कस्टम्स ब्रोकर के रूप में काम करने वाली कंपनी
  2. Sadashiva Overseas Limited
  3. PP Softtech Private Limited
  4. Prakrutees Infra Impex Private Limited

Portease Partners LLP के साझेदार इंद्रमिया अशरफमिया शेख और हरीश रामचंद्र रंगी को भी प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा PP Softtech के निदेशक प्रशांत गर्ग पर भी अमेरिकी प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक शेख, रंगी और गर्ग भारतीय नागरिक हैं।

करोड़ों डॉलर के ईरानी तेल कारोबार का आरोप

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, Sadashiva Overseas Limited ने विभिन्न कंपनियों से लगभग 6.9 करोड़ डॉलर मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोलियम उत्पाद आयात किए।

वहीं, PP Softtech और Prakrutees Infra Impex पर करीब 2.5-2.5 करोड़ डॉलर मूल्य के पेट्रोलियम उत्पादों के आयात का आरोप है।

अमेरिका ने इन कंपनियों को ईरान से पेट्रोलियम या पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद, अधिग्रहण, बिक्री, परिवहन या मार्केटिंग से जुड़े महत्वपूर्ण लेनदेन में जानबूझकर शामिल होने के आधार पर प्रतिबंधित किया है।

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी शासन की कथित अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों में मदद करने वाले कई संस्थानों, व्यक्तियों और जहाजों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की है।

अमेरिका का आरोप है कि ईरान की गतिविधियों में क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों और सहयोगियों पर हमले, अवैध हथियारों की खरीद, अमेरिकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले साइबर हमले और ऊर्जा उत्पादों की आवाजाही शामिल है। वॉशिंगटन का दावा है कि ऊर्जा उत्पादों से होने वाली कमाई आतंकवाद को फंड करने में इस्तेमाल होती है।

अमेरिकी प्रतिबंधों पर ईरान का पलटवार

ईरान ने अमेरिका के बढ़ते आर्थिक प्रतिबंधों का विरोध किया है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी प्रतिबंधों का दायरा और बढ़ाया गया तो वह जवाबी कार्रवाई कर सकता है।

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिकी दबाव अभियान को खारिज करते हुए कहा कि वॉशिंगटन के पास ईरान के दूसरे देशों के साथ आर्थिक संबंधों को पूरी तरह सीमित करने के लिए पर्याप्त आर्थिक ताकत नहीं है।

ईरान का कहना है कि उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदार अमेरिका के दबाव के बावजूद उसके साथ आर्थिक संबंध बनाए रखेंगे।

भारत के लिए क्यों अहम है यह मामला?

अमेरिका की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब वॉशिंगटन ईरान के साथ कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों पर भी दबाव बढ़ा रहा है। ऐसे में भारत से जुड़ी कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंध यह संकेत देते हैं कि अमेरिकी प्रतिबंधों का दायरा केवल ईरानी संस्थानों तक सीमित नहीं है।

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Fact Check: क्या सच में वैभव सूर्यवंशी ने विवादित भाषा का इस्तेमाल किया, मांजरेकर को जवाब देने का मुद्दा गरमाया, सच्चाई या बदनाम करने की कोशिश?

fact check: एक्स पर @Vaibhavsooryava नाम के एक हैंडल से ट्वीट आया "टॉक्सिसिटी, अपरिपक्व तर्कों और इस कड़वे व्यवहार को अब बंद करें. दूसरों को उपदेश देने से पहले पूरी कहानी जान लें. (Enough with the toxicity, immature arguments, and salty behaviour. Know the full story before preaching other) चूंकि इस फर्जी प्रोफाइल पर ब्लू टिक (वेरिफाइड सिंबल) लगा हुआ था, इसलिए फैंस और कई मीडिया रिपोर्ट्स ने इसे सच मान लिया. लोग हैरान रह गए कि महज 15 साल का खिलाड़ी अपने से 50 साल बड़े दिग्गज और पूर्व क्रिकेटर को इस लहजे में जवाब दे रहा है. Wed, 26 Aug 2026 16:34:24 +0530

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