Katarniaghat में बह रहे 5 Elephants को वन और सिंचाई विभाग ने बचाया
बहराइच स्थित कतर्नियाघाट वन क्षेत्र में मंगलवार को कौड़ियाला नदी के तेज बहाव में बहकर गिरजापुरी बैराज की ओर जा रहे पांच जंगली हाथियों को वन एवं सिंचाई विभाग की तत्परता से बचा लिया गया। झुंड में तीन वयस्क हाथी और उनके दो बच्चे शामिल थे। प्रभागीय वन अधिकारी अपूर्व दीक्षित ने संवाददाताओं से बताया कि मंगलवार पूर्वाह्न करीब 10 बजकर 20 मिनट पर कैलाशपुरी बैरियर के माध्यम से कतर्नियाघाट रेंज मुख्यालय को सूचना मिली कि तेज धारा कुछ हाथियों को बैराज की ओर बहा ले जा रही है और विशेष रूप से हाथियों के दो बच्चे तेज बहाव में नियंत्रण खो रहे थे जबकि वयस्क हाथी भी उन्हें बचाने के प्रयास में उनके साथ बह रहे थे।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही कतर्नियाघाट के रेंज अधिकारी टीम के साथ गिरजापुरी बैराज पहुंचे और सिंचाई विभाग से तत्काल मदद मांगी, जिसने बैराज का फाटक बंद कर नदी के बहाव की गति कम कर दी और इसके बाद वयस्क हाथियों ने दोनों बच्चों को संभालकर सुरक्षित दिशा में पहुंचाया। इसके बाद वन कर्मियों ने शोर मचाया, जिससे पांचों हाथी सुरक्षित जंगल में चले गए। वन्यजीव विशेषज्ञ वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी डा. रमेश पांडेय ने एक्स पर पोस्ट कर वन एवं सिंचाई विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
उन्होंने कहा कि दोनों विभागों के बीच समय पर समन्वय और रेंज स्टाफ की तत्परता से एक बड़ी वन्यजीव त्रासदी टल गई।
Saman Bird Sanctuary के पास विकसित होंगी पर्यटन सुविधाएं, UP Cabinet ने दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल ने मंगलवार को मैनपुरी जिले में ‘समान पक्षी विहार’ के पास पर्यटन विकास के लिए ग्राम सभा की छह हेक्टेयर भूमि को श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार मैनपुरी की किशनी तहसील में ‘समान पक्षी विहार’ के निकट ग्राम समाज की 22.548 हेक्टेयर ऊसर भूमि में से छह हेक्टेयर खाली जमीन पर्यटन विभाग को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इस स्थल को ‘मयंक ऋषि पक्षी विहार’ के नाम से विकसित किया जाएगा।
बयान के अनुसार, इस संबंध में आवश्यकतानुसार आगे के निर्णय लेने के लिए मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अधिकृत किया है। मैनपुरी का समान पक्षी विहार उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि क्षेत्र और रामसर स्थल है। यह सारस क्रेन सहित कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल है।
यह पक्षी विहार दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों को देखने और फोटोग्राफी के लिए भी उपयुक्त स्थान माना जाता है। यहां नौका विहार के जरिए पक्षियों को करीब से देखने की सुविधा भी उपलब्ध है।
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