Ayodhya Ram Mandir में चढ़ावे की चोरी पर संतों का रोष, Champat Rai के खिलाफ किया प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के खिलाफ मंगलवार को संतों के एक समूह ने प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि पुलिस ने आश्रम में उनकी बैठक को जबरन रोक दिया। कंप्यूटर बाबा, महंत जानकीघाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण, महामंडलेश्वर परमानंद गिरि, महंत दिलीप दास समेत कई प्रमुख संतों ने यह बैठक बुलाई थी। वे राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
संतों के समूह ने आरोप लगाया कि करसेवकपुरम के पास ओम आश्रम में बैठक के दौरान पुलिस वहां पहुंची और उन्हें वहां से चले जाने को कहा। इसके बाद परिसर में ताला लगा दिया गया। अयोध्या के क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने हालांकि इस आरोप से इनकार किया।
उन्होंने पीटीआई-से कहा, ‘‘पुलिस ने उन्हें बैठक स्थल से जबरन बाहर निकाला, यह आरोप पूरी तरह गलत है।’’ क्षेत्राधिकारी ने कहा, ‘‘दरअसल, वे एक होटल के कमरे में बैठक कर रहे थे। होटल मालिक ने उनसे कमरा खाली करने को कहा क्योंकि उन्होंने कमरा ठहरने के लिए बुक किया था, बैठक करने के लिए नहीं।’’ तिवारी ने कहा कि यदि संत पुलिस द्वारा उनके साथ ज्यादती किए जाने का आरोप लगा रहे हैं तो उन्हें इसके सबूत पेश करने चाहिए। प्रकाशानंद गिरि उर्फ कंप्यूटर बाबा ने कहा कि संत समाज निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘जरूरत पड़ी तो एक लाख संतों के साथ अयोध्या पहुंचकर आंदोलन किया जाएगा।’’ अयोध्या के महंत जन्मेजय शरण ने आरोप लगाया कि कथित गड़बड़ी में शामिल बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। शरण ने कहा, ‘‘राम मंदिर के चढ़ावे की लूट में छोटे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। जिला प्रशासन आरोपियों का पक्ष ले रहा है।
वह आरोपियों को पकड़ना नहीं चाहता। इसी वजह से बैठक नहीं होने दी जा रही है।’’ महामंडलेश्वर परमानंद गिरि ने कहा कि कथित चोरी को रोक पाने में असमर्थ रहने के लिए संत समाज क्षमाप्रार्थी है और उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘संत इस लूट को नहीं रोक सके और इसके लिए हम हाथ जोड़कर रामलला से माफी मांगते हैं।
आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया जाना चाहिए।’’ उन्होंने यह भी कहा कि जांच में उन लोगों की पहचान की जानी चाहिए, जिन्होंने कथित तौर पर चढ़ावे की चोरी में बड़ी भूमिका निभाई। मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोप सामने आने के बाद चंपत राय ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था और किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था। चढ़ावे के संग्रह और गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
TMC के पूर्व MLA Soham Chakraborty पर बढ़ई से मारपीट का आरोप, कोलकाता पुलिस में केस दर्ज
पश्चिम बंगाल में एक बढ़ई ने अभिनेता एवं तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सोहम चक्रवर्ती पर आरोप लगाया है कि जब वह फर्नीचर के काम की बकाया भुगतान राशि मांगने के लिए उनके बेहाला स्थित आवास पर गया तो उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बेहाला थाने के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायतकर्ता राजकपूर शर्मा ने बेहाला थाने में चक्रवर्ती के खिलाफ सोमवार को लिखित शिकायत दी। उसने आरोप लगाया कि उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया, उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें लिखित शिकायत मिली है और आरोपों की जांच की जा रही है।’’ शर्मा ने अपनी शिकायत में कहा कि चक्रवर्ती ने अपने फ्लैट में फर्नीचर का काम कराने के लिए करीब दो महीने पहले उसकी सेवाएं ली थीं।
उसने कहा कि उसे 30,000 रुपये अग्रिम दिए गए थे और बाकी रकम काम पूरा होने के बाद दी जानी थी। शर्मा ने दावा किया कि काम पूरा होने के बाद उसने करीब 80,000 रुपये की बकाया राशि के भुगतान के लिए चक्रवर्ती से संपर्क किया लेकिन उन्होंने यह रकम देने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। शर्मा ने कहा कि रविवार को चक्रवर्ती के एक सुरक्षाकर्मी ने उससे संपर्क किया और अगले दिन अभिनेता के आवास पर आने को कहा।
शर्मा ने शिकायत में आरोप लगाया कि वह सोमवार को जब अभिनेता के आवास पर पहुंचा तो उसे यह कहकर काफी देर तक इंतजार कराया गया कि उसका भुगतान कर दिया जाएगा और उसने जब इस बात पर जोर दिया कि उसकी बकाया रकम उसे दी जाए तो उसे कथित तौर पर अपशब्द कहे गए और उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया। उसने आरोप लगाया कि इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से जबरन बाहर निकाल दिया गया। इस बारे में चक्रवर्ती से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
चक्रवर्ती को 2026 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। वह इससे पहले भी विवादों में रहे हैं। चक्रवर्ती पर उनके विधायक रहने के दौरान आरोप लगा था कि उन्होंने एक फिल्म की शूटिंग के दौरान पार्किंग को लेकर हुए झगड़े के बाद न्यू टाउन इलाके के एक होटल के मालिक और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया था।
इस घटना को लेकर विवाद पैदा होने के बाद चक्रवर्ती ने अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी थी।
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