IAF Agniveer Musician Admit Card 2026: एयरफोर्स म्यूजिशियन भर्ती का एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड
भारतीय वायु सेना में अग्निवीर म्यूजिशियन के पद पर भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अहम खबर है। Agniveervayu Intake 01/2027 के तहत आयोजित होने वाली म्यूजिशियन भर्ती रैली के एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं।
जिन अभ्यर्थियों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया है, वे अपने लॉगिन क्रेडेंशियल की मदद से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। रैली में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड बेहद जरूरी दस्तावेज है। इसके बिना उम्मीदवार को टेस्ट में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कब होगी अग्निवीर म्यूजिशियन रैली?
भारतीय वायु सेना की ओर से अग्निवीर म्यूजिशियन भर्ती रैली का आयोजन 31 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। रैली निर्धारित भर्ती केंद्रों पर आयोजित होगी।
उम्मीदवारों को सलाह है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए रिपोर्टिंग टाइम, परीक्षा केंद्र और जरूरी निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें। रैली स्थल पर समय से पहुंचना जरूरी होगा।
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का तरीका
उम्मीदवार नीचे बताए आसान स्टेप्स से अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं-
- सबसे पहले भारतीय वायु सेना की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट पर जाएं।
- अग्निवीर म्यूजिशियन एडमिट कार्ड से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
- अपनी यूजर आईडी/ईमेल आईडी और पासवर्ड दर्ज करें।
- स्क्रीन पर दिया गया सिक्योरिटी कोड भरकर लॉगिन करें।
- एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
- इसे डाउनलोड करके प्रिंटआउट निकाल लें।
रैली में कौन-कौन से टेस्ट होंगे?
अग्निवीर म्यूजिशियन भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों को कई चरणों से गुजरना होगा। सबसे पहले फिजिकल फिटनेस टेस्ट (PFT) I और II आयोजित किए जाएंगे।
इसके बाद उम्मीदवारों को इंग्लिश रिटेन टेस्ट और म्यूजिक प्रोफिशिएंसी टेस्ट (MPT) में शामिल होना होगा। सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
एडमिट कार्ड के साथ ये दस्तावेज जरूर ले जाएं
रैली में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अपना एडमिट कार्ड और वैध फोटो पहचान पत्र साथ लेकर जाना होगा। इसके अलावा एडमिट कार्ड में बताए गए अन्य जरूरी दस्तावेज भी पहले से तैयार रखें।
उम्मीदवारों को सलाह है कि रैली में जाने से पहले एडमिट कार्ड पर दर्ज सभी निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ लें। भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए भारतीय वायु सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस को ही अंतिम और विश्वसनीय मानें।
छात्र आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा: दिल्ली पुलिस का ‘कील वाली लाठी’ के आरोप से इनकार, बिहार सरकार ने AK-47 से फायरिंग स्वीकार की
NEET परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट और फिर उसके बाद देश के अन्य राज्यों में हुए विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग करने और प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स पर बर्बरता के आरोप लगे हैं, इस सम्बन्ध में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं लगाई गई हैं, इसी मामले पर दिल्ली पुलिस ने और बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है जिसमें दोनों ने अपना पक्ष रखा है यह हलफनामे पुलिस कार्रवाई की कोर्ट निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं के जवाब में दाखिल किये गए हैं।
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों को सिरे से खारिज किया है, पुलिस ने कहा कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों को संसद तक पैदल मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी लेकिन इसके बावजूद जब बड़ी संख्या में छात्रआगे बढ़े और बैरिकेड्स तोड़ दिए तब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने न्यूनतम और जरूरी बल का इस्तेमाल किया
दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर करीब 30 हजार लोग मौजूद थे आक्रोशित भीड़ करीब किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई थी जिसे नियंत्रित करने के लिए करीब 5 हजार पुलिसकर्मी तैनात थे। पुलिस ने प्जरदर्बशनकारियों को रोकने का कई बार अनुरोध किया लेकिन जब भीड़ पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई तो प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच संघर्ष हुआ। जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व और हिस्ट्रीशीटर भी शामिल हो गए थे।
पुलिस का दावा कील लगी लाठी किसी पुलिसकर्मी के हाथ में नहीं थी
हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने याचिकाओं में पेश की गई तस्वीरों, अधूरे वीडियो और मीडिया तथा सोशल मीडिया रिपोर्टों पर भी सवाल उठाए। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कील लगी लाठियों के इस्तेमाल के आरोप को ख़ारिज कर दिया, पुलिस ने कहा कि वीडियो में ऐसी केवल एक घटना दिखाई देती है, लेकिन उसमें मौजूद डंडा पुलिसकर्मी के हाथ में नहीं, बल्कि एक प्रदर्शनकारी के हाथ में था। पुलिस के अनुसार वह लाठी भी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज लगा हुआ डंडा था। पुलिस ने कहा कि लाठी के प्रयोग की पुलिस को अनुमति है इसलिए अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया।
बिहार सरकार ने AK-47 और पिस्टल से फायरिंग की बात स्वीकार की
उधर बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल पर भी बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा, अपने हलफनामे में बिहार सरकार ने छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग की बात सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार की है। लेकिन इसके साथ ही सरकार ने ये भी दावा किया कि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ है। राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचाने के लिए जरूरत से ज्यादा बल के इस्तेमाल से साफ इनकार किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि सिवान जिले के सिवान के जेपी चौक के पास एक पुलिसकर्मी भीड़ में फंस गया था। अपनी सुरक्षा के लिए उसने एके-47 से हवा में चार राउंड फायर किए जिसमें कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि, पुलिसकर्मी को कथित गलत व्यवहार के लिए निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार ने यह भी बताया कि हाथी चौक के पास भीड़ को हटाने के लिए एक एएसआई ने पिस्टल से दो गोलियां चलाईं। इससे तीन प्रदर्शनकारियों को हथियार से मामूली चोटें आईं।
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