Bihar NEET UG Counselling 2026: रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि आज, जल्द करें आवेदन
Bihar NEET UG Counselling 2026: बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) द्वारा आयोजित की जा रही बिहार नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आज यानी 14 अगस्त 2026 को रात 11:59 बजे समाप्त हो जाएगी। जिन नीट यूजी 2026 उत्तीर्ण उम्मीदवारों ने अभी तक मेडिकल और डेंटल कोर्सेज (MBBS, BDS और अन्य स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों) के लिए आवेदन नहीं किया है, उनके पास रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए अब केवल कुछ ही घंटे बचे हैं।
जो अभ्यर्थी अब तक पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, वे आधिकारिक यूजीएमएसी (UGMAC) काउंसलिंग पोर्टल bceceboard.bihar.gov.in पर जाकर तुरंत आवेदन कर सकते हैं। ध्यातव्य है कि रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने और शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि भी आज रात 11:59 बजे तक ही निर्धारित है।
महत्वपूर्ण तिथियां और च्वाइस फिलिंग शेड्यूल
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए काउंसलिंग से जुड़ी मुख्य तारीखें इस प्रकार हैं:
- रजिस्ट्रेशन की शुरुआत: 10 अगस्त 2026 (शाम 5:09 बजे)
- रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि: 14 अगस्त 2026 (रात 11:59 बजे)
- फीस भुगतान और फॉर्म सबमिशन की आखिरी तारीख: 14 अगस्त 2026 (रात 11:59 बजे)
- च्वाइस फिलिंग की शुरुआत: 10 अगस्त 2026 (शाम 5:10 बजे)
- च्वाइस फिलिंग की अंतिम तिथि: 17 अगस्त 2026 (रात 11:59 बजे)
भले ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज रात बंद हो जाएगी, लेकिन सफलतापूर्वक पंजीकृत उम्मीदवार आगामी 17 अगस्त तक अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स के लिए च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। यह पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया कई चरणों में संपन्न होगी, जिसमें राउंड 1, राउंड 2, राउंड 3 और स्ट्रे वैकेंसी राउंड शामिल हैं।
कुल सीटों का विवरण और श्रेणीवार शुल्क
बिहार नीट यूजी सीट मैट्रिक्स के अनुसार, राज्य के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल सीटें इस प्रकार हैं:
- सरकारी एमबीबीएस सीटें: 1,392
- निजी एमबीबीएस सीटें: 2,450
- कुल एमबीबीएस सीटें: 3,842
आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को श्रेणी के अनुसार निर्धारित काउंसलिंग शुल्क का भुगतान करना होगा:
- सामान्य / बीसी / ईबीसी (General/BC/EBC): 1,200 रुपये
- एससी / एसटी / पीडब्ल्यूडी (SC/ST/PwD): 600 रुपये
यह भुगतान काउंसलिंग पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन माध्यमों के जरिए किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया
योग्य उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं:
- सबसे पहले बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद की आधिकारिक वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर दिए गए Bihar NEET UG Counselling 2026 / UGMAC के लिंक पर क्लिक करें।
- अपने नीट यूजी 2026 स्कोर और व्यक्तिगत विवरण का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन करें।
- इसके बाद लॉगिन करके ऑनलाइन काउंसलिंग एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
- मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों को तय प्रारूप में अपलोड करें।
- उपलब्ध ऑनलाइन मोड के माध्यम से काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करें।
- फॉर्म सबमिट करने से पहले दर्ज की गई सभी जानकारियों की अच्छी तरह जांच कर लें।
- अंतिम तिथि (आज रात 11:59 बजे) से पहले फॉर्म को सफलतापूर्वक सबमिट करें।
- आवेदन जमा होने के बाद पुष्टिकरण पृष्ठ (Confirmation Page) की एक प्रति डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए बिना किसी देरी के तुरंत अपना आवेदन पूरा कर लें। च्वाइस फिलिंग, सीट आवंटन और काउंसलिंग के अन्य चरणों से जुड़े ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर लगातार नजर बनाए रखें।
PF Contribution Explained: हर महीने आपकी और कंपनी की कितनी रकम जमा होती है? समझें गणित
नौकरीपेशा लोगों की सैलरी से हर महीने प्रोविडेंट फंड यानी पीएफ की रकम कटती है। यह पैसा रिटायरमेंट के लिए बचत के तौर पर जमा होता है।पीएफ में कर्मचारी के साथ-साथ कंपनी यानी नियोक्ता भी योगदान करता है। हालांकि दोनों का योगदान एक जैसा होने के बावजूद पूरी रकम एक ही खाते में जमा नहीं होती।
EPF में योगदान आमतौर पर बेसिक सैलरी और डीए (Dearness Allowance), अगर लागू हो, के आधार पर तय होता है। इसलिए पीएफ की सही रकम समझने के लिए सैलरी स्लिप में बेसिक और डीए को देखना जरूरी है।
कर्मचारी कितना PF जमा करता है?
कर्मचारी हर महीने बेसिक सैलरी और डीए के कुल योग का 12% ईपीएफ में योगदान करता है। यह रकम सीधे कर्मचारी की सैलरी से काट ली जाती है।
मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डीए मिलाकर 25,000 रुपये है। ऐसे में PF योगदान होगा-
- बेसिक+ डीए: 25 हजार
- कर्मचारी का योगदान: 12%
- हर महीने पीएफ कटौती: 3000
यानी कर्मचारी की सैलरी से हर महीने 3000 रुपये पीएफ के नाम पर काटे जाएंगे।
कंपनी कितना योगदान करती है?
नियोक्ता भी बेसिक सैलरी और डीए का 12% योगदान करता है, लेकिन कंपनी की पूरी रकम ईपीएफ खाते में नहीं जाती। इसका एक हिस्सा ईपीएफ और दूसरा हिस्सा इम्पल्यॉई पेंशन स्कीम यानी ईपीएस में जाता है।
25 हजार रुपये के बेसिक प्लस डीए के उदाहरण में कंपनी का कुल योगदान 3000 रुपये होगा। इसमें- 3.67% यानी 917.50 ईपीएफ में जाता है।
8.33% यानी 2082.50 ईपीएस में जाता है। इस तरह नियोक्ता के 3 हजार रुपये का पूरा हिस्सा EPF खाते में जमा नहीं होता।
EPF खाते में कुल कितनी रकम जाती है?
ऊपर दिए उदाहरण में कर्मचारी के 3 हजार रुपये और इम्प्लॉयर के 917.50 रुपये ईपीएफ में जुड़ते हैं। यानी हर महीने ईपीएफ खाते में कुल 3917.50 रुपये जमा होते हैं। वहीं, नियोक्ता के योगदान में से 2082.50 रुपये ईपीएस में जाते हैं। यह हिस्सा कर्मचारी की पेंशन से जुड़ा होता है।
PF पर ब्याज कब मिलता है?
EPF की रकम पर ब्याज की गणना हर महीने के हिसाब से होती है। हालांकि ब्याज की रकम कर्मचारी के EPF खाते में वित्त वर्ष के अंत में क्रेडिट की जाती है। इसका मतलब यह है कि खाते में ब्याज जुड़ने की प्रक्रिया और वास्तविक क्रेडिट का समय अलग हो सकता है।
प्रोविडेंट फंड आपकी सैलरी से होने वाली सिर्फ एक कटौती नहीं है। इसमें एम्प्लॉयर का योगदान भी शामिल होता है। इसलिए सैलरी स्लिप में पीएफ कटौती के साथ नियोक्ता की हिस्सेदारी और EPS के हिस्से को समझना जरूरी है। इससे आप अपनी रिटायरमेंट बचत और भविष्य के फाइनेंशियल प्लान को बेहतर तरीके से तैयार कर सकते हैं।
(प्रियंका कुमारी)
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