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द्रविड़ का भरोसा, डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए क्वालीफाई कर सकती है टीम इंडिया

नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। श्रीलंका के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में भारत की स्थिति काफी मजबूत है। टीम इंडिया कुछ महीनों में सात अन्य टेस्ट मैच खेलेगी। भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ का मानना है कि टीम यहां से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के लिए क्वालीफाई कर सकती है।

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Joymoti Rescue: इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर वंतारा लाई गई 53 साल की हथिनी 'जॉयमोती', नगालैंड में बाढ़ से किया गया था रेस्क्यू

नागालैंड और असम में जुलाई के दौरान आई भीषण बाढ़ के बीच रेस्क्यू की गई 53 साल की हथिनी जॉयमोती को अब बेहतर इलाज के लिए जामनगर स्थित वंतारा लाया गया है। बाढ़ के दौरान जॉयमोती को कई गंभीर चोटें लगी थीं। उसकी उम्र और स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत विशेषज्ञ इलाज की जरूरत थी, इसलिए उसे एयरलिफ्ट करके वंतारा के विशेष हाथी अस्पताल पहुंचाया गया।

बाढ़ में बह गई थी जॉयमोती
जॉयमोती जुलाई के दूसरे सप्ताह में नागालैंड में बाढ़ के तेज बहाव में बह गई थी। स्थानीय लोगों ने सरकारी एजेंसियों की मदद से उसे रेस्क्यू किया। इस दौरान उसके शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। जॉयमोती के माथे, दाहिने कान, पूंछ के ऊपर के हिस्से, बाईं जांघ के अंदरूनी हिस्से और पेट पर घाव हैं। उसके बाहरी जननांग के आसपास भी गहरा घाव हो गया था, जिसमें कीड़े पड़ गए थे। इसके अलावा उसकी दाहिनी आंख भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। वह इस आंख से देख नहीं सकती और आंख से लगातार पानी आने की समस्या बनी हुई है।

पैर की पुरानी चोट से भी परेशान है हथिनी
जॉयमोती के बाएं पिछले पैर में भी लंबे समय से चोट की समस्या है। बताया गया है कि लकड़ी काटने के दौरान उसे फ्रैक्चर हुआ था। इस वजह से वह ठीक से चल नहीं पाती है। चलने में परेशानी के कारण उसके लिए भोजन और पानी तक पहुंचना भी मुश्किल होता है। बाढ़ के बाद लगी नई चोटों और पहले से मौजूद इस समस्या ने उसकी हालत को और गंभीर बना दिया।

स्थानीय स्तर पर दिया गया था शुरुआती इलाज
रेस्क्यू के बाद जॉयमोती को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया। उसके घावों की ड्रेसिंग की गई और दर्द कम करने के लिए दवाएं दी गईं। इसके अलावा उसे मल्टीविटामिन, मिनरल सप्लीमेंट्स और जरूरी सपोर्टिव ट्रीटमेंट भी दिया गया। लेकिन कई जगहों पर गंभीर चोटें होने, उम्र ज्यादा होने और चलने-फिरने में परेशानी को देखते हुए उसे ज्यादा विशेषज्ञ इलाज की जरूरत थी। इसी वजह से उसे वंतारा ले जाने का फैसला किया गया।

क्यों एयरलिफ्ट किया गया जॉयमोती को?
जॉयमोती को सड़क के रास्ते लंबी दूरी तक ले जाने में काफी समय लगता और उसकी चोटों को देखते हुए यह उसके लिए शारीरिक रूप से मुश्किल हो सकता था। ऐसे में एयरलिफ्ट के जरिए उसे कम समय में विशेषज्ञ अस्पताल तक पहुंचाने की कोशिश की गई।

यात्रा से पहले उसकी मेडिकल जांच और जरूरी तैयारियां की गईं। एयरलिफ्ट के दौरान भी उसकी सेहत और सुरक्षा पर लगातार नजर रखी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर चोट या चलने-फिरने में परेशानी वाले हाथियों के लिए लंबी सड़क यात्रा का समय कम करना उनके स्वास्थ्य और आराम के लिहाज से अहम हो सकता है।

वंतारा में होगा जॉयमोती का पूरा इलाज
वं‍तारा पहुंचने के बाद जॉयमोती की विस्तृत मेडिकल जांच की जाएगी। उसके शरीर पर मौजूद घावों और दाहिनी आंख की स्थिति का विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम इलाज करेगी। इसके साथ ही उसे उसकी जरूरत के मुताबिक पौष्टिक आहार और सपोर्टिव केयर भी दी जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता उसकी चोटों का इलाज करने और उसकी सेहत में सुधार लाने की है।

भारत में पहली बार इस तरह हाथी का एयर ट्रांसफर
किसी हाथी को अस्पताल में गहन इलाज के लिए एयरलिफ्ट करके ले जाना भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास बताया जा रहा है। इसके लिए पशु चिकित्सकों, एनिमल केयर टीम और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी टीमों ने मिलकर तैयारी की। जॉयमोती की यात्रा से पहले उसकी सेहत को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया तैयार की गई, ताकि उसे कम से कम परेशानी हो और वह सुरक्षित तरीके से अस्पताल तक पहुंच सके।

असम में वन्यजीवों के लिए मेडिकल सेंटर बनाने की योजना
जॉयमोती का मामला यह भी बताता है कि बाढ़ और मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले इलाकों के आसपास ही बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत है। इसी दिशा में वंतारा ने असम में तीन वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इनमें हाथियों के लिए एक अलग और विशेष केंद्र भी शामिल होगा।

इन केंद्रों में अलग-अलग वन्यजीव प्रजातियों के लिए जरूरी चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराने की योजना है। इनका संचालन असम वन विभाग द्वारा स्वतंत्र रूप से किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि असम में घायल या बीमार हाथियों और दूसरे वन्यजीवों को उनके इलाके के करीब ही समय पर बेहतर इलाज मिल सके और हर मामले में उन्हें लंबी दूरी तक ले जाने की जरूरत न पड़े।

स्थायी रूप से वंतारा नहीं लाई गई है जॉयमोती
जॉयमोती को वंतारा लाना उसका स्थायी स्थानांतरण नहीं है। उसे सिर्फ तत्काल और विशेषज्ञ चिकित्सा उपचार देने के लिए यहां लाया गया है। फिलहाल जॉयमोती को जरूरी इलाज देना और उसकी सेहत में सुधार करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उम्मीद है कि विशेषज्ञ देखभाल मिलने के बाद वह धीरे-धीरे स्वस्थ होकर एक सुरक्षित और बेहतर जीवन की ओर लौट सकेगी।

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  Sports

India vs Sri Lanka Test: Prasidh Krishna और Manav Suthar की घातक गेंदबाजी से बैकफुट पर श्रीलंका, जीत के करीब Team India

भारत और श्रीलंका के बीच जारी दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी को लगातार झटके दिए। बारिश के कारण खेल समय से पहले रोकना पड़ा, लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका की स्थिति बेहद कमजोर नजर आई है।

भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर नौ विकेट के स्कोर पर घोषित की थी। देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने भी अर्धशतकीय पारियां खेलीं, जबकि यशस्वी जायसवाल ने 45 और रवींद्र जडेजा ने 43 रन का उपयोगी योगदान दिया। श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने चार विकेट हासिल किए हैं।

विशाल लक्ष्य के दबाव में उतरी श्रीलंकाई टीम को तीसरे दिन की शुरुआत में ही बड़ा झटका लगा। प्रसिद्ध कृष्णा ने कामिल मिशारा को आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। इसके बाद पसिंदु सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस ने कुछ देर तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। दोनों के बीच 87 रन की साझेदारी हुई, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा ने फिर कामिंदु मेंडिस को पवेलियन भेजकर अपनी तीसरी सफलता हासिल कर ली।

गौरतलब है कि प्रसिद्ध कृष्णा के प्रदर्शन से भारतीय टीम के गेंदबाजी प्रशिक्षक मोर्ने मोर्केल भी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कृष्णा की मेहनत, विपक्षी टीम के बारे में जानकारी जुटाने की आदत और खेल को समझने की क्षमता की तारीफ की। मोर्केल के मुताबिक कृष्णा लंबे समय तक भारत के लिए शानदार गेंदबाज साबित होने की क्षमता रखते हैं।

इसके बाद मानव सुथार ने श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा को आउट कर मेजबान टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। दूसरे टेस्ट में अपना केवल दूसरा मुकाबला खेल रहे पसिंदु सूरियाबंडारा ने 133 गेंदों पर 80 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन सुथार ने उन्हें पगबाधा आउट कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद मोहम्मद सिराज ने निरोशन डिकवेला को चलता कर श्रीलंका को सातवां झटका दिया।

सोनल दिनूषा और केशरा नुवानथा ने इसके बाद पारी संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 137 गेंदों पर 57 रन की साझेदारी हुई। हालांकि मानव सुथार ने नुवानथा को आउट कर यह साझेदारी तोड़ दी। दिनूषा और लाहिरु कुमारा इसके बाद क्रीज पर टिके रहे और दोनों ने नाबाद 35 रन जोड़ लिए।

बारिश के कारण तीसरे दिन का खेल समय से पहले समाप्त करना पड़ा। दिन खत्म होने तक श्रीलंका 230 रन के स्कोर पर आठ विकेट गंवा चुका था और भारत से काफी पीछे था। अब मेजबान टीम के सामने चौथे दिन सबसे बड़ी चुनौती पारी को बचाने की होगी।

इस बीच ऋषभ पंत की चोट को लेकर भी भारतीय खेमे से जानकारी सामने आई है। मोर्ने मोर्केल ने बताया कि पंत के कंधे पर चोट लगी है और वह काफी दर्द में थे। इसी वजह से तीसरे दिन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल ने संभाली। हालांकि भारतीय टीम को उम्मीद है कि पंत चौथे दिन फिर विकेट के पीछे नजर आएंगे।

बता दें कि यह मुकाबला आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है और भारतीय टीम ने पहली पारी में शानदार प्रदर्शन के बाद मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। चौथे दिन श्रीलंका को भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती का सामना करना है।
Tue, 25 Aug 2026 22:40:00 +0530

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