Responsive Scrollable Menu

महाराष्ट्र : स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों में आग और बिजली सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए

मुंबई, 25 अगस्त (आईएएनएस)। सार्वजनिक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश अबितकर ने मंगलवार को महाराष्ट्र भर के सभी सरकारी, निजी और चैरिटेबल हेल्थकेयर सेंटर्स को निर्देश दिया कि वे तुरंत आग, बिजली, स्ट्रक्चर और इक्विपमेंट से जुड़ी सुरक्षा ऑडिट करें और अपनी रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को सौंपें।

यह निर्देश पूरे राज्य में आग से बचाव के उपायों, आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के नियमों और बिजली से जुड़ी सुरक्षा के मानकों को लागू करने की पहल का हिस्सा है।

अबितकर ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और चेतावनी दी कि आग से सुरक्षा के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पतालों के प्रमुखों, क्षेत्रीय उप-निदेशकों, सिविल सर्जनों, जिला स्वास्थ्य अधिकारियों, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारियों और मेडिकल सुपरिटेंडेंट को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमों के पालन की जांच के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार बनाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह ज्यादा जोखिम वाले यूनिटों, जैसे आईसीयू, एनआईसीयू, नर्सरी और ऑपरेशन थिएटर की सघन समीक्षा करे। निरीक्षक बिजली की वायरिंग और लोड मैनेजमेंट, मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम, बाहर निकलने के रास्ते, आग बुझाने वाले उपकरणों की तैयारी और स्टाफ़ की ट्रेनिंग की जाँच करेंगे। किसी भी कमी को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए।

हर अस्पताल की इमारत और ब्लॉक की हर छह महीने में आग से सुरक्षा के लिहाज से भौतिक जांच होनी चाहिए। हर संस्थान को बिजली सुरक्षा, बाहर निकलने की योजनाओं और मॉक ड्रिल की निगरानी करने और नियमित रूप से अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा।

अबितकर ने साफ किया कि अगर ऑडिट में देरी या कमियों को ठीक न करने की वजह से कोई बुरी घटना होती है, तो संस्थान के प्रमुख सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। सभी सुविधाओं को आग और जीवन सुरक्षा से जुड़े राष्ट्रीय दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा और सरकार को प्रगति रिपोर्ट सौंपनी होगी।

यह निर्देश अमरावती अस्पताल की उस दुखद घटना के बाद आया है जिसमें ज्यादा धुंए के कारण दम घुटने से तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी। बचाव दल ने 36 बच्चों को बाहर निकाला, जिनमें से छह को जरूरी इलाज के लिए निजी अस्पताल में भेजा गया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, राजस्व मंत्री और अमरावती के प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने चेतावनी दी है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गैर-इरादतन हत्या के आरोप भी शामिल हो सकते हैं।

--आईएएनएस

एससीएच

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पताल में खून की कालाबाजारी का आरोप, तीन लैब सहायक गिरफ्तार

कोलकाता, 25 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने मंगलवार को एक सरकारी अस्पताल के तीन लैब सहायकों को खून की कथित कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए तीनों लैब सहायक पूर्वी मिदनापुर जिले के पंसकुरा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कार्यरत हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

पुलिस को शक है कि यह तीनों एक बड़े गिरोह का हिस्सा हैं। इसी वजह से भ्रष्टाचार निरोधक शाखा उनसे पूछताछ कर रही है ताकि मामले से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की जानकारी मिल सके।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों का काम करने का तरीका काफी अलग था।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, जब भी उन्हें किसी क्लब या सामाजिक संगठन द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर की जानकारी मिलती थी तो वे आयोजकों के पास पहुंचकर डोनर कार्ड बेहद कम कीमत पर खरीद लेते थे। एक कार्ड के लिए वे करीब 100 से 150 रुपए देते थे।

इसके बाद इन डोनर कार्डों के आधार पर सरकारी ब्लड बैंकों से मुफ्त में एक यूनिट खून प्राप्त कर लिया जाता था। बाद में यही खून उन मरीजों के परिजनों को ऊंची कीमत पर बेचा जाता था जिन्हें तत्काल रक्त की आवश्यकता होती थी।

पुलिस के मुताबिक, जितना दुर्लभ ब्लड ग्रुप होता था, उसकी कीमत उतनी ही अधिक वसूली जाती थी।

जांचकर्ताओं का कहना है कि खून बेचकर प्राप्त रकम तीनों आरोपी आपस में बांट लेते थे।

पुलिस को आशंका है कि इस पूरे मामले में एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। इसी कारण जांच एजेंसियां रक्तदान शिविर आयोजित करने वाले विभिन्न क्लबों और संगठनों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं।

बता दें कि इसी महीने कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग को उन 11 निजी ब्लड बैंकों के खिलाफ चल रही जांच जल्द पूरी करने का निर्देश दिया था, जिन पर खून और प्लाज्मा की अवैध बिक्री समेत कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने इन 11 निजी ब्लड बैंकों को अगले आदेश तक राज्य में कहीं भी रक्तदान शिविर आयोजित करने से रोक दिया था।

इनमें से एक निजी ब्लड बैंक ने स्वास्थ्य विभाग के आदेश को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति कृष्ण राव की पीठ ने की थी।

अदालत ने जांच में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए स्वास्थ्य विभाग को निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया था।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

पहली बार कैमरे के सामने आईं अनाया बांगर, मीडिया के हर तीखे सवाल का दिया बेबाक जवाब, ऑस्ट्रेलिया में अब क्रिकेट का नया सफर

Anaya Bangar: सर्जरी के बाद अनाया ने मैदान में वापसी के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने उनके मामले की समीक्षा के बाद फिलहाल प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने की अनुमति दी है. अनाया बांगर का मकसद महिलाओं की बिग बैश लीग में खेलना है. Thu, 27 Aug 2026 08:17:57 +0530

  Videos
See all

Superfast News: Nepal Flash Flood News Live Updates | Rahul Gandhi | PM Modi | Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T03:03:01+00:00

Gujarat: Surat में PM Modiके नाम पर फिश मार्केट को लेकर बवाल! दो खेमों में बंटे व्यापारी | Aaj Tak #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T03:03:08+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers