Odisha Snakebite घटनाओं में 5 बच्चों समेत 6 लोगों की मौत, मंत्री ने दिए निर्देश
ओडिशा में अलग-अलग घटनाओं में संदिग्ध सर्पदंश से पांच नाबालिगों समेत छह लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि सुंदरगढ़ के तिलाईमाल गांव में सोमवार रात घर के फर्श पर सो रहे 76 वर्षीय एक व्यक्ति और उनके आठ वर्षीय पोते को जहरीले सांप ने काट लिया, जिससे दोनों की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान रबि भुइयां और उनके पोते संजय नायक के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि राउरकेला शहर के रघुनाथपाली थाना क्षेत्र में भी संदिग्ध सर्पदंश से दो नाबालिग भाई-बहन की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान 10 वर्षीय समीर हारो और उसकी सात वर्षीय बहन साइरेन हारो के रूप में हुई है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि भद्रक के चंदबली इलाके में 10 वर्षीय एक बच्ची और बालासोर के बालीपाल इलाके की एक अन्य बच्ची की भी संदिग्ध सर्पदंश से मौत हो गई। ओडिशा के कुछ हिस्सों में बाढ़ के बीच ऐसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, ‘‘लोगों को यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि सांप के काटने के एक घंटे के भीतर पीड़ित को विषरोधी उपचार मिल जाए।
Cauvery water: CWMA के आदेश पर Karnataka सरकार किसानों के हित में लेगी फैसला
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) द्वारा कर्नाटक को कावेरी नदी से तमिलनाडु के लिए अगले 15 दिनों तक रोजाना 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिए जाने बाद, जल संसाधन मंत्री एन चेलुवरायस्वामी ने कहा कि कर्नाटक सरकार अपने राज्य और स्थानीय किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही आगे कोई फैसला लेगी। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने मंगलवार को कावेरी जल नियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) की उस सिफारिश को बरकरार रखा, जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था। जल संसाधन मंत्री ने कहा, सीडब्ल्यूआरसी ने 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा था, इसी आदेश को सीडब्ल्यूएमए ने भी बरकरार रखा है।
यह मामला अगले हफ्ते उच्चतम न्यायालय के समक्ष सुनवाई के लिए आने वाला है। हमने अपनी तकनीकी टीम के माध्यम से सीडब्ल्यूआरसी के समक्ष सभी प्रयास किए और 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ने में आ रही कठिनाई को व्यक्त किया। लेकिन स्थिति और पानी की आवक को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह आदेश जारी किया है।
यहां संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, देखते हैं। एक संघीय व्यवस्था में उच्चतम न्यायालय के आदेश, समिति के आदेशों और स्थानीय स्थिति पर विचार किया जाना चाहिए। लेकिन हमारी सरकार और विभाग यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी लेंगे कि हमारे किसानों और लोगों को कोई परेशानी न हो।
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