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'खिलाड़ियों के ऑफ-फील्ड बेवकूफियों से बेहद गुस्से में हूं..., नाइटक्लब विवाद के बाद भड़के इंग्लैंड के कप्तान जो रूट

Joe Root: इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट ने पहली बार मीडिया के सामने तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स के नाइटक्लब विवाद पर चुप्पी तोड़ी है. जो रूट ने कहा कि वह इससे काफी निराश हैं और गुस्से में भी हैं. बता दें कि 22 अगस्त की रात कार्स डर्बी शहर के एक नाइटक्लब के बाहर पुलिस की हथकड़ी में नजर आए थे. उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद से इस घटना को लेकर जांच चल रही है. जो रूट ने अभी हाल ही में फिर से इंग्लैंड टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली है. उन्होंने साफ कहा कि मैदान के बाहर खिलाड़ियों की बेवकूफी भरी हरकतों से वह काफी निराश हैं. उन्होंने कहा कि इससे खेल पर काफी असर पड़ रहा है. नाइट क्लब विवाद के बाद कार्स को 27 अगस्त से पाकिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच से इंग्लैंड के स्क्वाड से बाहर कर दिया गया है.

जो रूट ने ब्रायडन कार्स के नाइटक्लब विवाद पर जताई निराशा 

जो रूट ने मीडिया से बात करते हुए ब्रायडन कार्स के नाइटक्लब विवाद पर कहा, अगर मैं पूरी ईमानदारी से कहूं, तो मैं वास्तव में बेहद निराश और गुस्से में हूं. मुझे इस बात से बहुत निराशा हो रही है कि पिछले हफ्ते के प्रदर्शन के बाद, हम यहां बैठे हैं और एक ऐसी चीज के बारे में बात कर रहे हैं जिसका खेल से कोई लेना-देना ही नहीं है.

खिलाड़ियों की लगातार बेवकूफाना गलतियां खेल को कर रहा प्रभावित - जो रूट

जो रूट ने आगे कहा, "मैंने ब्रायडन से बात की है, और जब मुझे पहली बार इस बारे में पता चला तो एक इंसान के तौर पर वह मेरी सबसे बड़ी चिंता थे. मुझे नहीं लगता कि मैं कोई गलत बात कह रहा हूं अगर मैं यह कहूं कि वे बहुत परेशान हैं, बहुत क्षमाप्रार्थी (माफी मांग रहे) हैं और अपनी हरकतों को अच्छी तरह समझते हैं. मुझे पूरा भरोसा है कि जब उन्हें मौका मिलेगा, तो वह खुद भी यही बात कहेंगे. लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह सिर्फ कोई एक अकेली घटना है, बल्कि असल बात यह है कि हम खेल से दूर लगातार बेवकूफाना गलतियां कर रहे हैं और यह मैदान पर हमारे प्रदर्शन और काम से हमारा ध्यान भटका रहा है." 

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यूएस-कनाडा ट्रेड वॉर ने पकड़ा जोर, 700 से ज्यादा अमेरिकी सामान पर कनाडा लगाएगा जवाबी टैरिफ

अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है. दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता विफल होने के बाद अब कनाडा ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया है. कनाडा 700 से ज्यादा अमेरिकी उत्पादों पर 15, 25 और 50 फीसदी तक टैरिफ लगाने जा रहा है. नई व्यवस्था 8 सितंबर से लागू होने की बात कही गई है.

अमेरिका के टैरिफ का जवाब

कनाडा का यह फैसला अमेरिका की ओर से हाल में लगाए गए नए टैरिफ के जवाब में आया है. अमेरिकी प्रशासन ने करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है. इसके बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहले से चल रहा व्यापार विवाद और गहरा गया है.

कनाडा ने अब लगभग 27.6 अरब कनाडाई डॉलर यानी करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर के अमेरिकी उत्पादों को जवाबी शुल्क के दायरे में लाने का फैसला किया है.

किन अमेरिकी सामानों पर पड़ेगा असर?

कनाडा की टैरिफ सूची काफी व्यापक है. इसमें अमेरिकी स्टील, एल्युमिनियम, फर्नीचर, कपड़े, डेयरी उत्पाद, समुद्री खाद्य पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण और औद्योगिक सामान शामिल हैं. कुछ उत्पादों पर शुल्क 50% तक पहुंच सकता है.

इसका मतलब यह है कि असर केवल बड़ी अमेरिकी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा. रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कई सामान भी महंगे हो सकते हैं.

8 सितंबर से लागू होंगे नए शुल्क

कनाडा सरकार के मुताबिक जवाबी टैरिफ 8 सितंबर 2026 से प्रभावी होंगे. यह तारीख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देशों के बीच बातचीत टूटने के बाद अब व्यापारिक रिश्तों को सामान्य करने के लिए तत्काल कोई समझौता होता नजर नहीं आ रहा.

कनाडा ने इसके साथ प्रभावित कंपनियों और कामगारों के लिए लगभग 7.5 अरब कनाडाई डॉलर का सहायता पैकेज भी घोषित किया है. इसका उद्देश्य कारोबारियों की नकदी संबंधी जरूरतों और रोजगार पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है.

व्यापार वार्ता क्यों हुई फेल?

दोनों देशों के बीच हालिया बातचीत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बना सकी. कनाडा ने अमेरिका की कुछ मांगों को अपनी आर्थिक और नीतिगत स्वतंत्रता के लिए चुनौती के रूप में देखा.

व्यापार विवाद में टैरिफ के अलावा ऑटोमोबाइल, स्टील, डेयरी, डिजिटल नीतियों और अन्य क्षेत्रों को लेकर भी मतभेद हैं. इससे दोनों देशों के बीच दशकों से बने मजबूत व्यापारिक संबंधों पर दबाव बढ़ रहा है.

कनाडा ने कुछ रणनीतिक क्षेत्रों को रखा बाहर

कनाडा की जवाबी रणनीति का एक अहम पहलू यह है कि उसने कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों को तत्काल निशाना नहीं बनाया है. रिपोर्टों के मुताबिक ऊर्जा और पोटाश को मौजूदा जवाबी शुल्क से बाहर रखा गया है. इससे संकेत मिलता है कि कनाडा पूरी तरह से आर्थिक टकराव को अधिकतम स्तर तक ले जाने के बजाय चुनिंदा अमेरिकी क्षेत्रों पर दबाव बनाना चाहता है.

दोनों देशों की जनता पर क्या असर पड़ेगा?

टैरिफ का सीधा असर कंपनियों की लागत पर पड़ता है. आयात शुल्क बढ़ने पर कंपनियां अतिरिक्त लागत को उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकती हैं. इससे कई उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं और महंगाई का दबाव बढ़ सकता है.

अमेरिका और कनाडा की अर्थव्यवस्थाएं आपस में बेहद गहराई से जुड़ी हैं. इसलिए लंबे समय तक चलने वाला टैरिफ युद्ध दोनों देशों के कारोबार, सप्लाई चेन और रोजगार को प्रभावित कर सकता है. विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि ऊंचे शुल्क से कारोबार की लागत और उपभोक्ता कीमतें बढ़ सकती हैं.

क्या आगे और बढ़ेगा टकराव?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह जवाबी टैरिफ आखिरी कदम होगा या फिर व्यापार युद्ध का अगला दौर शुरू होगा. अमेरिकी प्रशासन की ओर से ऑटोमोबाइल और स्टील जैसे क्षेत्रों पर आगे भी अतिरिक्त शुल्क की चेतावनी दी गई है.

अगर दोनों देश बातचीत की मेज पर वापस नहीं लौटते हैं, तो आने वाले महीनों में टैरिफ की सूची और लंबी हो सकती है. ऐसे में दुनिया की दो करीबी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है.

अब नजर 8 सितंबर पर

कनाडा का यह कदम साफ संकेत देता है कि वह अमेरिकी टैरिफ का जवाब देने के लिए तैयार है. हालांकि कनाडा ने अपने कदम को अपने कारोबार और नागरिकों की सुरक्षा से जोड़कर पेश किया है, लेकिन इसका व्यापक असर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय माना जा रहा है.

अब असली परीक्षा 8 सितंबर से शुरू होगी, जब 700 से ज्यादा अमेरिकी उत्पादों पर कनाडा के नए जवाबी शुल्क लागू होंगे. इसके बाद अमेरिका की अगली प्रतिक्रिया ही तय करेगी कि यह विवाद बातचीत से सुलझता है या फिर अमेरिका-कनाडा ट्रेड वॉर और ज्यादा गहरा होता है.

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  Sports

India vs Sri Lanka Test: Prasidh Krishna और Manav Suthar की घातक गेंदबाजी से बैकफुट पर श्रीलंका, जीत के करीब Team India

भारत और श्रीलंका के बीच जारी दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी को लगातार झटके दिए। बारिश के कारण खेल समय से पहले रोकना पड़ा, लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका की स्थिति बेहद कमजोर नजर आई है।

भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर नौ विकेट के स्कोर पर घोषित की थी। देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने भी अर्धशतकीय पारियां खेलीं, जबकि यशस्वी जायसवाल ने 45 और रवींद्र जडेजा ने 43 रन का उपयोगी योगदान दिया। श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने चार विकेट हासिल किए हैं।

विशाल लक्ष्य के दबाव में उतरी श्रीलंकाई टीम को तीसरे दिन की शुरुआत में ही बड़ा झटका लगा। प्रसिद्ध कृष्णा ने कामिल मिशारा को आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। इसके बाद पसिंदु सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस ने कुछ देर तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। दोनों के बीच 87 रन की साझेदारी हुई, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा ने फिर कामिंदु मेंडिस को पवेलियन भेजकर अपनी तीसरी सफलता हासिल कर ली।

गौरतलब है कि प्रसिद्ध कृष्णा के प्रदर्शन से भारतीय टीम के गेंदबाजी प्रशिक्षक मोर्ने मोर्केल भी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कृष्णा की मेहनत, विपक्षी टीम के बारे में जानकारी जुटाने की आदत और खेल को समझने की क्षमता की तारीफ की। मोर्केल के मुताबिक कृष्णा लंबे समय तक भारत के लिए शानदार गेंदबाज साबित होने की क्षमता रखते हैं।

इसके बाद मानव सुथार ने श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा को आउट कर मेजबान टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। दूसरे टेस्ट में अपना केवल दूसरा मुकाबला खेल रहे पसिंदु सूरियाबंडारा ने 133 गेंदों पर 80 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन सुथार ने उन्हें पगबाधा आउट कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद मोहम्मद सिराज ने निरोशन डिकवेला को चलता कर श्रीलंका को सातवां झटका दिया।

सोनल दिनूषा और केशरा नुवानथा ने इसके बाद पारी संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 137 गेंदों पर 57 रन की साझेदारी हुई। हालांकि मानव सुथार ने नुवानथा को आउट कर यह साझेदारी तोड़ दी। दिनूषा और लाहिरु कुमारा इसके बाद क्रीज पर टिके रहे और दोनों ने नाबाद 35 रन जोड़ लिए।

बारिश के कारण तीसरे दिन का खेल समय से पहले समाप्त करना पड़ा। दिन खत्म होने तक श्रीलंका 230 रन के स्कोर पर आठ विकेट गंवा चुका था और भारत से काफी पीछे था। अब मेजबान टीम के सामने चौथे दिन सबसे बड़ी चुनौती पारी को बचाने की होगी।

इस बीच ऋषभ पंत की चोट को लेकर भी भारतीय खेमे से जानकारी सामने आई है। मोर्ने मोर्केल ने बताया कि पंत के कंधे पर चोट लगी है और वह काफी दर्द में थे। इसी वजह से तीसरे दिन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल ने संभाली। हालांकि भारतीय टीम को उम्मीद है कि पंत चौथे दिन फिर विकेट के पीछे नजर आएंगे।

बता दें कि यह मुकाबला आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है और भारतीय टीम ने पहली पारी में शानदार प्रदर्शन के बाद मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। चौथे दिन श्रीलंका को भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती का सामना करना है।
Tue, 25 Aug 2026 22:40:00 +0530

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