ठग सुकेश संग अफेयर की अफवाहों पर नोरा फतेही का बड़ा बयान, सुनाई आपबीती- 'मुझे कार और दूसरी चीजें तोहफे में दी'
नोरा फतेही ने उस मुश्किल दौर को याद किया, जब सुकेश चंद्रशेखर केस में उनसे ईडी ने पूछताछ की थी. वे तब खुद में अकेलापन महसूस कर रही थीं. लोग उन्हें बेरहम लग रहे थे. उन्होंने सुकेश चंद्रशेखर और उनके परिवार से मुलाकात और उनसे मिले तोहफों के बारे में भी बताया.
Rajasthani Kadhi: दही-बेसन से बनाएं टेस्टी राजस्थानी कढ़ी, स्वाद ऐसा कि बार-बार बनाने की होगी डिमांड
Rajasthani Kadhi: राजस्थानी खाने की पहचान उसके चटपटे स्वाद, मसालों की खुशबू और देसी अंदाज से होती है। इसी स्वाद को खास बनाने वाली पारंपरिक डिश में राजस्थानी कढ़ी का नाम भी शामिल है। बेसन और खट्टे दही से तैयार होने वाली यह कढ़ी सामान्य कढ़ी से थोड़ी अलग होती है। इसमें मसालों का संतुलन और तड़के की खुशबू इसे खास राजस्थानी स्वाद देते हैं। गरमा-गरम चावल या बाजरे की रोटी के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
अगर आप घर पर ऐसी कढ़ी बनाना चाहते हैं जिसका स्वाद पारंपरिक राजस्थानी अंदाज जैसा लगे, तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। दही और बेसन का सही अनुपात, मसालों की मात्रा और धीमी आंच पर कढ़ी पकाना इसके स्वाद को बेहतर बनाता है। आइए जानते हैं राजस्थानी कढ़ी बनाने का आसान तरीका।
राजस्थानी कढ़ी के लिए सामग्री
- 1 कप खट्टा दही
- 3 बड़े चम्मच बेसन
- 4 कप पानी
- 1-2 हरी मिर्च
- 1 छोटा चम्मच हल्दी
- 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- आधा छोटा चम्मच धनिया पाउडर
- नमक स्वादानुसार
तड़के के लिए: 1-2 बड़े चम्मच तेल या घी, आधा छोटा चम्मच जीरा, आधा छोटा चम्मच राई, एक चुटकी हींग, 1-2 सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता और थोड़ा सा मेथी दाना।
ऐसे तैयार करें राजस्थानी कढ़ी
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में दही और बेसन डालकर अच्छी तरह फेंट लें। इसमें धीरे-धीरे पानी डालते हुए मिश्रण को चलाते रहें, ताकि बेसन की गांठें न बनें। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें।
एक कड़ाही या गहरे बर्तन में थोड़ा तेल या घी गर्म करें। इसमें जीरा, राई, मेथी दाना और हींग डालें। तड़का चटकने लगे तो सूखी लाल मिर्च और करी पत्ता डाल दें। चाहें तो बारीक कटी हरी मिर्च भी डाल सकते हैं।
अब तैयार दही-बेसन का घोल तड़के में डालें और लगातार चलाते रहें। शुरुआत में इसे अच्छी तरह चलाना जरूरी है, क्योंकि तेज आंच पर दही फटने या बेसन नीचे लगने की समस्या हो सकती है। कढ़ी में उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और इसे करीब 20 से 25 मिनट तक पकने दें।
धीमी आंच पर पकाने से आएगा असली स्वाद
कढ़ी को धीमी आंच पर पकाने से बेसन अच्छी तरह पकता है और मसालों का स्वाद भी घुल जाता है। बीच-बीच में कढ़ी को चलाते रहें। अगर कढ़ी बहुत गाढ़ी हो जाए तो थोड़ा गर्म पानी डालकर इसकी कंसिस्टेंसी ठीक की जा सकती है।
आखिर में ऊपर से थोड़ा ताजा तड़का डाल सकते हैं। इसके लिए घी गर्म करके उसमें जीरा, सूखी लाल मिर्च और हींग डालें और तुरंत कढ़ी के ऊपर डाल दें। इससे खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाएंगे।
किसके साथ परोसें राजस्थानी कढ़ी?
राजस्थानी कढ़ी को गरमा-गरम चावल के साथ परोसा जा सकता है। इसके अलावा बाजरे की रोटी, मिस्सी रोटी या सादा पराठा भी इसके साथ अच्छा लगता है। ऊपर से हरा धनिया डालकर सर्व करने से इसका स्वाद और प्रस्तुति दोनों बेहतर हो जाते हैं।
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लेखक: (कीर्ति)
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