Jaipur के SMS Hospital में महिला पर गिरा पंखा, सिर में आए 15 टांके
राजस्थान के जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल के चरक भवन स्थित ईएनटी वार्ड में लगा एक पंखा सोमवार शाम एक महिला के सिर पर गिर गया, जिससे वह घायल हो गई। अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार को यह जानकारी दी। प्रशासन ने बताया कि महिला के सिर में चोट आने पर 15 टांके लगाए गए।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, करौली निवासी संतोष का ईएनटी वार्ड में कान का ऑपरेशन हुआ था और उसकी बहन रेणु (59) उसका हालचाल जानने अस्पताल पहुंची थी। प्रशासन के मुताबिक, रेणु मरीज के बिस्तर के पास रखी मेज पर बैठी थी और इसी दौरान अचानक चलता हुआ छत का पंखा गिरकर रेणु के सिर पर आ गिरा। प्रशासन ने बताया कि हादसे में रेणु के सिर से खून बहने लगा, जिससे वार्ड में अफरा-तफरी मच गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि घायल महिला करीब 10 से 15 मिनट तक वार्ड में ही उपचार का इंतजार करती रही। परिजनों के मुताबिक, करीब 10-15 मिनट बाद एम्बुलेंस पहुंची और महिला को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसके सिर पर 15 टांके लगाए। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
जूली ने ‘एक्स’ पर कहा कि भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार में प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था आईसीयू में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंखा गिरने से महिला के सिर में 12 से अधिक टांके आए। जूली ने यह भी दावा किया कि घायल महिला और उसके परिजनों को अस्पताल में करीब आधे घंटे तक इलाज व एम्बुलेंस का इंतजार करना पड़ा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “ भाजपा शासन में प्रदेश बदहाल स्थिति में है। बच्चे विद्यालय जाएं तो कभी कमरों में दबकर जान गंवाते हैं और मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचें तो कभी छत, छज्जे और पंखे ही उनकी जान के लिए खतरा बन जाते हैं।” उन्होंने कहा कि यह सरकार की लापरवाही और संवेदनहीनता का प्रमाण है। जूली ने सवाल किया कि आखिर कितने बड़े हादसे और कितनी निर्दोष मौतों के बाद सरकार नींद से जागेगी।
Achanakmar Tiger Reserve में बाघिन के हमले से युवक की मौत, मुंगेली का मामला
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में अचानकमार बाघ अभयारण्य (एटीआर) के लोरमी बफर क्षेत्र में कथित तौर पर बाघिन के हमले में 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, बांधा गांव निवासी धरमजीत धृतलहरे सोमवार सुबह चार अन्य ग्रामीणों के साथ अभयारण्य के प्रतिबंधित क्षेत्र में गया था।
वन विभाग के मुताबिक, पहाड़ पर किसी हिंसक वन्यजीव ने धरमजीत पर हमला कर दिया। विभाग ने बताया कि घायल अवस्था में उसे गांव लाया जा रहा था कि तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, धरमजीत और उसके साथी जंगल में पिहरी, करील और पुटू एकत्र करने गए थे।
उन्होंने बताया कि पाड़ा डोंगरी के पास उन्होंने एक बाघिन को दो-तीन शावकों के साथ देखा और बाघिन को अपनी ओर आते देख चारों साथी भाग गए जबकि धरमजीत गिर पड़ा और बाघिन ने उस पर हमला कर दिया। वन विभाग ने बताया कि बचाव दल को मौके पर गंभीर रूप से घायल धरमजीत मिला और प्रारंभिक जांच में गर्दन पर गंभीर चोट के निशान पाए गए। अचानकमार बाघ अभयारण्य की फील्ड डायरेक्टर प्रियंका पांडेय ने बताया कि इलाके में बाघों की आवाजाही बनी हुई है और एक बाघिन को शावकों के साथ देखा गया है।
उन्होंने बताया कि ऐसे में युवक की मौत बाघिन या उसके शावकों के हमले से होने की आशंका है। अधिकारी ने बताया कि वन विभाग घटना और वन्यजीव की पहचान की जांच कर रहा है। उन्होंने बताया कि 15 जून से 31 अक्टूबर तक बाघ अभयारण्य के वन क्षेत्रों में प्रवेश प्रतिबंधित है और ग्रामीणों को वनोपज संग्रहण के लिए क्षेत्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi











