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केमार रोच से शुरू हुआ था सिलसिला, 3 साल से तरसे, रवींद्र जडेजा ने बतौर गेंदबाज गंवाए लगातार 22 DRS

Ravindra Jadeja: भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में टेस्ट मैच खेल रहे हैं. इस मैच में श्रीलंका ने पहली पारी में 8 विकेट गंवा दिए हैं, जिसमें से सिर्फ एक विकेट रवींद्र जडेजा को मिला है. वहीं मैच के तीसरे दिन रवींद्र जडेजा ने एक खराब DRS रिव्यू गंवाया. बता दें कि इसी के साथ टेस्ट में बतौर गेंदबाज जडेजा ने लगातार 22वां रिव्यू गंवाया है, जो पिछले 2 साल से लगातार जारी है.

कोलंबो टेस्ट में रवींद्र जडेजा की गेंद पर खराब गया रिव्यू

कोलंबो टेस्ट के तीसरे दिन श्रीलंका की पहली पारी के 59वें ओवर में रवींद्र जडेजा की गेंद पर श्रीलंका के बल्लेबाज केशरा नुवांत के खिलाफ एलबीडब्ल्यू (LBW) की जोरदार अपील हुई. अंपायर ने इसे 'नॉट आउट' करार दिया. रवींद्र जडेजा के काफी भरोसा जताने पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने अंपायर के फैसले को चुनौती देते हुए DRS की मांग की. जब टीवी रिप्ले देखा गया, तो साफ नजर आया कि गेंद पैड पर लगने से पहले बल्ले का एक मोटा अंदरूनी किनारा लेकर गई थी. इसके चलते भारत को अपना रिव्यू गंवाना पड़ा. 

रवींद्र जडेजा ने गंवाया लगातार 22वां DRS 

रवींद्र जडेजा ने इसी के साथ टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजी करते हुए अपने पिछले 22 DRS रिव्यू लगातार गंवाए हैं. यानी उन्होंने जब भी कप्तान से कहकर या खुद रिव्यू लिया, तो वह गलत साबित हुआ. इन 22 खराब रिव्यू में से सिर्फ 4 रिव्यू 'अंपायर्स कॉल' रहे, जहां जडेजा की किस्मत खराब थी. बाकी 18 रिव्यू पूरी तरह से गलत साबित हुए हैं.

आखिरी बार रवींद्र जडेजा को कब मिली थी सफलता?

रवींद्र जडेजा का बतौर गेंदबाज आखिरी सफल DRS रिव्यू जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ आया था. तब उन्होंने डोमिनिका टेस्ट की पहली पारी में वेस्टइंडीज के बल्लेबाज केमार रोच के खिलाफ सफल रिव्यू लेकर उन्हें आउट किया था. उसके बाद से लेकर अब तक उनका एक भी बॉलिंग रिव्यू सफल नहीं रहा है. 

जडेजा के इतने रिव्यू क्यों हो रहे हैं गलत?

लगातार DRS गंवाने के पीछे रवींद्र जडेजा की गेंदबाजी की स्किल और उनकी अति-उत्सुकता जिम्मेदार है. जडेजा अपनी गेंदबाजी के ओवर बहुत तेजी से खत्म करते हैं. बॉल जैसे ही पैड पर लगती है, वह पूरे जोश में अंपायर की तरफ अपील करते हैं. जडेजा की अपील इतनी आक्रामक और विश्वास से भरी होती है कि कप्तान दबाव में आकर रिव्यू ले ही लेता है. विकेट के पीछे से केएल राहुल या ऋषभ पंत कई बार उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन जडेजा का भरोसा देखकर टीम अक्सर रिस्क ले लेती है, जो बाद में DRS खराब होने का कारण बनता है.

खराब DRS रिकॉर्ड के बावजूद टेस्ट क्रिकेट में जडेजा का दबदबा

रवींद्र जडेजा का भले ही DRS रिकॉर्ड बेहद खराब चल रहा हो, लेकिन एक ऑलराउंडर तौर पर उनकी काबिलियत पर कोई असर नहीं पड़ा है. उन्होंने हाल ही में अगस्त 2026 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच में अपने 350 टेस्ट विकेट पूरे किए हैं. वह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में 4000 रन  के साथ 350 विकेट लेने वाले वाले दुनिया के सिर्फ पांचवें ऑलराउंडर बने हैं. इसके अलावा जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में कई कारनामे किए हैं. 

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